भक्तिभारत ऑनलाइन में सबसे प्रामाणिक हिंदू धार्मिक वेबसाइट है। सभी व्रत, आगामी त्योहार, आज के त्योहार, उत्सव, पूजा, जयंती आदि के लिए इसमें बहुत सारी जानकारी दी गई है, जैसे कि व्रत कब है, त्योहार कैसे मनाएं या मुहूर्त के अनुसार पूजा कैसे करें इन सभी के लिए केवल भक्तिभारत साइट अनुसरण करें।
🔱 गुरु प्रदोष व्रत - Guru Pradosh Vrat ❯ ❯
माह की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष काल मे होना, प्रदोष व्रत होने का सही कारण है।
📜 भद्रा - Bhadra ❯ ❯
भद्रा महीने के एक पक्ष में चार बार दोहराई जाती है। उदाहरण के लिए, भाद्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी और पूर्णिमा तिथि के पहले भाग में और भद्रा चतुर्थी और एकादशी तिथि के उत्तरार्ध में होती है।
🐚 अधिक सत्यनारायण व्रत - Adhika Mas Satyanarayan Vrat ❯ ❯
हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान सत्यनारायण व्रत करने से और कथा सुनने से पुण्य फल प्राप्त होती है। श्री सत्यनारायण पूजा भगवान नारायण का आशीर्वाद लेने के लिए की जाती है। हालांकि सत्यनारायण पूजा करने के लिए कोई निश्चित दिन नहीं है, लेकिन पूर्णिमा या पूर्णिमा के दौरान इसे करना बेहद शुभ माना जाता है।
🌕 अधिक पूर्णिमा व्रत - Adhik Purnima Vrat ❯ ❯
पूर्णिमा प्रत्येक माह की शुक्ला पक्ष मे आने वाला मासिक उत्सव है, अतः पूर्णिमा वर्ष मे 12 बार, तथा अधिक मास की स्थिति मे 13 बार भी हो सकती है।
🚩 पंचम बूढ़ा मंगल - Fifth Budha Mangal ❯ ❯
पूर्वी उत्तर प्रदेश जिनमे प्रमुख शहर कानपुर, लखनऊ एवं वाराणसी में जेठ(ज्येष्ठ) मास में पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है।
✨ विभुवन संकष्टी चतुर्थी - Vibhuvan Sankashti Chaturthi ❯ ❯
हर महीने पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है।
🪔 विलक्कु पूजा - Vilakku Pooja ❯ ❯
विलक्कु पूजा, भाग्य और समृद्धि की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक है। थिरु विलक्कु पूजा, ज्यादातर शुक्रवार को या तो सुबह या शाम को दीपक जलाकर की जाती है। यह मुख्य रूप से तमिल महीनों, चिथिरई और वैगासी के दौरान की जाती है, और यह पवित्र दीप पूजा अमावस और पूर्णिमा के दिनों में भी की जा सकती है।
📜 पंचक - Panchak ❯ ❯
नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को पंचक कहा जाता है।
⚙️ अधिक मासिक कृष्ण जन्माष्टमी - Adhik Monthly Krishna Janmashtami ❯ ❯
मासिक जन्माष्टमी हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है।
👹 अधिक ज्येष्ठ कालाष्टमी व्रत - Adhika Jyeshtha Kalashtami Vrat ❯ ❯
कालाष्टमी प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आने वाले एक हिंदू त्यौहार है जोकि भगवान शिव के ही एक रूप भगवान भैरव को समर्पित है।
🐚 परम एकादशी (अधिक मास) - Param Ekadasi (Adhik Mas) ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अंतर्गत प्रत्येक माह की 11वीं तीथि को एकादशी कहा जाता है। एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित तिथि माना जाता है..
🔱 ज्येष्ठ अधिक मासिक शिवरात्रि व्रत - Jyeshtha Adhik Masik Shivaratri Vrat ❯ ❯
शिवरात्रि व्रत साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक व्रत का त्यौहार है, अतः इस व्रत को मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है।
✨ रज पर्व - Raja Parba ❯ ❯
रज पर्व ओडिशा राज्य के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। भगवान विष्णु की पत्नी भूमा देवी को समर्पित, यह ओडिशा में एक अनूठा त्योहार है जो नारीत्व का जश्न मनाता है। रज लगातार तीन दिनों तक मनाया जाता है। उत्सव मिथुन संक्रांति से एक दिन पहले शुरू होता है और उसके दो दिन बाद समाप्त होता है।
🌚 दर्श ज्येष्ठ अमावस्या - Darsh Jyeshtha Amavasya ❯ ❯
अमावस्या एक वर्ष मे 12 बार आने वाला मासिक उत्सव है, अधिक मास की स्थिति मे यह एक वर्ष मे 13 बार भी हो सकती है।
☀️ मिथुन संक्रान्ति - Mithun Sankranti ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अनुसार, संक्रांति (Sankranti) का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। भारत के कुछ हिस्सों में, प्रत्येक संक्रांति को एक महीने की शुरुआत के रूप में चिह्नित किया जाता है।
🌝 अधिक मास - Adhik Mas (Jyeshtha) ❯ ❯
आधिक मास, पुरुषोत्तम मास, लौंद अथवा मलमास हिन्दू पंचांग में एक अतिरिक्त माहीने को कहा जाता है। आधिक-मास में सभी प्रकार के शुभ कार्य करने पर प्रतिबंध होता है।
✨ कैंची धाम मेला - Kainchi Dham Mela ❯ ❯
कैंची धाम मेला 15 जून को आयोजित होने वाला एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन है, जो कैंची धाम आश्रम के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
🌚 सोमवती अमावस्या - Somvati Amavasya ❯ ❯
सोमवार के दिन आने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। गणित के प्रायिकता सिद्धांत के अनुसार अमावस्या वर्ष में एक अथवा दो बार ही सोमवार के दिन हो सकती है।
🌙 ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन - Jyeshtha Chandra Darshan ❯ ❯
चंद्र दर्शन अमावस्या के बाद चंद्रमा को देखने की परंपरा है। हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन का अत्यधिक धार्मिक महत्व है।
✨ ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी - Jyeshtha Vinayak Chaturthi ❯ ❯
गणेश चतुर्थी व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है..
