होलिका दहन | चैत्र नवरात्रि | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

आरती: श्री गणेश जी


गणेश उत्सव मे सर्वमान्य श्री गणेश आरती का अपना अलग ही महत्व है:

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥ जय गणेश जय गणेश...॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥ जय गणेश जय गणेश...॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥ जय गणेश जय गणेश...॥

'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश जय गणेश...॥

----- Additional -----
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥ जय गणेश जय गणेश...॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा॥
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

Read Also
» गणेशोत्सव - Ganesh + Utsav
» दिल्ली मे यहाँ विराजमान हैं, श्री गणेश जी!
» दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर!
» आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो! | भोग आरती: श्री गणेश जी
» पारंपरिक मोदक बनाने की विधि! | मावा के मोदक बनाने की विधि | बेसन के लड्‍डू बनाने की विधि

AartiShri Ganesh AartiGanpati Aarti


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

आरती युगलकिशोर की कीजै!

आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्योछावर कीजै॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै।...

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।...

माता श्री गायत्री जी की आरती

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥

आरती: जय जय तुलसी माता

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता। सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥

श्री जानकीनाथ जी की आरती

ॐ जय जानकिनाथा, हो प्रभु जय श्री रघुनाथा। दोउ कर जोड़े विनवौं,

आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली

ओइम् जय वीणे वाली, मैया जय वीणे वाली, ऋद्धि-सिद्धि की रहती, हाथ तेरे ताली।...

आरती: माँ सरस्वती जी

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

आरती: ॐ जय जगदीश हरे!

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

आरती: श्री हनुमान जी

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे॥

close this ads
^
top