मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
चित्तरंजन पार्क काली मंदिर @Delhi New Delhi
नेहरू प्लेस से कैलाश कॉलोनी मेट्रो स्टेशन के बीच यात्रा करते हुए आप टेराकोटा बंगाली वास्तुकला शैली से निर्मित चित्तरंजन पार्क काली मंदिर का विशाल मंदिर देखा जा सकता है।
| ◉ दिल्ली में सबसे बड़ा एवं प्रसिद्ध दुर्गा पूजा उत्सव। |
| ◉ बंगाली सांस्कृतिक गतिविधियों और साहित्य का एक केंद्र। |
| ◉ प्रतिदिन शाम को म्यूजिकल फाउंटेन शो का आयोजन। |
पश्चिम दिल्ली कालीबाड़ी @Janakpuri New Delhi
नई दिल्ली कालीबाड़ी तथा दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी की ही तरह, पश्चिम दिल्ली में एक और प्रसिद्ध काली मंदिर स्थित है, जो भक्तों के बीच पश्चिम दिल्ली कालीबाड़ी (बंगाली: পশ্চিম দিল্লি কালীবাড়ি) के नाम से जानी जाती है।
| ◉ टेराकोटा बंगाली आर्किटेक्चर मे बना कालीबाड़ी। |
| ◉ बालानंद तीर्थम के नाम से स्थापित धर्मशाला। |
वैशाली कालीबाड़ी @Ghaziabad Uttar Pradesh
वैशाली कल्चरल एसोसिएशन द्वारा किए गये दिव्य प्रयासों का परिणाम है वैशाली कालीबाड़ी। प्रत्येक अमावस्या दान के लिए एक विशेष दिन है, अतः यह अमावस्या के दिन मंदिर में विभिन्न आयोजन किए जाते हैं।
| ◉ बंगाली और सनातन धर्म सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र। |
| ◉ बाबा लोकनाथ ब्रह्मचारी की प्रार्थना के लिए एक पवित्र स्थान। |
नोयडा कालीबाड़ी @Noida Uttar Pradesh
नोएडा कालीबाड़ी सेक्टर 26, नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्थित है। नोएडा कालीबाड़ी की स्थापना और पंजीकरण 1984 में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था।
| ◉ नोएडा का मुख्य कालीबाड़ी मंदिर। |
| ◉ विशाल धर्मशाला की स्थापना। |
| ◉ दुर्गा पूजा, पोइला बोइसाख, सरस्वती पूजा, काली पूजा भी भव्य तरीके से मनाई जाती है। |
नई दिल्ली कालीबाड़ी @Mandir Marg New Delhi
नई दिल्ली कालीबाड़ी (Bengali: নতুন দিল্লী কালীবাড়ি), दिल्ली में बंगाली संस्कृति का प्रमुख केंद्र है, दिल्ली-एनसीआर मे स्थापित यह माँ काली का सबसे पुराना मंदिर है।
| ◉ दिल्ली का पहला कालीबाड़ी मंदिर। |
| ◉ सुभाष चंद्र बोस मंदिर समिति के पहले अध्यक्ष थे। |
| ◉ कोलकाता कालीघाट काली मंदिर से प्रेरित। |
दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी @RK Puram New Delhi
दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी (बंगाली: দক্ষিণ দিল্লি কালীবাড়ি) रामकृष्ण पुरम में पहाड़ी पर स्थित मलाई मंदिर की तलहटी में माँ काली को समर्पित मंदिर है।
| ◉ दक्षिण दिल्ली का सबसे प्रसिद्ध काली मंदिर। |
| ◉ 3000 पुस्तकों का विशाल पुस्तकालय, 41 कमरों की धर्मशाला संचालित। |
देवी पाटन मंदिर @Tulsipur Uttar Pradesh
देवी पाटन मंदिर, बलरामपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर तुलसीपुर में स्थित, माँ पाटेश्वरी (दुर्गा) को समर्पित एक पूजनीय शक्ति पीठ है। इसे देवी सती के 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है।
| ◉ देवी पाटन मंदिर, 51 पवित्र शक्ति पीठों में से एक है। |
| ◉ यह मंदिर माता पाटेश्वरी देवी को समर्पित है। |
| ◉ यह भारत और नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। |
माँ देवड़ी मंदिर @Tamar Jharkhand
माँ देवड़ी मंदिर, राँची के पास सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। यह मंदिर देवी दुर्गा के ही एक रूप, माँ देवड़ी को समर्पित है।
| ◉ मुख्य देवी की मूर्ति की 16 भुजाएँ वाली हैं। |
| ◉ मनोकामना पूरी होने के लिए मंदिर के बांस पर पीले और लाल रंग के पवित्र धागे बांधते हैं। |
| ◉ मंदिर में देवी की पूजा छह दिनों तक आदिवासी पुरोहितों द्वारा की जाती है। |
श्री योगमाया मंदिर @Mehrauli, New Delhi
योगमाया मंदिर, जिसे \"जोगमाया मंदिर\" के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो देवी योगमाया को समर्पित है।
| ◉ तोमर राजपूतों की कुलदेवी। |
| ◉ सिद्धपीठ, शक्तिपीठ, ज्ञानपीठ, ज्योतिपीठ का संयोजन। |
| ◉ माँ योगमाया का पहला मंदिर। |
| ◉ एक ही छत के नीचे करें सभी नवदुर्गाओं के दर्शन। |
काली बांह मंदिर @ Etawah Uttar Pradesh
काली बांह मंदिर, जिसे काली वाहन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के इटावा में यमुना नदी के तट पर स्थित एक प्रतिष्ठित सिद्ध पीठ है।
| ◉ काली बांह देवी काली देवी काली को समर्पित है। |
| ◉ इसे शक्ति पीठ माना जाता है। |
| ◉ मंदिर इटावा भिंड हाईवे पर मध्य प्रदेश सीमा के पास स्थित है। |
| ◉ नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर में भक्तों का विशाल जान सैलाव होता है। |
बरमानी @Jaswantnagar Uttar Pradesh
इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, भिण्ड, ग्वालियर, मैनपुरी, औरैया जनपद एवं अन्य आस-पास के क्षेत्र की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है यह सिद्धपीठ माँ ब्रह्माणी देवी मंदिर, यह जगह/मंदिर/ क्षेत्र स्वयं में ही बरमानी नाम से ही प्रसिद्ध है। शारदीय नवरात्रि 2020: 17 October
| ◉ फिरोज़ाबाद, मैनपुर और इटावा के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बरमानी। |
| ◉ 12 गेट, 9 ग्रह, बीसा यंत्र स्थापितवास्तु। |