मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
प्राचीन हनुमान मंदिर, अलीगंज @Lodhi Road New Delhi
दिल्ली के अलीगंज में स्थित सिद्ध श्री प्राचीन हनुमान मंदिर भक्तों के बीच मनोकामनयों की सिद्धि के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है। मंदिर की प्राचीनता का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है..
| ◉ मनोकामना सिद्ध श्री हनुमान मंदिर। |
| ◉ 5 अप्रैल 2004 से श्री हनुमंत लाल सिद्ध पीठ। |
अशोक वाटिका @Seetha Eliya Central Sri Lanka
अशोक वाटिका, जो रामायण के अनुसार श्रीलंका में रावण के राज्य में स्थित है। माना जाता है कि इसका वर्तमान स्थान हकगला बॉटनिकल गार्डन है, जिसे सीता एलिया के नाम से जाना जाता है।
| ◉ अशोक वाटिका जो श्रीलंका में स्थित है यहीं हनुमान जी की मुलाकात सीता माता से हुई थी। पत्थर पर हनुमंत के पदचिह्न हैं। |
| ◉ स्थानीय तमिल हिंदू अशोक वाटिका को अशोक वनम कहते हैं। |
| ◉ अशोक वाटिका की खासियत इसकी काली मिट्टी है जो राख जैसी दिखती है। |
हनुमान मंदिर, इंद्रपुरम @Ghaziabad Uttar Pradesh
इंदिरपुरम के कनावनी गांव का यह पुराना श्री सिद्ध मनोकामना हनुमान मंदिर राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड, वसुंधरा-इंदिरपुरम, मोहन नगर लिंक रोड तथा सुचेता कृपलानी मार्ग के संगम पर स्थापित है।
| ◉ मंगलवार एवं शनिवार को भक्तों की संख्या अधिक होती है। |
| ◉ मंदिर द्वारा अखंड धुना संचालित है। |
| ◉ इंदिरपुरम के कनावनी गांव का यह पुराना सिद्ध हनुमान मंदिर। |
सिरसी मारिकाम्बा मंदिर @Sirsi Karnataka
सिरसी मारिकाम्बा मंदिर कर्नाटक के सबसे सम्मानित शक्तिपीठों में से एक है, जो उत्तर कन्नड़ जिले के सिरसी में स्थित है। देवी दुर्गा (पार्वती/काली) के शक्तिशाली रूप, देवी मारिकाम्बा को समर्पित यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है और दक्षिण भारत भर से भक्तों को आकर्षित करता है।
| ◉ यह मंदिर दुर्गा के उग्र रूप माता मारिकाम्बा को समर्पित है। |
| ◉ यह मंदिर अपनी प्रभावशाली लकड़ी की मूर्ति और कावी भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। |
| ◉ यह कर्नाटक के सबसे महत्वपूर्ण शक्ति मंदिरों में से एक है। |
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग @Dwarka Gujarat
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग नागों के ईश्वर रूप में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह गुजरात के द्वारका धाम से 17 किलोमीटर बाहरी क्षेत्र की ओर स्थित है।
| ◉ बारह के बीच में गुजरात का दूसरा आदी ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ भगवान शिब की बड़ी ध्यान मुद्रा मूर्ति। |
| ◉ दर्शन का समय शाम 6 बजे से 12:30 बजे, शाम 5:30 बजे तक। |
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग @Somnath Gujarat
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर भारत के बारह(12) आदि ज्योतिर्लिंगों में से सबसे प्रथम है। सोमनाथ मे सोम का अर्थ है चंद्र देव (चंद्रमा), तथा नाथ का अर्थ भगवान है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग मे पहला आदी ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ आरती समय: सुबह 7:00 बजे, दोपहर 12:00 बजे और शाम 8:00 बजे। |
| ◉ दैनिक प्रकाश और ध्वनि शो। |
| ◉ दाहिनी ओर शिव महिमा झाँकियाँ। |
| ◉ मंदिर का कलश 15 मीटर और ऊँचाई, ध्वज दंड 8.2 मीटर है। |
द्वारका धाम @Dwarka Gujarat
द्वारका धाम सात मोक्ष पुरी में से एक माना जाता है। इन चार तीर्थों मे से एक भारत की पश्चिम दिशा मे द्वारका का यह श्री द्वारकाधीश मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી દ્વારકાધીશ મન્દિર) है।
| ◉ आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक। |
| ◉ सनातन सप्त मोक्ष पुरी में से एक। |
| ◉ मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के पोते द्वारा किया गया था। |
अंजनी माता मंदिर करौली @Bada Pachana Rajasthan
अंजनी माता मंदिर राजस्थान के करौली में पंचना नदी से घिरा हुआ है और त्रिकूट पर्वत की पहाड़ी पर स्थित है। माता का मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक पर्यटन स्थल भी है।
| ◉ मंदिर में माता अंजनी बाल हनुमान को गोद में लेकर बैठी हैं और हनुमान जी को दूध पिला रही हैं। |
| ◉ ऐसा माना जाता है कि देवी का नाम लेने से कान के रोग ठीक हो जाते हैं। |
श्री नीलम माता वैष्णो मंदिर @Delhi New Delhi
यह पूर्वी दिल्ली का सबसे बड़ा, वही माँ वैष्णो का पवित्र धाम श्री नीलम माता वैष्णो मंदिर है।
| ◉ पूर्वी दिल्ली का सबसे बड़ा माता मंदिर। |
| ◉ शाम को माता वैष्णो गुफा के दर्शन होते हैं। |
| ◉ मंगलवार को माता की चौकी और भंडारे का आयोजन होता है। |
चौंसठ योगिनी मंदिर @Morena Madhya Pradesh
चौंसठ योगिनी मितावली मंदिर प्राचीन भारतीय वास्तुकला का वृत्ताकार योजना वाला एक बहुत ही अनोखा और शानदार मंदिर है। भारत की संसद भवन इसी योगिनी मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित है...
| ◉ भारत की संसद भवन इसी की वास्तुकला से प्रेरित है। |
| ◉ आंतरिक भाग में कुल 5 परिक्रमा पथ हैं। |
| ◉ मंदिर का निर्माण महाराज देवपाल द्वारा 1323 ई. में। |
| ◉ यह मंदिर राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक के अंतर्गत आता है। |
पहुआ वाली माता @Gwalior Madhya Pradesh
पहुआ-पहुआ अर्थात पैदल-पैदल जाते हुए भक्त यहाँ अल्प-विश्राम हेतु रुकते थे। आज यही कैला मैया को समर्पित मंदिर जनमानस के बीच पहुआ वाली माता के मंदिर के नाम से ही प्रसिद्द है।
| ◉ कैला मैया को समर्पित मंदिर। |
| ◉ बाबा भैरवनाथ तथा भगवन शिव का धाम स्थापित। |