भक्तिभारत ऑनलाइन में सबसे प्रामाणिक हिंदू धार्मिक वेबसाइट है। सभी व्रत, आगामी त्योहार, आज के त्योहार, उत्सव, पूजा, जयंती आदि के लिए इसमें बहुत सारी जानकारी दी गई है, जैसे कि व्रत कब है, त्योहार कैसे मनाएं या मुहूर्त के अनुसार पूजा कैसे करें इन सभी के लिए केवल भक्तिभारत साइट अनुसरण करें।
✨ काली पूजा - Kali Puja ❯ ❯
पुरी में काली पूजा दिवाली (कार्तिक माह की अमावस्या) के साथ बड़ी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है।
📜 भद्रा - Bhadra ❯ ❯
भद्रा महीने के एक पक्ष में चार बार दोहराई जाती है। उदाहरण के लिए, भाद्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी और पूर्णिमा तिथि के पहले भाग में और भद्रा चतुर्थी और एकादशी तिथि के उत्तरार्ध में होती है।
🔱 कार्तिक मासिक शिवरात्रि - Kartik Mashik Shivratri ❯ ❯
शिवरात्रि व्रत साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक व्रत का त्यौहार है, अतः इस व्रत को मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है।
✨ हनुमान-पूजा - Hanuman Puja ❯ ❯
छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। जिससे व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति हो सकती हैं।
✨ पुरी में काली पूजा - Kali Puja in Puri ❯ ❯
पुरी में काली पूजा दिवाली (कार्तिक माह की अमावस्या) के साथ बड़ी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है।
🪔 दिवाली 2026 - Diwali 2026 ❯ ❯
दीपावली भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रकाशमय त्यौहार है।
✨ नरक चतुर्दशी - Narak Chaturdashi ❯ ❯
नरक चतुर्दशी को रूप चतुर्दशी, नर्क चतुर्दशी, नरक चौदस, रुप चौदस अथवा नरका पूजा के नामों से जाना जाता है।
🌚 दर्श कार्तिक अमावस्या - Darsh Kartik Amavasya ❯ ❯
अमावस्या एक वर्ष मे 12 बार आने वाला मासिक उत्सव है, अधिक मास की स्थिति मे यह एक वर्ष मे 13 बार भी हो सकती है।
🌚 सोमवती अमावस्या - Somvati Amavasya ❯ ❯
सोमवार के दिन आने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। गणित के प्रायिकता सिद्धांत के अनुसार अमावस्या वर्ष में एक अथवा दो बार ही सोमवार के दिन हो सकती है।
⛰️ गोवर्धन पूजा - Govardhan Puja ❯ ❯
जब भगवान श्री कृष्ण ने स्वर्ग के राजा इंद्र को उनके घमंड चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत उठा कर पराजित किया, तब से गोवर्धन पूजा मनाई जाती है।
⚙️ अन्नकूट उत्सव - Annakut Festival ❯ ❯
अन्नकूट उत्सव जिसे गोवर्धन पूजा भी कहा जाता है दिवाली के एक दिन बाद मनाया जाने वाला एक सुंदर हिंदू उत्सव है।
👫🏻 भाई दूज - Bhai Dooj ❯ ❯
भाई दूज बहन-भाई के प्यारे रिश्ते से जुड़े रक्षाबंधन की तरह, लेकिन कुछ विभिन्न अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है। यह धार्मिक दिन भाई - बहन के प्रेम की घनिष्ठता को जीवंत करता है।
📜 चित्रगुप्त पूजा - Chitragupta Puja ❯ ❯
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को चित्रगुप्त की पूजा करने का विधान है। कहा जाता है कि चित्रगुप्त की पूजा करने से व्यापार में उन्नति का वरदान मिलता है। कायस्थ समाज में चित्रगुप्त को एक आराध्य देवता के रूप में पूजा जाता है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
🌙 कार्तिक चन्द्र दर्शन - Kartik Chandra Darshan ❯ ❯
चंद्र दर्शन अमावस्या के बाद चंद्रमा को देखने की परंपरा है। हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन का अत्यधिक धार्मिक महत्व है।
🎋 छठ पूजा: नहाये खाये - Chhath Puja: Nahaye Khaye ❯ ❯
छठ पर्व या छठ पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी से कार्तिक शुक्ल सप्तमी तक मनाया जाने वाला चार दिनों तक चलने वाला लोक पर्व है।
✨ कार्तिक विनायक चतुर्थी - Kartik Vinayak Chaturthi ❯ ❯
गणेश चतुर्थी व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है..
