मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
मुंडेश्वरी मंदिर @Bhabua Bihar
मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के बिहार राज्य के कैमूर जिले में मुंडेश्वरी पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से माँ मुंडेश्वरी (शक्ति) और भगवान शिव को समर्पित है।
| ◉ मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के सबसे खास प्राचीन हिंदू मंदिरों में से एक है। |
| ◉ यह मंदिर अपनी अष्टकोणीय वास्तुकला के लिए जाना जाता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह के बीच में एक पंचमुखी शिवलिंग स्थापित है। |
ग्वालियर सूर्य मंदिर @Gwalior Madhya Pradesh
मंदिर का निर्माण इतिहास: इस मंदिर का निर्माण श्री घनश्याम दास जी बिरला की प्रेरणा से बसंत कुमार जी बिरला ने करवाया | सूर्य मंदिर का स्वरूप | मंदिर का गर्भगृह | सूर्य मंदिर का बाहरी स्वरूप | सूर्य मंदिर में अन्य मूर्तियाँ एवं मण्डपम्
| ◉ मंदिर में कुल 373 मूर्तियां है। |
| ◉ बीसवीं सदी का एकमात्र सूर्य मंदिर। |
| ◉ 20500 वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैला, 76 फीट 1 इंच उँचा। |
| ◉ बिरला ग्रूप द्वारा संचालित मंदिर। |
राधा कृष्ण मंदिर, गौर सिटी @Noida Uttar Pradesh
नोएडा एक्सटेंशन जिसे ग्रेटर नोएडा पश्चिम के नाम से भी जाना जाता है, इस नए नियोजित शहर की सबसे नवीनतम भक्तिपूर्ण वास्तुकला का उदगम है यह श्री राधा कृष्ण मंदिर।
| ◉ नोएडा एक्सटेंशन की सबसे नवीनतम भक्तिपूर्ण वास्तुकला। |
| ◉ राजस्थान के कारीगरों द्वारा उत्कृष्ट चित्रण। |
त्रिलोकनाथ मंदिर, टुंडे @Udaipur Himachal Pradesh
त्रिलोकनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश के लाहौल इलाके के टुंडे गाँव में स्थित एक बहुत पुराना और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर हिंदुओं और बौद्धों, दोनों के लिए बहुत आध्यात्मिक महत्व रखता है, जिससे यह हिमालयी क्षेत्र में साझा आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है।
| ◉ लाहौल के बौद्ध धार्मिक परिवेश में त्रिलोकनाथ का एक महत्वपूर्ण स्थान है। |
| ◉ यह हिमालय के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास के जीवंत प्रतीक के रूप में खड़ा है। |
| ◉ मूल रूप से टुंडा विहार के नाम से जाने जाने वाले इस स्थान की स्थापना गुरु पद्मसंभव ने किया था। |
विंध्यवासिनी मंदिर @Vindhyachal Uttar Pradesh
विंध्याचल मंदिर, जिसे माँ विंध्यवासिनी मंदिर या विंध्याचल धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के विंध्याचल में गंगा नदी के तट पर स्थित है।
| ◉ मंदिर देवी विंध्यवासिनी को समर्पित है और भारत के शक्तिपीठ मंदिरों में से एक है। |
| ◉ मंदिर में नवरात्रि मुख्य त्योहार है। |
| ◉ मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान देवी मंदिर की छत पर स्थापित ध्वजस्तंभ पर निवास करती हैं। |
भोरमदेव मंदिर @Kawardha Chhattisgarh
भोरमदेव मंदिर भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में कवर्धा (कबीरधाम) के पास स्थित एक प्रसिद्ध प्राचीन हिंदू मंदिर है।
| ◉ भोरमदेव मंदिर को छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहा जाता है। |
| ◉ मंदिर परिसर में मडवा महल, चेरकी महल और इस्तालिक मंदिर हैं। |
| ◉ यह मंदिर शैव अनुयायियों का प्रमुख केंद्र एवं इतिहासकारों, कला प्रेमियों और पर्यटकों का आकर्षण। |
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर @Jaipur Rajasthan
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर, मोती डोंगरी पहाड़ी की चोटी, मोती डूंगरी महल, जयपुर, राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और मूर्ति सिन्दूर से ढकी हुई है।
| ◉ भगवान गणेश की प्रतिमा पांच सौ साल से भी अधिक पुरानी है। |
| ◉ भगवान गणेश की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है और सूंड बाईं ओर है जो बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ मानी जाती है। |
| ◉ पौष बड़ा त्योहार में भगवान गणेश को मूंग दाल के लड्डू का भोग लगाया जाता है। |
नमक्कल अंजनेयार मंदिर @Thillaipuram Tamil Nadu
नमक्कल अंजनेयार मंदिर भारत के तमिलनाडु में नामक्कल जिले के एक शहर नामक्कल में स्थित है। यह मंदिर हिंदू भगवान हनुमान को समर्पित है।
| ◉ अंजनेयार मंदिर 1500 वर्ष से अधिक पुराना है। |
| ◉ भगवान अंजनेयार की मूर्ति 18 फीट (5.5 मीटर) लंबी है, जो इसे भारत में हनुमान की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक बनाती है। |
| ◉ मंदिर की शीर्ष पर कोई आवरण नहीं है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान अंजनेय की ऊंचाई हर दिन बढ़ रही है। |
| ◉ भगवान को अक्सर वड़े की माला से सजाया जाता है। |
जगन्नाथ धाम @Puri Odisha
भारत के पूर्व दिशा में स्थित जगन्नाथ धाम को चार वैष्णव धामों में से एक माना जाता है। भारत के चार धाम आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं।
| ◉ गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक। |
| ◉ विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा। |
तपोवन नासिक @Nashik Maharashtra
नासिक शहर में तपोवन, कपिला एवं गोदावरी नदी के संगम स्थल के आस-पास का वह क्षेत्र है जहाँ भगवान राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण ने चौदह वर्ष के वनवास का अधिकतम समय यहाँ विचरण किया था।
| ◉ चौदह वर्षों के वनवास काल खंड में भगवान राम की तपो स्थली। |
| ◉ कपिला एवं गोदावरी नदी का संगम स्थल प्रमुख केंद्र। |
द्वारका धाम @Dwarka Gujarat
द्वारका धाम सात मोक्ष पुरी में से एक माना जाता है। इन चार तीर्थों मे से एक भारत की पश्चिम दिशा मे द्वारका का यह श्री द्वारकाधीश मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી દ્વારકાધીશ મન્દિર) है।
| ◉ आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक। |
| ◉ सनातन सप्त मोक्ष पुरी में से एक। |
| ◉ मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के पोते द्वारा किया गया था। |