त्यौहार

Holi

होली - Holi

उत्तर भारत में, होली तीन दिनों तक मनाए जाने वाला त्यौहार है, जिसे रंगों का त्यौहार के नाम से भी प्रसिद्ध है।

Shivaratri

शिवतेरश - Shivaratri

शिवरात्रि साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक त्यौहार है, जो पूर्णिमा से एक दिन पहिले त्रियोदशी के दिन आता है।

Cheti Chand

चेटी चंड - Cheti Chand

चेटी चंड सिंधी लोगों का एक सबसे लोकप्रिय त्योहार है जिसे सिंधी नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है।

Navratri

चैत्र नवरात्रि 2020 - Navratri

नवरात्रि, नवदुर्ग नौ दिनों का उत्सव है, सभी नौ दिन माँ आदि शक्ति के विभिन्न रूपों को समर्पित किए गये हैं।

Ram Navami

राम नवमी - Ram Navami

भगवान राम का जन्मदिन राम नवमी चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मनाया जाता है।

Mahavir Janma Kalyanak

महावीर जन्म कल्याणक - Mahavir Janma Kalyanak

हिन्दू और जैन पंचांग के अनुसार, जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी के जन्म-दिवस के अवसर पर महावीर जयंती मनाई जाती है।

Shri Hanuman Janmotsav

श्री हनुमान जन्मोत्सव - Shri Hanuman Janmotsav

श्री हनुमान जन्मोत्सव या हनुमान जयंती हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, इसे भारत में वानर राज राम भक्त हनुमान जी के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

Parashurama Jayanti

परशुराम जन्मोत्सव - Parashurama Jayanti

भगवान परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ था अतः उनकी शस्त्रशक्ति भी अक्षय है।

Govatsa Dwadashi

गोवत्स द्वादशी - Govatsa Dwadashi

कार्तिक कृष्ण द्वादशी के दिन आने वाले गोवत्स द्वादशी उत्सव के दिन गाय माता एवं उनके बछड़े की पूजा की जाती है। यह त्यौहार एकादशी के एक दिन के बाद द्वादशी को मनाया जाता है।

Baglamukhi Ashtami

बगलामुखी जयंती - Baglamukhi Ashtami

बगलामुखी अष्टमी, बगलामुखी माता के अवतार दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। जिन्हें माता पीताम्बरा या ब्रह्मास्त्र विद्या भी कहा जाता है।

Sita Navami

सीता नवमी - Sita Navami

सीता नवमी मिथिला के राजा जनक और रानी सुनयना की बेटी और अयोध्या की रानी देवी सीता के अवतार दिवस के रूप मे मनाया जाता है, इसे जानकी नवमी भी कहा गया है।

Narasimha Chaturdashi

नृसिंह जयंती - Narasimha Chaturdashi

नृसिंह चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु अपने भक्त प्रहलाद के रक्षण हेतु अर्ध सिंह व अर्ध मनुष्य रूप में प्रकट हुए, भगवान के इस रूप को नृसिंह कहा गया।

Buddha Purnima

बुद्ध पूर्णिमा - Buddha Purnima

बुद्ध पूर्णिमा गौतम बुद्ध के जन्म और मृत्यु तिथि के रूप में मनाई जाती है, उनका बचपन का नाम सिद्धार्थ था।

Vat Savitri Vrat

वट सावित्री व्रत - Vat Savitri Vrat

हिंदू विवाहित महिलाएं जिनके पति जीवित हैं, अपने सास-ससुर एवं पति की लम्बी उम्र के लिए वट सावित्री व्रत को मानतीं हैं.

Shani Jayanti

शनि जयंती - Shani Jayanti

शनिश्चरी अमावस्‍या, सूर्यदेव और देवी छाया के पुत्र भगवान शनि के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस उत्सव को शनि जयंती भी कहा जाता है।

Ganga Dussehra

गंगा दशहरा - Ganga Dussehra

श्रष्टी के निर्माता ब्रह्मा जी के कमंडल से राजा भागीरथ द्वारा देवी गंगा को धरती पर अवतार दिवस को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है।

Jagannath Rath Yatra

जगन्नाथ रथ यात्रा - Jagannath Rath Yatra

जगन्नाथ रथ यात्रा भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ जगत प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी मंदिर में आयोजित की जाती है।

Gupt Navratri

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि - Gupt Navratri

देवी भागवत के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। 25 January - 4 February 2020

