मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
श्री सिद्धिविनायक मंदिर @Delhi New Delhi
श्री सिद्धिविनायक मंदिर, श्री देवकी नंदन कालरा के अपनी मां के प्रति प्रेम को दर्शाता है, और 2012 में एक विशाल श्री गणेश मूर्ति (प्रतिमा) की स्थापना की।
| ◉ दिल्ली की सबसे ऊँचे श्री गणेश मूर्ति। |
| ◉ द्वारका सेक्टर 12 की सड़क पर स्थित है। |
कनिपाकम विनायक मंदिर @Kanipakam Andhra Pradesh
कनिपाकम विनायक मंदिर, जिसे श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है, भारत में भगवान गणेश को समर्पित सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है।
| ◉ भक्तों का मानना है कि समय के साथ मूर्ति का आकार धीरे-धीरे बढ़ता रहता है। |
| ◉ देवता के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पुराना चांदी का कवच अब मूर्ति पर ठीक से नहीं आता है। |
| ◉ पवित्र कुएँ का पानी भक्तों को तीर्थम के रूप में दिया जाता है। |
जाखू हनुमान मंदिर शिमला @Jakhu Himachal Pradesh
जाखू मंदिर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जाखू पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है।
| ◉ जाखू मंदिर शिमला में जाखू पहाड़ी पर घने देवदार के पेड़ों के बीच हनुमान जी का एक ऐतिहासिक मंदिर है। |
| ◉ जाखू मंदिर में हनुमान जी की एक विशाल मूर्ति है जिसकी ऊंचाई 108 फीट है। |
| ◉ पौराणिक कथा के अनुसार जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने जा रहे थे तो उन्होंने जाखू मंदिर में विश्राम किया था। |
हनुमान वाटिका @Rourkela Odisha
हनुमान वाटिका (भगवान हनुमान से संबंधित उद्यान) सिविल टाउनशिप, राउरकेला, ओडिशा में स्थित है। हनुमान वाटिका का नाम भगवान हनुमान की सबसे ऊंची मूर्ति के नाम पर रखा गया है।
| ◉ 75 मीटर ऊंची भगवान हनुमान की मूर्ति |
| ◉ हर साल 23 फरवरी को स्थापना दिवस मनाया जाता है |
तडकेश्वर धाम लैंसडाउन @Lansdowne Uttarakhand
श्री तडकेश्वर धाम मंदिर, जिसे तारकेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। यह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में लैंसडाउन के पास देवदार और चीड़ (पाइन) के घने जंगलों के बीच स्थित है।
| ◉ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे एक पवित्र सिद्ध पीठ माना जाता है। |
| ◉ पूरी हुई प्रार्थनाओं और कृतज्ञता से भक्त मंदिर परिसर में घंटियाँ चढ़ाते हैं। |
| ◉ मंदिर के आस पास के हिमालयी जंगलों की खूबसूरती इसे और भी खास बनाती है। |
काशी विश्वनाथ @Varanasi Uttar Pradesh
विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में स्थित है। भगवान शिव का यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में गंगा नदी के तट पर स्थित है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में उत्तर प्रदेश का एक मात्र ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ भगवान शिव को विश्वेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। |
| ◉ मोदी सरकार द्वारा नव-निर्मित काशी विश्वनाथ कॉरिडॉर। |
श्री कसबा गणपति मंदिर @Pune Maharashtra
श्री कसबा गणपति मंदिर, युवा शिवाजी ने इस शुभ क्षण के बाद स्वराज्य साम्राज्य का निर्माण शुरू किया। शिवाजी महाराज किसी भी युद्ध में जाने से पहले यहाँ श्री गणेश का आशीर्वाद अवश्य लेते थे।
| ◉ महाराष्ट्र में सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक। |
| ◉ 1639 में शिवाजी महाराज और जीजाबाई द्वारा स्थापित। |
| ◉ पुणे शहर के मध्य में स्थित, पुणे के स्थानीय देवता। |
| ◉ यहाँ का प्रसिद्ध त्यौहार गणेश उत्सव है। |
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग @Ellora Maharashtra
घृष्णेश्वर मंदिर शिव का एक ज्योतिर्लिंग मंदिर है जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एलोरा गुफाओं के पास स्थित है। इस मंदिर को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग) माना जाता है।
| ◉ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग)माना जाता है। |
| ◉ घृष्णेश्वर का उल्लेख शिव पुराण, स्कंद पुराण, रामायण और महाभारत में मिलता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह (अंतरतम कक्ष) में शिव लिंग है जिसे भक्तों द्वारा छुआ जा सकता है। |
श्री हिंगलाज भवानी मंदिर @Patapadganj New Delhi
मधुविहार दिल्ली में श्री हिंगलाज भवानी मंदिर का उदघाटन हुआ और शंकराचार्य आश्रम बना यह चमत्कार देवी से ही सम्भव हुआ
| ◉ उत्तर भारत का एक मात्र माँ हिंगलाज मंदिर। |
| ◉ माह के पहले मंगलवार को मासिक विश्व हिंदू परिषद की बैठक। |
| ◉ प्रत्येक पूर्णिमा के दिन भंडारे का आयोजन। |
हर की पौड़ी, हरिद्वार @Haridwar Uttarakhand
हर की पौड़ी या हरि की पौड़ी एक पवित्र महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान भारत के उत्तराखंड राज्य के धार्मिक शहर हरिद्वार में स्थित है। हर की पौड़ी का अर्थ है हरि यानी नारायण के चरण। हर की पौड़ी पर प्रतिदिन शाम को मां गंगा की संध्या आरती की जाती है। इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं और इसका नजारा बेहद मनोरम होता है।
| ◉ हरिद्वार में गंगा के किनारे हर की पौड़ी प्रमुख और लोकप्रिय घाट है। |
| ◉ इसे राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था। |
| ◉ हर की पौड़ी पर प्रतिदिन शाम को मां गंगा की संध्या आरती की जाती है। इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं और इसका नजारा बेहद मनोरम होता है। |
कड्यावरिल गणपति मंदिर @ Maharashtra
कड्यावरिल गणपति मंदिर, जिसे 'कड्यावरचा गणपति' चट्टान पर स्थित गणपति के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में गणेशजी के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। यह रत्नागिरी जिले के दापोली के पास अंजारले गाँव में अरब सागर के नज़ारे वाले स्थान पर स्थित है।
| ◉ इस मंदिर में दाईं ओर सूंड वाले गणपति विराजमान हैं जिन्हें बहुत शुभ माना जाता है। |
| ◉ मंदिर के पास एक पवित्र स्थान है जिसके बारे में माना जाता है कि वहाँ भगवान गणेश के पदचिह्न मौजूद हैं। |
| ◉ मंदिर परिसर से पर्यटक ऐतिहासिक सुवर्णदुर्ग किले के नज़ारों का भी आनंद ले सकते हैं। |