मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
भूतनाथ मंदिर लखनऊ @Lucknow Uttar Pradesh
बाबा भूतनाथ मंदिर लखनऊ के इंदिरा नगर के भूतनाथ मार्केट में स्थित है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से एक है।
| ◉ भूतनाथ मंदिर लखनऊ के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से एक है। |
| ◉ प्रभु हनुमान और भगवान शिव मंदिर के मुख्य देवता हैं। |
| ◉ बाबा भूतनाथ मंदिर एक शक्ति साधना स्थल है। |
| ◉ इस मंदिर की मुख्य देवी माँ कामाख्या हैं। |
गुप्त वृंदावन धाम जयपुर @Jaipur Rajasthan
गुप्त वृंदावन धाम राजस्थान के जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में विकसित हो रहा एक भव्य मंदिर एवं सांस्कृतिक परिसर है। इसे राजस्थान के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है।
| ◉ राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर परिसर - 17 मंज़िला मंदिर और सांस्कृतिक परिसर। |
| ◉ मंदिर में मंत्र-जाप के लिए पत्थरों से बना एक अनोखा 108-पत्थरों वाला रास्ता है। |
थावेवाली मंदिर @Chitu Tola Bihar
थावे दुर्गा मंदिर, जिसे 'माँ थावेवाली मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है, बिहार के सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है।
| ◉ यहाँ माता की प्रतिमा पूरी तरह से काले पत्थर से गढ़ी गई है। |
| ◉ माँ थावेवाली अपने भक्तों की सच्ची मनोकामनाएं पूरी करती हैं। |
| ◉ नवरात्रि के दौरान भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। |
बरखंडी सिरसागंज @Sirsaganj Uttar Pradesh
सिरसागंज शहर का सबसे प्रसिद्ध एवं पुरातन मंदिर, श्री वनखण्डेश्वर मंदिर, इस धार्मिक स्थल को स्थानीय समुदाय द्वारा साधारण बोल-चाल की भाषा में बरखंडी कहा जाता है।
| ◉ सिरसागंज शहर का सबसे प्रसिद्ध तथा पुराना मंदिर। |
| ◉ साधारण बोल-चाल की भाषा में बरखंडी कहा जाता है। |
चक्करपुर शिव मंदिर @Gurugram Haryana
प्राचीन शिव मंदिर, चक्करपुर गाँव का प्राचीनतम मंदिर होने के साथ-साथ यहाँ के निवासियों का ग्राम देवता मंदिर भी है।
| ◉ चक्करपुर गाँव का ग्राम देवता शिव मंदिर। |
| ◉ बाबा सुन्दरनाथ द्वारा स्थापित अखंड धूना। |
ठाकुरबाड़ी मंदिर गंगटोक @Gangtok Sikkim
सिक्किम के गंगटोक में स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर, इस क्षेत्र के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण हिंदू मंदिरों में से एक है। ठाकुरबाई मंदिर भगवान शिव और भगवान सूर्य को समर्पित है।
| ◉ ठाकुरबाड़ी मंदिर गंगटोक में हिंदू समुदाय के लिए एक प्रमुख मंदिर है। |
| ◉ ठाकुरबाड़ी मंदिर भगवान शिव और भगवान सूर्य को समर्पित है। |
| ◉ छठ पूजा, महा शिवरात्रि और बाला चतुर्दशी मंदिर के प्रमुख त्यौहार हैं। |
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर @Ghaziabad Uttar Pradesh
कश्मीरी समाज के द्वारा बनी कमेटी ने श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण सेंट्रल पार्क के निकट कराया है। मंदिर में वैशाली का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है।
| ◉ वैशाली के मंदिरों में से सबसे बड़ा शिवलिंग। |
| ◉ साथ ही गुरु श्री गोपीनाथ जी आश्रम से भी जुड़ें। |
मुक्ति धाम, मुकाम @Nokha, Mukam Rajasthan
मुक्ति धाम, मुकाम राजस्थान के बीकानेर के पास स्थित है जहां बिश्नोईसमाज के प्रवर्त्तक गुरु जम्भेश्वर का लोकप्रिय मंदिर है जिसे मुक्ति धाम मुकाम के नाम से भी जाना जाता है।
| ◉ मुक्ति धाम, मुकाम बिश्नोईसमाज के प्रवर्त्तक गुरु जम्भेश्वर का लोकप्रिय मंदिर है। |
| ◉ मुक्तिधाम मुकाम में वर्ष में फाल्गुन और आसोज की अमावस्या को दो मेले लगते है। |
| ◉ हर अमावस्या मुक्ति धाम, मुकाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते हैं। |
जगदीश मंदिर @Udaipur Rajasthan
श्री जगदीश मंदिर, राजस्थान के उदयपुर शहर के मध्य में सिटी पैलेस के पास स्थित सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है।
| ◉ श्री जगदीश मंदिर, सिटी पैलेस के पास स्थित सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। |
| ◉ मुख्य मंदिर में भगवान विष्णु की एक काले पत्थर की मूर्ति विराजमान है। |
| ◉ यह मंदिर अपनी दैनिक आरती और विष्णु महापूजा के लिए प्रसिद्ध है। |
राजा-रानी मंदिर @Bhubaneswar Odisha
राजा-रानी मंदिर का निर्माण सुस्त लाल और पीले बलुआ पत्थर से किया गया था, जिसे स्थानीय लोग राजा-रानी के नाम से बुलाते हैं अतः मंदिर का नाम राजा-रानी मंदिर पड़ा है।
| ◉ मंदिर में न कोई मूर्ति तथा न पूजा नहीं होती है। |
| ◉ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित। |
| ◉ एक विशाल सुंदर उपवन से घिरा हुआ। |
रंगजी मंदिर @Vrindavan Uttar Pradesh
श्री रंगजी मंदिर कांचीपुरम के वरदराज पेरुमाल मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित है।
| ◉ 284 स्तंभों पर मंदिर का निर्माण। |
| ◉ श्री पुष्करणी कुंड, बारहद्वारी और दो तरफा प्रवेश द्वार। |