Guru Purnima

गुरू पूर्णिमा - Guru Purnima

गुरु पूर्णिमा त्यौहार हिंदुओं, जैनियों और बौद्धों द्वारा अपने शिक्षकों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

Sawan Ke Somwar

सावन के सोमवार - Sawan Ke Somwar

हिंदू धर्म के अनुसार, सावन को वर्ष का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, और सावन के सोमवार भगवान शिव के सबसे प्रिय दिन होते हैं।

Kanwar Yatra

काँवड़ यात्रा - Kanwar Yatra

काँवड़ यात्रा मानसून के श्रावण माह मे किए जाने वाला अनुष्ठान है। हिन्दू पुराणों में कांवड़ यात्रा समुद्र के मंथन से संबंधित है।

Somvati Amavasya

सोमवती अमावस्या - Somvati Amavasya

सोमवार के दिन आने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। गणित के प्रायिकता सिद्धांत के अनुसार अमावस्या वर्ष में एक अथवा दो बार ही सोमवार के दिन हो सकती है।

Hariyali Teej

हरियाली तीज - Hariyali Teej

उत्तर भारत की विवाहित महिलाओं के बीच लोकप्रिय त्योहारों मे से एक है, यह हरियाली तीज का त्योहार।

Nag Panchami

नाग पंचमी - Nag Panchami

नाग पंचमी त्योहार के दिन नागदेव की पूजा तथा दूध से स्नान कराया जाता है। नागदेव को अपने क्षेत्र के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है, कुछ जगहों पर इन्हें क्षेत्रपाल भी कहा गया है।

Raksha Bandhan

रक्षाबंधन - Raksha Bandhan

रक्षाबंधन हिंदू धर्म में भाई-बहन का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस त्यौहार के दिन बहनें अपने भाईयों के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, और अपने प्रिय भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

Kojagari Puja

कोजागरी पूजा - Kojagari Puja

शरद कोजागरी पूजा भारतीय राज्य जैसे उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और असम में अश्विन पूर्णिमा के दौरान देवी लक्ष्मी को समर्पित है। लक्ष्मी पूजा का यह दिन कोजागरी पूर्णिमा या बंगला लक्ष्मी पूजा के रूप में भी जाना जाता है।

Labh Panchami

लाभ पंचमी - Labh Panchami

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भारत के गुजरात राज्य में, लाभ पंचमी सबसे अधिक महत्ता के साथ मनाया जाता है।

Hal Sashti

हल षष्ठी - Hal Sashti

पारंपरिक हिंदू पंचांग में हल षष्ठी एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम को समर्पित है।

Makar Sankranti

मकर संक्रांति - Makar Sankranti

मकर संक्रांति त्योहार, हिंदुओं के देव सूर्य को समर्पित है। जब सूर्य धनु से मकर राशि या दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर स्थानांतरित होता है, तब संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है।

Janmashtami

श्री कृष्ण जन्माष्टमी - Janmashtami

कृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Hartalika Teej

हरतालिका तीज - Hartalika Teej

हरतालिका तीज पर कुंआरी कन्याएँ अपने मन के अनुरूप पति को प्राप्त करने हेतु माँ गौरी व भगवान शंकर की पूजा एवं व्रत करती हैं। यह त्यौहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है, तथा हरतालिका व्रत हस्त नक्षत्र में किया जाता है।

Rishi Panchami

ऋषि पंचमी - Rishi Panchami

ऋषि पंचमी व्रत का महत्व हिन्दू धर्म में दोषों से मुक्त होने के लिए किया जाता हैं। यह एक त्यौहार नहीं अपितु एक व्रत हैं, इस व्रत में सप्त-ऋषियों की पूजा-अर्चना की जाती हैं।

Lalita Saptami

ललिता सप्तमी - Lalita Saptami

ललिता सप्तमी श्री राधा रानी की करीबी सखी ललिता देवी को समर्पित है, जो भद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है।

Radhashtami

राधाष्टमी - Radhashtami

राधाष्टमी राधा रानी के अवतरण दिवस के रूप में मनाई जाती है, जिन्हें माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है।

Pitru Paksha

पितृ पक्ष - Pitru Paksha

पितृ पक्ष जिसे श्राद्ध या कानागत भी कहा जाता है, श्राद्ध पूर्णिमा के साथ शुरू होकर सोलह दिनों के बाद सर्व पितृ अमावस्या के दिन समाप्त होता है।

