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आरती

आरती (Aarti, Arti, arati) is a special love, benevolence and gratitude songs which is the part of puja ritual with ghee or oil deepak (lamp). Aarti is performed for God, divine elements or Guru (spiritual teacher). Bhakti Bharat updates you 50+ aarti lyrics.

आरती: ॐ जय जगदीश हरे!

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

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श्री भैरव देव जी आरती

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा, जय काली और गौर देवी कृत सेवा॥

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आरती: श्री गंगा मैया जी

ॐ जय गंगे माता श्री जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता॥हर हर गंगे, जय माँ गंगे...

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आरती: श्री हनुमान जी

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे॥

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आरती: श्री शनि - जय शनि देवा

जय शनि देवा, जय शनि देवा, जय जय जय शनि देवा। अखिल सृष्टि में कोटि-कोटि जन करें तुम्हारी सेवा।

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श्री सूर्य देव - जय जय रविदेव।

जय जय जय रविदेव जय जय जय रविदेव। रजनीपति मदहारी शतलद जीवन दाता॥

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आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो!

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको। दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको।...

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आरती: भगवान श्री शीतलनाथ जी

ॐ जय शीतलनाथ स्वामी, स्वामी जय शीतलनाथ स्वामी। घृत दीपक से करू आरती, घृत दीपक से करू आरती।

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आरती: श्री विश्वकर्मा जी

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

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आरती: श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै रामचन्द्र जी की। हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥

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