मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
108 फुट संकट मोचन धाम @Jhandewalan New Delhi
108 फुट संकट मोचन धाम, श्री हनुमंत लाल की विश्व की दूसरी सबसे उँची मूर्ति के लिए प्रषिद्ध है। मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन नागाबाबा श्री सेवागिरी जी महाराज ने कराया था, झंडेवालान मेट्रो स्टेशन, दिल्ली..
| ◉ दुनिया में दूसरा सबसे ऊंचा श्री हनुमान मूर्ति। |
| ◉ हनुमान जयंती के दौरान दिल्ली का सबसे प्रसिद्ध मंदिर। |
| ◉ हनुमान मूर्ति का निर्माण कार्य: 13 मई 1994 से 2 अप्रैल 2007 |
श्री हनुमान मंदिर @Bhimashankar Maharashtra
भीमशंकर ज्योतिर्लिंग से 1.5 किलोमीटर दूर तथा नागफनी पॉइंट के निकट, भीमाशंकर फॉरेस्ट रिजर्व के बीच बना यह श्री हनुमान मंदिर ऋषियों-सन्यासियों की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है।
| ◉ भीमाशंकर फॉरेस्ट रिजर्व के बीच बना हनुमान मंदिर। |
| ◉ तपस्या करने वाले सन्यासियों की तपोभूमि। |
मकरध्वज मंदिर @Dwarka Gujarat
श्री मकरध्वज हनुमान मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી મકાર્ધવજ હનુમાન મંદિર) पिता-पुत्र के आनंदपूर्ण मिलन का सर्वप्रथम मंदिर है। यह देवभूमि द्वारका जिले के अंतर्गत बेट द्वारका या शंखोधर द्वीप पर स्थित है। मंदिर के गर्भग्रह में प्रवेश करते ही आप पिता और पुत्र के दर्शन कर सकते हैं।
| ◉ प्रथम श्री मकरध्वज और श्री हनुमान का एक साथ मंदिर। |
| ◉ बिना किसी हथियार, आनंद मुद्रा पिता पुत्र विग्रह हैं। |
| ◉ विजयदशमी और हनुमान जयंती सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। |
| ◉ 24x7 श्री राम जय राम जय जय राम॥ मंत्र का जप। |
हनुमान मंदिर, सोभ @Sobh Bihar
कोलकाता से वाराणसी जाने वाले रास्ते के बीच बिहार के गया जिले के अंतर्गत आने वाले सोभ नामक स्थान पर स्थित है महावीर हनुमान हनुमंत लाल का यह भव्य श्री हनुमान मंदिर।
| ◉ सोभ का सबसे प्रसिद्ध मंदिर। |
| ◉ हनुमान जन्मोत्सव सबसे धूम-धाम से मनाए जाने वाला त्यौहार। |
मतंगेश्वर मंदिर @Khajuraho Madhya Pradesh
मतंगेश्वर मंदिर मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले में खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में स्थित सबसे पुराने और आध्यात्मिक रूप से सक्रिय मंदिरों में से एक है।
| ◉ 10वीं सदी का प्राचीन शिव मंदिर। |
| ◉ 8 फ़ीट ऊँचा विशाल शिव लिंगम है। |
| ◉ यह यूनेस्को (UNESCO) की सूची में शामिल खजुराहो परिसर में स्थित है। |
महामाया मंदिर बिलासपुर @Ratanpur Chhattisgarh
माँ महामाया को रतनपुर की मुख्य देवी के रूप में पूजा जाता है।
| ◉ महामाया देवी मंदिर में देवी सती का दाहिना कंधा गिरा था। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूपों को पूजा जाता है। |
सारसबाग गणपती मंदिर @Pune Maharashtra
भगवान श्री गणेश को समर्पित सारसबाग गणपती मंदिर का एक सुंदर एवं समृद्ध ऐतिहासिक अतीत है। मंदिर के प्रमुख आराध्य श्री गणेश को श्री सिद्धिविनायक कहा जाता है, क्योंकि इसकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है।
| ◉ महाराष्ट्र के प्राचीनतम ऐतिहासिक मंदिरों में स्थान। |
| ◉ मंदिर, झील, पार्क, व संग्रहालय का सुंदर समावेश। |
| ◉ पेशवा काल के स्वतंत्रता युद्धों का गुप्त मंत्रणा केंद्र। |
चिंतामन गणेश मंदिर @ Ujjain Madhya Pradesh
चिंतामन गणेश मंदिर, मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में है। भगवान गणेश का यह सबसे प्राचीन मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर जवास्या गांव में बना है।
| ◉ चिंतामन गणेश भक्तों को चिंताओं से मुक्ति दिलाते हैं। |
| ◉ चिंतामन गणेश माता सीता द्वारा स्थापित षट् (6) विनायकों में से एक है। |
| ◉ चिंतामन गणेश मंदिर में चैत्र माह के प्रत्येक बुधवार को मेला लगता है। |
| ◉ यह स्थान विवाह और तुलादान समारोहों के लिए विशेष प्रासंगिकता रखता है। |
कंदरिया महादेव मंदिर @Khajuraho Sevagram, Khajuraho, Madhya Pradesh
कंदरिया महादेव मंदिर भारत के मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खजुराहो में स्थित है। इसे भारत में मध्यकाल से संरक्षित मंदिरों के सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक माना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
| ◉ कंदरिया महादेव मंदिर संधार शैली और सप्त रथ शैली में बना है। |
| ◉ कंदरिया महादेव मंदिर अपनी आश्चर्यजनक वास्तुकला और जटिल पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है। |
मुंडेश्वरी मंदिर @Bhabua Bihar
मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के बिहार राज्य के कैमूर जिले में मुंडेश्वरी पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से माँ मुंडेश्वरी (शक्ति) और भगवान शिव को समर्पित है।
| ◉ मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के सबसे खास प्राचीन हिंदू मंदिरों में से एक है। |
| ◉ यह मंदिर अपनी अष्टकोणीय वास्तुकला के लिए जाना जाता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह के बीच में एक पंचमुखी शिवलिंग स्थापित है। |
ग्वालियर सूर्य मंदिर @Gwalior Madhya Pradesh
मंदिर का निर्माण इतिहास: इस मंदिर का निर्माण श्री घनश्याम दास जी बिरला की प्रेरणा से बसंत कुमार जी बिरला ने करवाया | सूर्य मंदिर का स्वरूप | मंदिर का गर्भगृह | सूर्य मंदिर का बाहरी स्वरूप | सूर्य मंदिर में अन्य मूर्तियाँ एवं मण्डपम्
| ◉ मंदिर में कुल 373 मूर्तियां है। |
| ◉ बीसवीं सदी का एकमात्र सूर्य मंदिर। |
| ◉ 20500 वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैला, 76 फीट 1 इंच उँचा। |
| ◉ बिरला ग्रूप द्वारा संचालित मंदिर। |