मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
गुवाहाटी विश्वकर्मा मंदिर @Guwahati Assam
गुवाहाटी की विश्वकर्मा मंदिर भगवान विश्वकर्मा को समर्पित एक खास मंदिर है। हिंदू परंपरा में उन्हें दिव्य वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर माना जाता है।
| ◉ असम के प्रमुख मंदिरों में से एक है। |
| ◉ 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के दौरान विशेष पूजा मनाई जाती है। |
| ◉ कारीगरों, इंजीनियरों, मैकेनिक्स और श्रमिकों के लिए पूजा का एक महत्वपूर्ण स्थान है। |
कामाख्या मंदिर @Guwahati Assam
कामाख्या शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है जो कामाख्या देवी का बहुत ही प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। यह शक्तिपीठ असम के दिसपुर के नीलांचल पर्वत पर स्थित है।
| ◉ माता शक्ति के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ। |
| ◉ उमानंद भैरव की शक्ति के साथ। |
| ◉ असम के दिसपुर के नीलांचल पर्वत पर स्थित है। |
गणेश टेकरी @Nathdwara Rajasthan
गणेश टेकरी मंदिर नाथद्वारा के सबसे प्राचीनतम मंदिरों मे से एक है। टेकरी का अर्थ होता है पहाड़ी, अर्थात भगवान श्री गणेश की पहाड़ी। यह मंदिर ही नहीं पूरी की पूरी पहाड़ी ही श्री गणेश को समर्पित है..
| ◉ नाथद्वारा के सबसे प्राचीनतम मंदिरों मे से एक। |
| ◉ पर्यटन स्थल, पिकनिक स्पॉट एवं व्यू पॉइंट के लिए प्रसिद्द। |
| ◉ गणेश टेकरी मंदिर, श्री कृष्ण सर्किल के एकदम निकट है। |
खजराना गणेश मंदिर @Indore Madhya Pradesh
खजराना गणेश मंदिर एक हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मध्य प्रदेश राज्य में इंदौर के खजराना क्षेत्र में स्थित है।
| ◉ भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान गणेश की पीठ पर उल्टा स्वस्तिक बनाते हैं। |
| ◉ विनायक चतुर्थी के पर्व पर भगवान गणेश को ढाई करोड़ के आभूषणों से सजाया जाता है। |
| ◉ मंदिर का निर्माण 1735 में होल्कर राजवंश की रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा किया गया था |
जम्बूद्वीप तीर्थ @Hastinapur Uttar Pradesh
जंबूद्वीप तीर्थ जैन धर्म के सबसे अनूठे और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। यह हस्तिनापुर में स्थित है, जो जैन इतिहास से गहराई से जुड़ा शहर है और कई जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि है।
| ◉ बीस अद्वितीय मंदिरों का संयोजन। |
| ◉ तीन जैन तीर्थंकरों श्री शांतिनाथ जी, श्री कुंथुनाथ जी और श्री अरहनाथ जी का जन्म कल्याणक स्थान। |
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर @Jaipur Rajasthan
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर, मोती डोंगरी पहाड़ी की चोटी, मोती डूंगरी महल, जयपुर, राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और मूर्ति सिन्दूर से ढकी हुई है।
| ◉ भगवान गणेश की प्रतिमा पांच सौ साल से भी अधिक पुरानी है। |
| ◉ भगवान गणेश की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है और सूंड बाईं ओर है जो बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ मानी जाती है। |
| ◉ पौष बड़ा त्योहार में भगवान गणेश को मूंग दाल के लड्डू का भोग लगाया जाता है। |
सारसबाग गणपती मंदिर @Pune Maharashtra
भगवान श्री गणेश को समर्पित सारसबाग गणपती मंदिर का एक सुंदर एवं समृद्ध ऐतिहासिक अतीत है। मंदिर के प्रमुख आराध्य श्री गणेश को श्री सिद्धिविनायक कहा जाता है, क्योंकि इसकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है।
| ◉ महाराष्ट्र के प्राचीनतम ऐतिहासिक मंदिरों में स्थान। |
| ◉ मंदिर, झील, पार्क, व संग्रहालय का सुंदर समावेश। |
| ◉ पेशवा काल के स्वतंत्रता युद्धों का गुप्त मंत्रणा केंद्र। |
श्री सिद्धिविनायक मंदिर @Delhi New Delhi
श्री सिद्धिविनायक मंदिर, श्री देवकी नंदन कालरा के अपनी मां के प्रति प्रेम को दर्शाता है, और 2012 में एक विशाल श्री गणेश मूर्ति (प्रतिमा) की स्थापना की।
| ◉ दिल्ली की सबसे ऊँचे श्री गणेश मूर्ति। |
| ◉ द्वारका सेक्टर 12 की सड़क पर स्थित है। |
चिंतामन गणेश मंदिर @ Ujjain Madhya Pradesh
चिंतामन गणेश मंदिर, मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में है। भगवान गणेश का यह सबसे प्राचीन मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर जवास्या गांव में बना है।
| ◉ चिंतामन गणेश भक्तों को चिंताओं से मुक्ति दिलाते हैं। |
| ◉ चिंतामन गणेश माता सीता द्वारा स्थापित षट् (6) विनायकों में से एक है। |
| ◉ चिंतामन गणेश मंदिर में चैत्र माह के प्रत्येक बुधवार को मेला लगता है। |
| ◉ यह स्थान विवाह और तुलादान समारोहों के लिए विशेष प्रासंगिकता रखता है। |
अष्टदशभुजा महालक्ष्मी मंदिर @Haldwani Uttarakhand
अष्टदशभुजा महालक्ष्मी मंदिर देवी महालक्ष्मी को समर्पित एक हिंदू मंदिर है, जहाँ उनकी अष्टदशभुजा रूप की पूजा की जाती है। यह मंदिर उत्तराखंड के हल्द्वानी इलाके में नेशनल हाईवे 87 पर स्थित है।
| ◉ मंदिर में 18 भुजाओं वाली महालक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित है। |
| ◉ अष्टदशभुजा स्वरूप देवी की व्यापक शक्ति और विभिन्न दिव्य शक्तियों के प्रतीकात्मक समन्वय को दर्शाता है। |
| ◉ भक्त समृद्धि, खुशहाली और दैवीय आशीर्वाद पाने के लिए इस मंदिर में आते हैं। |
अशोक वाटिका @Seetha Eliya Central Sri Lanka
अशोक वाटिका, जो रामायण के अनुसार श्रीलंका में रावण के राज्य में स्थित है। माना जाता है कि इसका वर्तमान स्थान हकगला बॉटनिकल गार्डन है, जिसे सीता एलिया के नाम से जाना जाता है।
| ◉ अशोक वाटिका जो श्रीलंका में स्थित है यहीं हनुमान जी की मुलाकात सीता माता से हुई थी। पत्थर पर हनुमंत के पदचिह्न हैं। |
| ◉ स्थानीय तमिल हिंदू अशोक वाटिका को अशोक वनम कहते हैं। |
| ◉ अशोक वाटिका की खासियत इसकी काली मिट्टी है जो राख जैसी दिखती है। |