मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
बाबा बैद्यनाथ मंदिर @Deoghar Jharkhand
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, जिसे आमतौर पर बैद्यनाथ धाम के रूप में भी जाना जाता है, भगवान शिव का सबसे पवित्र निवास माना जाता है। झारखंड के देवघर में स्थित बैद्यनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में झारखंड का एक मात्र ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ माता सती के 52 शक्तिपीठों में से एक, माता का हृदय विराजमान है। |
भोगनंदीश्वर मंदिर @Bengaluru Karnataka
भोगनंदीश्वर मंदिर, जिसे श्री भोग नंदीश्वर गुडी के नाम से भी जाना जाता है, कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास नंदी गांव में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहाँ के मुख्य देवता भगवान शिव हैं, जिनकी पूजा भोगनंदीश्वर के रूप में की जाती है।
| ◉ भोगनंदीश्वर मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है। |
| ◉ मंदिर परिसर में भोगनंदीश्वर और अरुणाचलेश्वर मंदिर के साथ साथ उमा महेश्वर मंदिर भी शामिल हैं। |
| ◉ इस मंदिर को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के तौर पर संरक्षित किया गया है और इसके संरक्षण का काम भी किया गया है। |
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग @Trimbak Maharashtra
श्री त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग तीन छोटे-छोटे लिंग ब्रह्मा, विष्णु और शिव प्रतीक स्वरूप, त्रि-नेत्रों वाले भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में महाराष्ट्र का पहला ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ कालसर्प शांति, त्रिपिंडी विधि और नारायण नागबलि पूजा का प्रमुख स्थान। |
द्वारका धाम @Dwarka Gujarat
द्वारका धाम सात मोक्ष पुरी में से एक माना जाता है। इन चार तीर्थों मे से एक भारत की पश्चिम दिशा मे द्वारका का यह श्री द्वारकाधीश मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી દ્વારકાધીશ મન્દિર) है।
| ◉ आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक। |
| ◉ सनातन सप्त मोक्ष पुरी में से एक। |
| ◉ मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के पोते द्वारा किया गया था। |
कोकिलावन शनि मंदिर @Bathain Kalan Uttar Pradesh
प्रसिद्ध कोकिलावन शनिदेव मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश में मथुरा के निकट कोसी कलां में स्थित है, जिसे कोकिलावन धाम कहा जाता है। यह शनिदेव और उनके गुरु बरखंडी बाबा का बहुत प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच स्थित है। इसी कारण इसका नाम कोकिलावन है। पूरे भारत से लोग यहां पूजा करने आते हैं।
| ◉ श्री कृष्ण ने शनिदेव को कोयल के रूप में दर्शन दिए थे, इसलिए इस वन को कोकिलावन के नाम से जाना जाता है। |
| ◉ मान्यता है कि यहां आने वाले सभी लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। |
| ◉ सूर्यकुंड में स्नान करके शनिदेव की मूर्ति पर तेल आदि चढ़ाकर पूजा करते हैं। कोकिला धाम में हर शनिवार लाखों श्रद्धालु आते हैं। |
सेवोकेश्वरी काली मंदिर सिलीगुड़ी @Siliguri West Bengal
सेवोकेश्वरी काली मंदिर या आमतौर पर सेवोके काली मंदिर के रूप में जाना जाता है, जो कलिम्पोंग के रास्ते में सिलीगुड़ी से 26 किमी की दूरी पर स्थित है, देवी काली को समर्पित एक पवित्र मंदिर है।
| ◉ सेवोकेश्वरी काली मंदिर आमतौर पर सेवोके काली मंदिर के रूप में जाना जाता है। |
| ◉ देवी के दर्शन करने और ऊपर से कंचनजंगा चोटी की हल्की सी झलक पाने के लिए लगभग 107 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। |
| ◉ नवरात्रि के दौरान देवी का हजारों फूलों से श्रृंगार किया जाता है और मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है। |
गीता गायत्री मंदिर @Gurugram Haryana
सत्यम शिवम सुंदरम सोसाइटी द्वारा निर्मित भगवान श्री कृष्ण तथा वेदमाता गायत्री को समर्पित यह मंदिर गीता गायत्री धाम के नाम से जाना जाता है।
| ◉ विग्रहों की विशिष्ट सजावट शैली एक दूसरे से बिल्कुल भिन्न है। |
| ◉ भगवान श्री कृष्ण तथा वेदमाता गायत्री को समर्पित है, यह मंदिर। |
उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर @Mayur Vihar New Delhi
श्री उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर जो की भगवान विष्णु के एक रूप है, मयूर विहार फेज 1 मेट्रो स्टेशन के पास स्थित है। भगवान श्री उत्तरा गुरुवायुरप्पन मुख्य रूप से केरल में पूजा की जाती है। मंदिर की स्थापना 17 मई 1983 को हुई थी।
| ◉ भगवान विष्णु, श्री उत्तरा गुरुवायुरप्पन, केरल शैली का मंदिर |
श्री शिव मंदिर @Ghaziabad Uttar Pradesh
शक्ति खंड, इंद्रापुरम के भक्तों की मदद से, पंडित श्री कुलदीप शर्मा ने हिंडन नहर के किनारे श्री शिव मंदिर को स्थापित करने और मंदिर को बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
| ◉ शक्ति खंड, इंद्रापुरम में हिंडन नहर के किनारे स्थित मंदिर। |
| ◉ शिवरात्रि, जन्माष्टमी एवं नवरात्रि मंदिर की प्रमुख त्यौहार। |
शिवसागर शिवडोल @Dolmukh Chariali Assam
शिवसागर शिवडोल असम के सबसे मशहूर शिव मंदिरों में से एक है जो की शिवसागर असम में स्थित है। यह भगवान शिव को समर्पित है और पूर्वोत्तर भारत के सबसे पवित्र शिव मंदिरों में से एक माना जाता है।
| ◉ यह भारत के सबसे ऊँचे शिव मंदिरों में से एक है और असम का सबसे ऊँचा शिव मंदिर है। |
| ◉ यह मंदिर अपनी शानदार अहोम वास्तुकला और पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी के लिए मशहूर है। |
द्रोणाचार्य मंदिर @Dankaur Uttar Pradesh
गुरू श्री द्रोणाचार्य मन्दिर जनपद गौतमबुद्धनगर (उ. प्र. ) की तहसील सदर के अन्तर्गत दनकौर में स्थित है। भारत की राजधानी दिल्ली से लगभग 50 कि.मी. तथा उ. प्र. की राजधानी, लखनऊ से लगभग 484 कि0मी0 है।
| ◉ महाभारत कालीन ऐतिहासिक गुरु द्रोणाचार्य मंदिर। |
| ◉ धनुर्धर एकलव्य द्वारा निर्मित मूर्ति। |
| ◉ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित मंदिर। |