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जगन्नाथ धाम - Jagannath Dham


updated: Apr 12, 2019 23:32 PM बारें में | समय सारिणी | मुख्य आकर्षण | फोटो प्रदर्शनी | वीडियो प्रदर्शनी


जगन्नाथ धाम () - Puri Puri Odisha

भारत के पूर्व दिशा में स्थित जगन्नाथ धाम को चार वैष्णव धामों में से एक माना जाता है। भारत के चार धाम आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। जहाँ हर हिंदू को अपने जीवन काल मे अवश्य जाना चाहिए, जो हिंदुओं को मोक्ष प्राप्त करने में मदद करेंगे।

श्री जगन्नाथ मंदिर, हिन्दी मे जानें
श्री जगन्नाथ मंदिर की चारों दिशाओं में चार प्रवेश द्वार हैं, जो क्रमशः पूर्व मे सिंह द्वार / मोक्ष द्वार, दक्षिण अश्व द्वार / काम द्वार, पश्चिम व्याघ्र द्वार / धर्म द्वार, उत्तर मे हाथी द्वार / कर्म द्वार स्थापित है। मंदिर के सिंह द्वार पर कोणार्क सूर्य मंदिर से लाया अरुण स्तंभ स्थापित किया गया है, तथा कोणार्क मंदिर के मुख्य विग्रह भगवान सूर्य देव को भी यहीं स्थापित कर दिया गया है। मंदिर के अश्व द्वार के साथ ही हनुमान जी का छोटा सा मंदिर है, जिसमें श्री हनुमंत लाल की विशाल विग्रह उपस्थित है। मंदिर का आर्किटेक्चर कलिंग शैली द्वारा चूना पत्थर से बना है। अभी इस मंदिर को संरक्षित करने के लिए आर्कियालजी ऑफ इंडिया ने मंदिर की बाहरी दीवारों पर सफेद रंग का जंग रोधक लेप लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार मंदिर में एकादशी दर्शन का विशेष महत्व है।

श्री जगन्नाथ रथ यात्रा
विश्व प्रसिद्ध श्री रथ यात्रा, जगन्नाथ धाम का सबसे प्रमुख त्योहार/मेला/उत्सव है। इस पवित्र यात्रा का आरंभ श्री जगन्नाथ मंदिर से होता है, और मौसी माँ मंदिर होते हुए श्री गुंडिचा मंदिर तक संपन्‍न होती है। इन तीनों मंदिरों को जोड़ती हुई तीन किलोमीटर लम्बी ग्रांडरोड है। जहाँ भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा दिनभर यात्रा करते हैं। इस यात्रा में देश-विदेश से इतने भक्त शामिल होते हैं, कि ग्रांड रोड पर पैर रखने की जगह मिलना मुश्किल होती है। जगह-जगह भक्तों द्वारा, भक्तों के लिए जल-पान व भोज की व्यवस्था की जाती है।

जगन्नाथ धाम या गोवर्धन मठ?

भारत के पूर्व दिशा में स्थित जगन्नाथ पुरी उड़ीसा राज्य में स्थित है। पुरी भार्गवी व धोदिया नदी के बीच में बसा हुआ है और बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए विश्‍व प्रसिद्ध है। द्वारका की तरह पुरी में शंकराचार्य मठ मंदिर के साथ-साथ जुड़ा नहीं है। गोवर्धन मठ मंदिर से कुछ दूरी पर देवी विमला मंदिर के साथ स्थित है।

आदि गुरु शंकराचार्य के अनुसार जगन्नाथ धाम को गोवर्धन मठ का नाम दिया गया है। गोवर्धन मठ के अंतर्गत दीक्षा प्राप्त करने वाले सन्यासियों के नाम के पीछे आरण्य नाम विशेषण लगाया जाता है। इस मठ का महावाक्य है प्रज्ञानं ब्रह्म तथा इसके अंतर्गत आने वाला वेद ऋग्वेद को रखा गया है। गोवर्धन मठ के प्रथम मठाधीश पद्मपाद थे। पद्मपाद जी आदि शंकराचार्य के प्रमुख चार शिष्यों में से एक थे।

मुख्य आकर्षण

  • गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक।
  • विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा।

समय सारिणी

दर्शन समय
6:30 AM - 9:30 PM
त्यौहार
Makar Sankranti, Vasant Panchami, Shivaratri, Holi, Ram Navami, Akshay Trutiya, Rukmani Vivah, Jagannath Rathyatra, Vaman Jayanti, Guru Purnima, Raksha Bandhan, Randhan Chatth, Janmashtami, Ganeshotsav|Ganesh Chaturthi, Navratri, Vijya Dashmi, valmiki jayanti|Sharad Poonam, Diwali, Tulsi Vivah | Read Also: चैत्र नवरात्रि 2019

फोटो प्रदर्शनी

Photo in Full View
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Available in English - Jagannath Dham
Jagannath Dham is considered to be one of the four dhams, four Vaishnava pilgrims defined by Guru Shankaracharya. One of these four pilgrims, it is the Shri Jagannath temple of Puri in the east direction of India.

जानकारियां

मंत्र
॥ जय जगन्नाथ ॥
धाम
Central Mandapm: Shri Jagannath JiBrahmajiShri Shiv BholenathL-R>> Shri HanumanKashi VishwanathChatra Bhog MandapmShankaracharya JiSatyanarayan BhagwanKalp VrakchIndraniMukti MandapmShri VasudevSurya BhagwanBrahm GaddiMaa Vimala DeviShri VanumadhavShri Gopeshwar MahadevEkadashi MandapmShri Sakchi GopalShri Kanchi GaneshNarsingh BhagwanMaa SarswatiMaa BhuwaneshwariSashthi MandapmShri Neel MadhavMaa Veda KaliShri Laxmi-NarayanMaa MahalaxmiNavgrah DhamShri Radha VallabhShri Sury BhagwanShri Ramchandra DevShri Tapasvi HanumanUttarayni MandapmSheetala MataGanga KuanYamuna KuanYagyashalaMaa TulasiPeepal Tree
बुनियादी सेवाएं
Prasad, Prasad Shop, Sitting Benches, CCTV Security, Solor Panel, Washroom, Two Well, Anna Bhog Committee, 752 Chulha
धर्मार्थ सेवाएं
धर्मशाला, भोजनालय
देख-रेख संस्था
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन, पुरी
समर्पित
श्री कृष्ण
फोटोग्राफी
नहीं (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)

वीडियो प्रदर्शनी

कैसे पहुचें

कैसे पहुचें
सड़क/मार्ग: Jagannath Sadak / Puri-Konark Marine Drive >> Grand Road
रेलवे: Puri Railway Station
हवा मार्ग: Biju Patnaik International Airport
नदी: Dhaudia
पता
Puri Puri Odisha
वेबसाइट
http://jagannath.nic.in/?q=home
निर्देशांक
19.80467°N, 85.81901°E
जगन्नाथ धाम - Jagannath Dham गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/jagannath-dham

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