करवा चौथ | अहोई अष्टमी | आज का भजन!

प्राचीन गणेश मंदिर - Prachin Ganesh Mandir


updated: Sep 07, 2019 14:59 PM 🔖 बारें में | 🕖 समय सारिणी | ♡ मुख्य आकर्षण | 📜 इतिहास | 📷 फोटो प्रदर्शनी | ✈ कैसे पहुचें | 🌍 मानचित्र | 🖋 कॉमेंट्स


प्राचीन गणेश मंदिर की स्थापना दिल्ली के विज्ञान लोक में 7 जुलाई 1994 में हुई थी। मुख्य मंदिर पाँच ऊँचे-ऊँचे शिखारों से सुसज्जित है। मंदिर प्रांगण में शिवालय एवं नवग्रह धाम भी स्थापित हैं। मंदिर को हवादार एवं रमणीय बनाए रखने के लिए, बहुत सारे पेड़-पौधे लगाए गये हैं।

इस मंदिर का नाम प्राचीन गणेश मंदिर क्यों रखा गया है?
यह माना जाता है कि विज्ञान लोक में एक पुराना कुआं था, और कुछ खंडहर उसके पास पाए गए थे एक खंडहर के बीच एक मूर्ति मिली। इस बात की प्रबल संभावना थी, कि किसी जमाने में यहाँ एक गणेश मंदिर था।

वर्तमान मंदिर उसी ऊर्जा का परिणाम है। इसलिए सर्वसम्मति के साथ यह निर्णय लिया गया, कि मंदिर का नाम प्राचीन गणेश मंदिर ही रखा जाए है। मंदिर समिति का मानना है, कि हम सभी हर पल प्रगति कर रहे हैं, यह सब श्री गणेश की ही कृपा है। मंदिर की सम्पूर्ण कहानी... कलाम की जुवानी! नीचे फोटो गॅलरी मे दी गई है..

प्रचलित नाम: विज्ञान लोक गणेश मंदिर

मुख्य आकर्षण

  • विज्ञान लोक, दिल्ली का पुरातन श्री गणेश मंदिर।
  • मंदिर में शिवालय एवं नवग्रह धाम की उपस्थिति।

समय सारिणी

दर्शन समय
5:00 AM - 9:30 PM
त्यौहार

फोटो प्रदर्शनी

Photo in Full View
A full front outside view of main temple

A full front outside view of main temple

A front inner view of main Shri Ganesh temple from outside

A front inner view of main Shri Ganesh temple from outside

A front inner view of main Shri Ganesh temple

A front inner view of main Shri Ganesh temple

A front outside view of main panch shikhar

A front outside view of main panch shikhar

!! Shri Shri Ganesh Ji Maharaj !!

!! Shri Shri Ganesh Ji Maharaj !!

A front outside view of main panch shikhar

A front outside view of main panch shikhar

Navgrah Dham inaugurated on 14 Jun 2010

Navgrah Dham inaugurated on 14 Jun 2010

Light facility for night support

Light facility for night support

Shivalay first temple among all group of Prachin Ganesh Mandir

Shivalay first temple among all group of Prachin Ganesh Mandir

Mandir ki Kahani! Kalam Ki Juwani 1/3

Mandir ki Kahani! Kalam Ki Juwani 1/3

Mandir ki Kahani! Kalam Ki Juwani 2/3

Mandir ki Kahani! Kalam Ki Juwani 2/3

Mandir ki Kahani! Kalam Ki Juwani 3/3

Mandir ki Kahani! Kalam Ki Juwani 3/3

Under construction office in Prachin Ganesh Mandir

Under construction office in Prachin Ganesh Mandir

BhaktiBharat.com

BhaktiBharat.com

Prachin Ganesh Mandir - Available in English

Prachin Ganesh Mandir founded in 7 Jul 1994. Main temple have panch shikhar along with Shivlay and Navgrah dham.

जानकारियां

बुनियादी सेवाएं
Prasad, Drinking Water, Puja Samagri Power Backup, Shoe Store, CCTV Security, Sitting Benches, Music System
संस्थापक
प्राचीन गणेश मंदिर समिति
स्थापना
7 जुलाई 1994
देख-रेख संस्था
प्राचीन गणेश मंदिर समिति
समर्पित
भगवान श्री गणेश
फोटोग्राफी
हाँ जी (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)

क्रमवद्ध

7 Jul 1994

मंदिर समिति का रेजिस्ट्रेशन।

10 Feb 2000

प्राण प्रतिष्ठा - बसंत पंचमी के दिन।

14 Jun 2010

नवग्रह धाम की प्राण प्रतिष्ठा।

कैसे पहुचें

पता 📧
Vigyan Lok, Anand Vihar Delhi New Delhi
सड़क/मार्ग 🚗
Ghazipur Road >> Unnati Marg
रेलवे 🚉
Anand Vihar, New Delhi
हवा मार्ग ✈
Indira Gandhi International Airport, New Delhi
नदी ⛵
Yamuna
निर्देशांक 🌐
28.655938°N, 77.314487°E
प्राचीन गणेश मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/prachin-ganesh-mandir

अगला मंदिर दर्शन

अपने विचार यहाँ लिखें

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती: तुलसी महारानी नमो-नमो!

तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो। धन तुलसी पूरण तप कीनो, शालिग्राम बनी पटरानी।

आरती: जय जय तुलसी माता

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता। सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।...

top