🔱 शीतल षष्ठी - Sheetal Shashti ❯ ❯
शीतल षष्ठी ओडिशा, विशेषकर संबलपुर में मनाया जाने वाला सबसे आध्यात्मिक और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का स्मरण कराता है और भक्ति, पवित्रता और दिव्य शक्तियों के मिलन का प्रतीक है।
👩👦 जमाई षष्ठी - Jamai Sasthi ❯ ❯
जमाई षष्ठी का त्योहार पारंपरिक हिंदू कैलेंडर के ज्येष्ठ महीने के छठे दिन मनाया जाता है। 'जमाई' का अर्थ है दामाद और पारंपरिक हिंदू कैलेंडर में पखवाड़े में 'षष्ठी' छठा दिन होता है। जमाई षष्ठी उत्सव दामाद और उनकी सास के बीच के बंधन को मजबूत करने के लिए समर्पित है।
🐅 ज्येष्ठ अष्टमी व्रत - Jyeshtha Ashtami Vrat ❯ ❯
शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के भक्त उनकी पूजा करते हैं और पूरे दिन उपवास रखते हैं।
🐅 अम्बुबाची मेला - Ambubachi Mela ❯ ❯
अम्बुबाची मेला, जिसे कामाख्या महायोग भी कहा जाता है, असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या देवी मंदिर में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण तांत्रिक और धार्मिक पर्व है।
🗡️ धूमावती जयंती - Dhumavati Jayanti ❯ ❯
माँ पार्वती का अत्यंत उग्र रूप माता धूमावती का अवतरण दिवस को धूमावती जयंती के रूप मे जाना जाता है।
🔱 महेश नवमी - Mahesh Navami ❯ ❯
महेश नवमी त्यौहार मुख्य रूप से महादेव और देवी पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है।
💧 गंगा दशहरा - Ganga Dussehra ❯ ❯
सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा जी के कमंडल से राजा भागीरथ द्वारा देवी गंगा के धरती पर अवतरण दिवस को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है।
🔱 बटुक भैरव जयंती - Batuk Bhairav Jayanti ❯ ❯
बटुक भैरव जयंती पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाती है।
✨ गायत्री जयंती - Gayatri Jayanti ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गायत्री जयंती मनाई जाती है। हिन्दू शास्त्रों में माता गायत्री को वेदों की माता कहा गया है। मां गायत्री के 10 हाथ और 5 मुख हैं। जिनमें से 4 मुख वेदों के प्रतीक हैं और पांचवां मुख सर्वशक्तिमान शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वही दस हाथ भगवान विष्णु के प्रतीक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, गायत्री देवी भगवान ब्रह्मा की पत्नी हैं और उनका मूल रूप श्री सावित्री देवी है।
📿 कबीरदास जयंती - Kabirdas Jayanti ❯ ❯
हर साल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को संत कबीर दास जी की जयंती मनाई जाती है। संत कबीरदास के जन्म के विषय में कुछ भी सटीकता से नहीं कहा जाता है। कुछ साक्ष्यों के अनुसार, कबीर दास जी का जन्म काशी में 1398ईं में हुआ था। संत कबीर दास हिंदी साहित्य के ऐसे कवि थे, जिन्होंने ने आजीवन समाज में फैली बुराइयों और अंधविश्वास की निंदा करते रहे। कबीरदास जी न सिर्फ एक संत थे बल्कि वे एक विचारक और समाज सुधारक भी थे।
विभिन्न पूजा पर्व जैसे कि दीवाली, जन्माष्टमी, धनतेरस, गणेश पूजा, नवरात्रि, भाई दूज, रक्षाबंधन, छठ पूजा, गोवर्धन पूजा, धनतेरस, जगन्नाथ रथ यात्रा, राम नवमी, हनुमान जयंती, शिव रात्रि, नाग पंचमी एवं विनायक पूजा. प्रसिद्ध त्योहारों चतुर्थी, दुर्गा पूजा, लोहड़ी, वैसाखी, होली, होलिका दहन, करवा चौथ, सावन सोमवार, शंकराचार्य जयंती आदि पर्व की पूरी जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।
भक्तिभारत विभिन्न त्योहारों के साथ-साथ स्थानीय त्योहार, विभिन्न राज्य आधारित त्योहार, जयंती, व्रत, गुरु पर्व, ग्रहण, एकादशी, चतुर्दशी, संक्रांति, पूर्णिमा, पंचमी, विभिन्न मेला आदि के बारे में भी बिस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
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