Chopra Mahadev Mandir


Updated: Aug 18, 2017 07:55 AM About | Timing | History | Photo Gallery | Video | Comments | Map


चौपड़ा महादेव मन्दिर (Chopra Mahadev Mandir) -  Shastri Nagar Dholpur, Rajasthan - 328001

Vaastu proved, octagonal, Shiva Yantra shaped Prachin Kailash Dham is famous as चौपड़ा महादेव मन्दिर (Chopra Mahadev Mandir). Archaeology of India declared this temple as 500 years old structure, oldest Shiv mandir in Dholpur estate.

Jagadguru Shankaracharya Swami Shri Jayendra Saraswati has also offered Shri Shiv abhishekam in this temple. There is also a kund next to the temple. The name of this temple is known as Chaupra Mandir, because of the chaokor(square) shape of this kund. Read temple history in hindi

Read Also

Key Highlights

  • Oldest Shiv Mandir in Dholpur Estate.
  • 150 Foot High, Shiva Yantra Shaped Mandir.
  • Huge Banyan Tree with Lot of Trunk.

Information

Popular Name
प्राचीन कैलाश धाम, Prachin Kailash Dham
Event / Festival
Shivaratri, Navratri, Gupt Navratri, Janmashtami, Hanuman Jayanti, Ram Navami, Ganeshotsav, Batukbhairav Jayanti, Kalbhairav Jayanti, Sita Navami, Holi, Guru Purnima | Read Also: नवरात्रि - Navratri
Dham
Main: Shivling with Gan
Back Side: Shri HanumanShri Radha Krishn
Right Side: Shri GaneshBaba Bhairav Nath JiShri Batuk Nath Ji
YagyashalaMaa TulasiPeepal TreeBanyan TreeBanana TreeKadamb Tree
Basic Services
Prasad, Drinking Water, Shoe Store, Parking, Solar Light
Founded
Around 1500
How to Reach
Road: Chennai-Delhi Highway NH44 or Agra-Gwalior Highway
Address
Shastri Nagar Dholpur, Rajasthan - 328001
Photography
Yes (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)
Coordinates
26.701709°N, 77.889617°E

Timeline

Around 1500

Archaeology of India declared this temple as 500 years old structur.

25 June 2001

Renovate with the inspiration of Guru Mahant Jagannath Das Ji by Shri Shyamsundar Das Ji.

Photo Gallery

Photo in Full View
Chopra Mahadev Mandir

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History in Hindi

चोपड़ा शिव मंदिर के निर्माण के बारे मे कोई लेख नहीं मिलता है। पर पुरातत्व विभाग की जाँच के अनुसार मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है। इस मंदिर की ऊंचाई 150 फुट है। गर्भगृह में जाने के लिए 25 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मंदिर वास्तुकला के नजरिए से अनूठा है, इसका गर्भ गृह अष्टकोणीय है। जिसे श्री शिव यंत्र के रूप में भी देखा जाता है। इसकी आठों दीवारों में आठ दरवाजे भी हैं। हर दरवाजे पर आकर्षक मूर्तियां उकेरी गई है, और मन्दिर के प्रवेश द्वार पर ब्रह्मा जी की मूर्ति विराजमान है। मंदिर का उन्नत शिखर भी बेहद आकर्षक और बारीक खूबसूरत नक्काशी के साथ बना है।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी इस मंदिर में पधार कर अभिषेक कर चुके हैं। चोपड़ा शिव मंदिर धौलपुर शहर का सबसे प्राचीन शिव मंदिर है। मंदिर की बगल में एक कुंड भी है। इस कुंड के चोकोर होने की वजह से इस मंदिर का नाम चौपरा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। जबकि मंदिर का वास्तविक नाम प्राचीन कैलाश धाम है।

यह शिव मंदिर ग्वालियर-आगरा मार्ग पर बाईं ओर लगभग सौ कदम की दूरी पर स्थित है। मन्दिर में पूजन-अर्चन की क्रिया श्री गणेश आचार्य की देख-रेख में पूरे शास्त्रोक्त विधान से सम्पन होती हैं। शिवरात्रि, सावन माह एवं साप्ताहिक सोमवार को भारी संख्या मे भक्तजन पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर में एकत्र होते हैं।

How To Reach Chopra Mahadev Mandir

http://www.bhaktibharat.com/mandir/chopra-mahadev-mandir

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पुनर्जन्म क्या है, और क्यों होता है?

प्रश्न: पुनर्जन्म किसको कहते हैं ?
उत्तर: जब जीवात्मा एक शरीर का त्याग करके किसी दूसरे शरीर में जाती है तो इस बार बार जन्म लेने की क्रिया को पुनर्जन्म कहते हैं ।

क्या है स्वप्न आखिर?

» पहला वर्ग - दैनिक जीवन की प्रतिछाया।
» दूसरा वर्ग - अवचेतन मन से उद्घृत पूर्व संस्कार।
» तीसरा वर्ग - अलौकिक स्वप्न।

Mandir Ek Darshan

क्योंकि जब आपको ये एहसास होने लगता है कि अब कोई भी स्थान आपकी नजर से अछूता नहीं रह गया है तभी कोई नया मंदिर या फिर धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान से आपका परिचय हो सकता है।

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