Daslakshan Parva

दशलक्षण पर्व - Daslakshan Parva

पर्यूषण जैन धर्म का मुख्य पर्व है। जिन्हें प्रचलित भाषा में दसलक्षण पर्व के नाम से भी संबोधित किया जाता है।

Budhwa Mangal

बुढ़वा मंगल - Budhwa Mangal

बुढ़वा मंगल उत्सव हनुमान जी के वृद्ध रूप को समर्पित है। यह उत्सव भाद्रपद माह के अंतिम मंगलवार को आयोजित किया जाता है, जिसे प्रचलित भाषा में बूढ़े मंगल के नाम से भी जाना जाता है।

Ganeshotsav

गणेशोत्सव - Ganeshotsav

गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी से शुरू होते हुए, 10 दिनों के बाद अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के ही दिन श्री गणेश विसर्जन भी होता है।

Durga Puja

दुर्गा पूजा - Durga Puja

दुर्गा पूजा को माँ दुर्गा द्वारा दुष्ट राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्‍ति की खुशी में मनाया जाता है, इसलिए माँ को दुर्गतनाशिनी के रूप में पूजा जाता है।

Vasant Panchami

वसंत पंचमी - Vasant Panchami

वसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान और बुद्ध‌ि की देवी मां सरस्वती जी के प्राकट्य दिवस के रूप मे जाना जाता है।

Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा - Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा, पूर्णिमा के दिन आने वाले प्रसिद्ध हिंदू त्यौहारों में से एक है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा सभी सोलह कलाओं के साथ पृथ्वी के नजदीक होता है।

Valmiki Jayanti

वाल्मीकि जयंती - Valmiki Jayanti

आदि कवि महर्षि वाल्मीकि के जन्म दिवस पर मनाये जाने वाले त्यौहार को वाल्मीकि जयंती कहा जाता है।

Karwa Chauth

करवा चौथ - Karwa Chauth

हिंदू सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है। इस पर्व पर सुहागिन पतिव्रता महिलाएं हाथों में मेहंदी व सोलह श्रृंगार कर अपने सास-ससुर एवं पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखतीं हैं।

Ahoi Ashtami

अहोई अष्टमी - Ahoi Ashtami

हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष के दौरान दीवाली से 8 दिन पहले अहोई अष्टमी मनाई जाती है।

Bishnoi Sthapana Divash

बिश्नोई स्थापना दिवस - Bishnoi Sthapana Divash

बिश्नोई स्थापना दिवस सन् 1485 से कार्तिक कृष्णा अष्टमी को बिश्नोई संप्रदाय के द्वारा मनाया जाता है। इस संप्रदाय की स्थापना गुरु जम्भेश्वर जी ने की थी।

Diwali

दिवाली - Diwali

दीपावली भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रकाशमय त्यौहार है।

Gopashtami

गोपाष्टमी - Gopashtami

जब भगवान श्री कृष्ण पौगंड अवस्था में पहुँचे, तब गोपाष्टमी के दिन नंद महाराजा ने गायों और श्रीकृष्ण जी के लिए एक समारोह किया।

Tulsi Vivah

तुलसी विवाह - Tulsi Vivah

तुलसी विवाह, माँ तुलसी और भगवान विष्णु का विवाह अनुष्ठान है। इस त्योहार के दौरान कन्यादान समारोह सहित सभी शादी से संबंधित अनुष्ठान किए जाते हैं। 9 November 2019

Vaikuntha Chaturdashi

वैकुण्ठ चतुर्दशी - Vaikuntha Chaturdashi

वैकुण्ठ चतुर्दशी को हरिहर का मिलन कहा जाता हैं अर्थात भगवान शिव और विष्णु का मिलन...

Dev Diwali

देव दिवाली - Dev Diwali

देव दिवाली वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध त्यौहार है।

Guru Nanak Gurpurab

गुरु नानक गुरुपर्व - Guru Nanak Gurpurab

गुरु नानक गुरुपर्व सिखों के प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी की जयंती के रूप में मनाया जाता हैं...