🪔 लाभ पंचमी - Labh Panchami ❯ ❯
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भारत के गुजरात राज्य में, लाभ पंचमी सबसे अधिक महत्ता के साथ मनाया जाता है।
✨ सूरसम्हारम - Soorasamharam ❯ ❯
दक्षिण भारत में भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र कार्तिकेय को मुरुगन या अयप्पा के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर नामक राक्षस का वध किया था इसलिए इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से जीवन में उच्च योग के लक्षण प्राप्त होते हैं। स्कंद षष्ठी के दौरान, भक्त छह दिनों का उपवास रखते हैं जो कार्तिक या पिरथमाई के चंद्र महीने के पहले दिन से शुरू होता है और छठे दिन समाप्त होता है जिसे सूरसम्हारम दिवस के रूप में जाना जाता है।
☀️ वृश्चिक संक्रान्ति - Vrishchika Sankranti ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अनुसार, संक्रांति (Sankranti) का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। भारत के कुछ हिस्सों में, प्रत्येक संक्रांति को एक महीने की शुरुआत के रूप में चिह्नित किया जाता है।
📜 पंचक - Panchak ❯ ❯
नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को पंचक कहा जाता है।
🐅 कार्तिक अष्टमी व्रत - Kartik Ashtami Vrat ❯ ❯
शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के भक्त उनकी पूजा करते हैं और पूरे दिन उपवास रखते हैं।
🐮 गोपाष्टमी - Gopashtami ❯ ❯
जब भगवान श्री कृष्ण पौगंड अवस्था में पहुँचे, तब गोपाष्टमी के दिन नंद महाराजा ने गायों और श्रीकृष्ण जी के लिए एक समारोह किया।
🌿 आंवला नवमी - Amla Navami ❯ ❯
आंवला नवमी को अक्षय नवमी के रूप में भी जाना जाता है। आंवला नवमी कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।
🐚 स्मार्त गुरुवायुर एकादशी - Smarta Guruvayur Ekadashi ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अंतर्गत प्रत्येक माह की 11वीं तीथि को एकादशी कहा जाता है। एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित तिथि माना जाता है..
📿 पंचुक व्रत - Panchuka Vrat ❯ ❯
पंचुक व्रत पवित्र माह 'कार्तिक' का आखिरी शुभ पांच दिन है जिसे ओडिशा में बहुत ही सात्विक तरीके से मनाई जाती है।
🪔 इगास - Igas ❯ ❯
इगास पर्व दीपावली के 11वें दिन यानी एकादशी को मनाया जाता है। उत्तराखंड के इस लोक उत्सव को इगास बग्वाल, इगास दिवाली और बूढ़ी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। एगास पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाता है।
✨ पुष्कर मेला - Pushkar Mela ❯ ❯
पुष्कर मेला जो की पुष्कर स्नान नाम से भी जाना जाता है देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है, जिसके बहुत धार्मिक महत्व है।
➶ खाटू श्याम जन्मदिन - Khatu Shyam Birthday ❯ ❯
हिन्दू पंचांग के अनुसार श्री खाटू श्याम जी की जयंती प्रतिवर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इसी दिन देवउठनी एकादशी भी पड़ती है। इस दिन श्री खाटू श्याम जी की विधिवत पूजा के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के भोग भी अर्पित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्री खाटूश्याम जी भगवान कृष्ण के कलियुगी अवतार हैं। राजस्थान के सीकर में श्री खाटू श्याम की भव्य मंदिर स्थापित है। मान्यता है कि यहां भगवान के दर्शन मात्र से ही हर मनोकामना पूरी हो जाती है।
🌱 तुलसी विवाह - Tulsi Vivah ❯ ❯
तुलसी विवाह, माँ तुलसी और भगवान विष्णु का विवाह अनुष्ठान है। इस त्योहार के दौरान कन्यादान समारोह सहित सभी शादी से संबंधित अनुष्ठान किए जाते हैं।
✨ कालिदास जयंती - Kalidas Jayanti ❯ ❯
कालिदास अपनी महानतम संस्कृत कविताओं और नाटकों के लिए एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व थे। वह एक प्रसिद्ध कवि थे जिनकी \"कालिदास मेघदूत\" दुनिया की सबसे महान कविताओं में से एक मानी जाती है।
विभिन्न पूजा पर्व जैसे कि दीवाली, जन्माष्टमी, धनतेरस, गणेश पूजा, नवरात्रि, भाई दूज, रक्षाबंधन, छठ पूजा, गोवर्धन पूजा, धनतेरस, जगन्नाथ रथ यात्रा, राम नवमी, हनुमान जयंती, शिव रात्रि, नाग पंचमी एवं विनायक पूजा. प्रसिद्ध त्योहारों चतुर्थी, दुर्गा पूजा, लोहड़ी, वैसाखी, होली, होलिका दहन, करवा चौथ, सावन सोमवार, शंकराचार्य जयंती आदि पर्व की पूरी जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।
भक्तिभारत विभिन्न त्योहारों के साथ-साथ स्थानीय त्योहार, विभिन्न राज्य आधारित त्योहार, जयंती, व्रत, गुरु पर्व, ग्रहण, एकादशी, चतुर्दशी, संक्रांति, पूर्णिमा, पंचमी, विभिन्न मेला आदि के बारे में भी बिस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
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