खंडवा स्थित दादा दरबार संत दादा गुरु (दादा महाराज) से जुड़ा एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक और तीर्थस्थल है। इसे ध्यान, सेवा और भक्ति का पवित्र स्थान माना जाता है, जहाँ भारत भर से हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं।
दादा दरबार खंडवा की मुख्य विशेषताएं
❀ दादा दरबार खंडवा के संस्थापक संत दादा गुरु हैं। दरबार परिसर में दादा गुरु की समाधि, ध्यान कक्ष और सेवा क्षेत्र शामिल हैं। उन्हें दादाजी धूनीवाले के नाम से भी जाना जाता है।
❀ उन्हें अक्सर भगवान शिव के अवतार के रूप में पूजा जाता है।
❀ दादा दरबार विशेष रूप से सादगी, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा पर जोर देने के लिए जाना जाता है। अनुयायियों का मानना है कि यहाँ सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थनाएँ आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
❀ दादाजी धाम में प्रवेश करने के बाद आपको केवल जय श्री हरि की ध्वनि सुनाई देगी। कहा जाता है कि दादाजी की धूनी बड़े दादाजी द्वारा प्रज्वलित की गई थी और आज भी यह जल रही है और लोगों के दुखों को दूर कर रही है। यहां दो समाधियां हैं, एक बड़े दादाजी की और दूसरी छोटे दादाजी हरिहरानंद की है। असीम आध्यात्मिक और मानसिक अनुभूति के लिए अवश्य दर्शन करें।
❀ श्री बड़े दादाजी महाराज ने अपनी समाधि के माध्यम से इस भूमि को पवित्र किया और उनके दिव्य चमत्कार अतुलनीय हैं। भक्तिभारत के अनुसार, विश्व भर में लाखों भक्त उनकी दिव्य उपस्थिति और मार्गदर्शन में आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहते हैं।
दादा दरबार खंडवा दर्शन समय
दादा दरबार खंडवा पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक है।
लाइव दर्शन (ऑनलाइन) प्रतिदिन निम्न समय पर प्रसारित किया जाता है:
• सुबह का सत्र: सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
• दोपहर का सत्र: दोपहर 1:15 बजे से शाम 4:00 बजे तक
• शाम का सत्र: शाम 4:45 बजे से रात 8:30 बजे तक
दादा दरबार खंडवा के प्रमुख त्यौहार
गुरु पूर्णिमा और दादा गुरु जयंती बड़े जनसमूह, भजन और सामुदायिक भोज (भंडारों) के साथ मनाए जाते हैं।
दादा दरबार खंडवा कैसे पहुँचें
दादा दरबार मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में स्थित है। यह शहर सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है और निकटतम रेलवे स्टेशन खंडवा जंक्शन है जो मात्र 3 किमी दूर है।
4 AM - 10 PM
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