Kaal Bhairav Ashtami

काल भैरव अष्टमी - Kaal Bhairav Ashtami

काल भैरव का जन्म मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष अष्टमी को प्रदोष काल में हुआ था, तब से इसे भैरव अष्टमी के नाम से जाना जाता है। 19 November 2019

Vivah Panchami

विवाह पंचमी - Vivah Panchami

विवाह पंचमी भगवान श्री राम और माता सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मनाए जाने वाले एक लोकप्रिय हिंदू त्यौहार है।

Ratha Saptami

रथ सप्तमी - Ratha Saptami

सप्तमी तिथि भगवान सूर्य को समर्पित है, सूर्य को सात सफेद घोड़ों वाले रथ पर विराजमान माना गया है। माघ महीने में शुक्ल पक्ष सप्तमी को रथ सप्तमी या माघ सप्तमी के रूप में जाना जाता है।

Gita Jayanti

गीता जयंती - Gita Jayanti

गीता जयंती श्रीमद् भगवद् गीता का प्रतीकात्मक जन्म है। यह हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी पर मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2019 कुरुक्षेत्र में 23 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। Live Streaming

Annapurna Jayanti

अन्नपूर्णा जंयती - Annapurna Jayanti

मागर्शीष शुक्ल पूर्णिमा के दिन माँ पार्वती के अन्नपूर्णा स्वरूप के अवतरण दिन को अन्नपूर्णा जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माँ अन्नपूर्णा की आराधना करनी चाहिए..

New Year

नई साल - New Year

नया साल वह समय है जिस पर एक नया अंगरेजी कैलेंडर वर्ष शुरू होता है और कैलेंडर वर्ष में एक साल की वृद्धि होती है।

Lohri

लोहड़ी - Lohri

लोहड़ी सर्दियों में आने वाला पंजाब का लोकप्रिय उत्सव है, जो मुख्य रूप से सिखों और पंजाबी हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है।

Bhairav Jayanti

किलकारी भैरव जयंती, दिल्ली - Bhairav Jayanti

भैरव जयंती त्यौहार भगवान शिव के भयानक रूप बाबा भैरव नाथ को समर्पित है। पौष शुक्ला द्वितिया के दिन होने के कारण, इस त्योहार भैरव द्वितिया भी कहा जाता है...

Paush Bada Utsav

पौष बड़ा उत्सव - Paush Bada Utsav

पौष बड़ा भारतीय राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर शहर में हिंदू पंचांग महिना पौष के दौरान मनाया जाने वाला त्यौहार है।

Sakat Chauth

सकट चौथ - Sakat Chauth

प्रत्येक माह की चतुर्थी श्री गणेश की पूजा का दिन माना गया है। माघ चतुर्थी को सकट चौथ के रूप में मनाया जाता है।

Mauni Amavasya

मौनी अमावस्या - Mauni Amavasya

मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण कर मन को संयमित करके काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से दूर रखना चाहिए।

Phulera Dooj

फुलेरा दूज - Phulera Dooj

फाल्‍गुन माह की द्वितीया को मनायी जाने वाली फुलेरा दूज, होली आगमन का प्रतीक मानी जाती है। उत्तर भारत के गांवों में फुलेरा दूज का उत्‍सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

Prayagraj Kumbh

प्रयागराज कुंभ - Prayagraj Kumbh

कुंभ मेला हिन्दू तीर्थयात्राओं में सर्वाधिक पावन तीर्थयात्रा है। बारह वर्षों के अंतराल से यह पर्व प्रयागराज में मनाया जाता है।

आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

आरती: श्री विश्वकर्मा जी

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

आरती: माँ सरस्वती जी

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

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  • प्राचीन श्री शिव शक्ति मंदिर


    प्राचीन श्री शिव शक्ति मंदिर

    भगवान शिव एवं माँ आदिशक्ति को समर्पित वैशाली का सबसे पुराना गौरी-शंकर मंदिर प्राचीन श्री शिव शक्ति मंदिर के नाम से जाना जाता है।

  • माँ मनसा देवी मंदिर

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  • श्री मुंबा देवी मंदिर

    मुंबई की ग्रामदेवी माँ मुंबा देवी यहाँ के नागरिकों की संरक्षक देवी है, जो इन्हें समुद्र से तथा अन्य रूप में आने वाली हर परेशानी से सुरक्षित रखतीं हैं। यहाँ तक कि, मुंबई का नाम भी देवी मुंबा के नाम पर ही प्रसिद्ध हुआ है।

भजन: तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार..

राम नाम सोहि जानिये, जो रमता सकल जहान, घट घट में जो रम रहा, उसको राम पहचान, तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार..

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सीता राम सीता राम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।...

भजन: सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को...

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया, ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है...

हे राम, हे राम !

हे राम, हे राम, जग में साचो तेरो नाम, हे राम, हे राम, तू ही माता, तू ही पिता है

भजन: पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु। कृपा कर अपनायो॥

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