त्यौहार

अजा एकादशी

🐚 अजा एकादशी - Ekadashi

हिंदू पंचांग के अंतर्गत प्रत्येक माह की 11वीं तीथि को एकादशी कहा जाता है। एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित तिथि माना जाता है..

शिवरात्रि

🔱 शिवरात्रि - Shivaratri

शिवरात्रि साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक त्यौहार है, जो पूर्णिमा से एक दिन पहिले त्रियोदशी के दिन आता है।

अमावस्या

🌚 अमावस्या - Amavasya

अमावस्या एक वर्ष मे 12 बार आने वाला मासिक उत्सव है, अधिक मास की स्थिति मे यह एक वर्ष मे 13 बार भी हो सकती है।

हरतालिका तीज

हरतालिका तीज - Hartalika Teej

हरतालिका तीज पर कुंआरी कन्याएँ अपने मन के अनुरूप पति को प्राप्त करने हेतु माँ गौरी व भगवान शंकर की पूजा एवं व्रत करती हैं। यह त्यौहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है, तथा हरतालिका व्रत हस्त नक्षत्र में किया जाता है।

ऋषि पंचमी

📿 ऋषि पंचमी - Rishi Panchami

ऋषि पंचमी व्रत का महत्व हिन्दू धर्म में दोषों से मुक्त होने के लिए किया जाता हैं। यह एक त्यौहार नहीं अपितु एक व्रत हैं, इस व्रत में सप्त-ऋषियों की पूजा-अर्चना की जाती हैं।

ललिता सप्तमी

ललिता सप्तमी - Lalita Saptami

ललिता सप्तमी श्री राधा रानी की करीबी सखी ललिता देवी को समर्पित है, जो भद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है।

राधाष्टमी

राधाष्टमी - Radhashtami

राधाष्टमी राधा रानी के अवतरण दिवस के रूप में मनाई जाती है, जिन्हें माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है।

पितृ पक्ष

पितृ पक्ष - Pitru Paksha

पितृ पक्ष जिसे श्राद्ध या कानागत भी कहा जाता है, श्राद्ध पूर्णिमा के साथ शुरू होकर सोलह दिनों के बाद सर्व पितृ अमावस्या के दिन समाप्त होता है।

गणेशोत्सव

गणेशोत्सव - Ganeshotsav

गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी से शुरू होते हुए, 10 दिनों के बाद अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के ही दिन श्री गणेश विसर्जन भी होता है।

बुढ़वा मंगल

🚩 बुढ़वा मंगल - Budhwa Mangal

बुढ़वा मंगल उत्सव हनुमान जी के वृद्ध रूप को समर्पित है। यह उत्सव भाद्रपद माह के अंतिम मंगलवार को आयोजित किया जाता है, जिसे प्रचलित भाषा में बूढ़े मंगल के नाम से भी जाना जाता है।

दशलक्षण पर्व

दशलक्षण पर्व - Daslakshan Parva

पर्यूषण जैन धर्म का मुख्य पर्व है। जिन्हें प्रचलित भाषा में दसलक्षण पर्व के नाम से भी संबोधित किया जाता है।

नवरात्रि २०२०

🐅 नवरात्रि २०२० - Navratri

नवरात्रि, नवदुर्ग नौ दिनों का उत्सव है, सभी नौ दिन माँ आदि शक्ति के विभिन्न रूपों को समर्पित किए गये हैं।

दुर्गा पूजा

🐅 दुर्गा पूजा - Durga Puja

दुर्गा पूजा को माँ दुर्गा द्वारा दुष्ट राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्‍ति की खुशी में मनाया जाता है, इसलिए माँ को दुर्गतनाशिनी के रूप में पूजा जाता है।

शरद पूर्णिमा

🌕 शरद पूर्णिमा - Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा, पूर्णिमा के दिन आने वाले प्रसिद्ध हिंदू त्यौहारों में से एक है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा सभी सोलह कलाओं के साथ पृथ्वी के नजदीक होता है।

कोजागरी पूजा

कोजागरी पूजा - Kojagari Puja

शरद कोजागरी पूजा भारतीय राज्य जैसे उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और असम में अश्विन पूर्णिमा के दौरान देवी लक्ष्मी को समर्पित है। लक्ष्मी पूजा का यह दिन कोजागरी पूर्णिमा या बंगला लक्ष्मी पूजा के रूप में भी जाना जाता है।

वाल्मीकि जयंती

📿 वाल्मीकि जयंती - Valmiki Jayanti

आदि कवि महर्षि वाल्मीकि के जन्म दिवस पर मनाये जाने वाले त्यौहार को वाल्मीकि जयंती कहा जाता है।

करवा चौथ

करवा चौथ - Karwa Chauth

हिंदू सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है। इस पर्व पर सुहागिन पतिव्रता महिलाएं हाथों में मेहंदी व सोलह श्रृंगार कर अपने सास-ससुर एवं पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखतीं हैं।

अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी - Ahoi Ashtami

हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष के दौरान दीवाली से 8 दिन पहले अहोई अष्टमी मनाई जाती है।

बिश्नोई स्थापना दिवस

बिश्नोई स्थापना दिवस - Bishnoi Sthapana Divash

बिश्नोई स्थापना दिवस सन् 1485 से कार्तिक कृष्णा अष्टमी को बिश्नोई संप्रदाय के द्वारा मनाया जाता है। इस संप्रदाय की स्थापना गुरु जम्भेश्वर जी ने की थी।

गोवत्स द्वादशी

🐮 गोवत्स द्वादशी - Govatsa Dwadashi

कार्तिक कृष्ण द्वादशी के दिन आने वाले गोवत्स द्वादशी उत्सव के दिन गाय माता एवं उनके बछड़े की पूजा की जाती है। यह त्यौहार एकादशी के एक दिन के बाद द्वादशी को मनाया जाता है।

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