भक्तिभारत ऑनलाइन में सबसे प्रामाणिक हिंदू धार्मिक वेबसाइट है। सभी व्रत, आगामी त्योहार, आज के त्योहार, उत्सव, पूजा, जयंती आदि के लिए इसमें बहुत सारी जानकारी दी गई है, जैसे कि व्रत कब है, त्योहार कैसे मनाएं या मुहूर्त के अनुसार पूजा कैसे करें इन सभी के लिए केवल भक्तिभारत साइट अनुसरण करें।
📜 भद्रा - Bhadra ❯ ❯
भद्रा महीने के एक पक्ष में चार बार दोहराई जाती है। उदाहरण के लिए, भाद्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी और पूर्णिमा तिथि के पहले भाग में और भद्रा चतुर्थी और एकादशी तिथि के उत्तरार्ध में होती है।
✨ गणेशोत्सव: गणेश विसर्जन - Ganeshotsav: Ganesh Visarjan ❯ ❯
गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी से शुरू होते हुए, 10 दिनों के बाद अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के ही दिन श्री गणेश विसर्जन भी होता है।
📿 अनंत चतुर्दशी - Anant Chaturdashi ❯ ❯
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित अनंत चतुर्दशी पर्व मनाया जाता है। अनंत चतुर्दशी त्योहार का हिंदू धर्म में बहुत ही विशेष महत्व है और इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन भी किया जाता है।
✨ दशलक्षण पर्व (समापन) - Daslakshan Parva (Ends) ❯ ❯
पर्यूषण जैन धर्म का मुख्य पर्व है। जिन्हें प्रचलित भाषा में दसलक्षण पर्व के नाम से भी संबोधित किया जाता है।
🙏 पितृ पक्ष (पूर्णिमा श्राद्ध) - Pitru Paksha (Purnima Shraddha) ❯ ❯
पितृ पक्ष जिसे श्राद्ध या कानागत भी कहा जाता है, श्राद्ध पूर्णिमा के साथ शुरू होकर सोलह दिनों के बाद सर्व पितृ अमावस्या के दिन समाप्त होता है। पितृ पक्ष प्रारंभ - शनिवार, 26 सितम्बर 2026 - शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
✨ भाद्रपद 2026 - Bhadrapada 2026 ❯ ❯
सावन पूर्णिमा के अगले दिन से भाद्रपद माह की शुरुआत होती है।
🐚 भाद्रपद सत्यनारायण व्रत - Bhadrapada Satyanarayan Vrat ❯ ❯
हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान सत्यनारायण व्रत करने से और कथा सुनने से पुण्य फल प्राप्त होती है। श्री सत्यनारायण पूजा भगवान नारायण का आशीर्वाद लेने के लिए की जाती है। हालांकि सत्यनारायण पूजा करने के लिए कोई निश्चित दिन नहीं है, लेकिन पूर्णिमा या पूर्णिमा के दौरान इसे करना बेहद शुभ माना जाता है।
🌕 भाद्रपद पूर्णिमा - Bhadrapad Purnima ❯ ❯
पूर्णिमा प्रत्येक माह की शुक्ला पक्ष मे आने वाला मासिक उत्सव है, अतः पूर्णिमा वर्ष मे 12 बार, तथा अधिक मास की स्थिति मे 13 बार भी हो सकती है।
🐅 आश्विन माह 2026 - Ashwin Maas 2026 ❯ ❯
आश्विन मास का नाम 'अश्विनी' नक्षत्र के कारण ही पड़ा है। 'अश्विनी' हिंदू कैलेंडर में समय की गणना में उपयोग किए जाने वाले 27 नक्षत्रों में से पहला है।
✨ अंगारकी चतुर्थी - Angarki Chaturthi ❯ ❯
जब कोई संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन होती है उसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है, और यह दिन सभी संकष्टी चतुर्थीयों में अत्यधिक शुभ माना जाता है।
✨ विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी - Vighnaraja Sankashti Chaturthi ❯ ❯
हर महीने पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है।
🪔 विलक्कु पूजा - Vilakku Pooja ❯ ❯
विलक्कु पूजा, भाग्य और समृद्धि की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक है। थिरु विलक्कु पूजा, ज्यादातर शुक्रवार को या तो सुबह या शाम को दीपक जलाकर की जाती है। यह मुख्य रूप से तमिल महीनों, चिथिरई और वैगासी के दौरान की जाती है, और यह पवित्र दीप पूजा अमावस और पूर्णिमा के दिनों में भी की जा सकती है।
⚙️ आश्विन कृष्ण जन्माष्टमी - Ashwin Krishna Janmashtami ❯ ❯
मासिक जन्माष्टमी हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है।
👹 आश्विन कालाष्टमी व्रत - Ashvin Kalashtami Vrat ❯ ❯
कालाष्टमी प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आने वाले एक हिंदू त्यौहार है जोकि भगवान शिव के ही एक रूप भगवान भैरव को समर्पित है।
👶 जितिया - Jitiya ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष आश्विन मास की कृष्ण अष्टमी को सुहागन स्त्रियां द्वारा जितिया व्रत रखा जाता है। जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका एवं जिउतिया व्रत भी कहा जाता है।
🙏 मातृ नवमी - Matra Navami ❯ ❯
अश्विन कृष्ण नवमी के दिन माताओं, सुहागिन स्त्रियों और आज्ञात महिलाओं के श्राद्ध करने का विधान है। मातृ नवमी को नवमी श्राद्ध, नौमी श्राद्ध तथा अविधवा श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
🐚 इंदिरा एकादशी - Indira Ekadashi ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अंतर्गत प्रत्येक माह की 11वीं तीथि को एकादशी कहा जाता है। एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित तिथि माना जाता है..
🔱 गुरु प्रदोष व्रत - Guru Pradosh Vrat ❯ ❯
माह की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष काल मे होना, प्रदोष व्रत होने का सही कारण है।
🔱 आश्विन मासिक शिवरात्रि - Ashwin Mashik Shivratri ❯ ❯
शिवरात्रि व्रत साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक व्रत का त्यौहार है, अतः इस व्रत को मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है।
🐅 महालया - Mahalaya ❯ ❯
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, मां दुर्गा के भक्त दुर्गा पूजा से एक सप्ताह पहले महालया मनाते हैं। पितृ पक्ष के अंतिम दिन को महालया मनाया जाता है।
🌚 आश्विन अमावस्या - Ashwin Amavasya ❯ ❯
अमावस्या एक वर्ष मे 12 बार आने वाला मासिक उत्सव है, अधिक मास की स्थिति मे यह एक वर्ष मे 13 बार भी हो सकती है।
👑 अग्रसेन जयंती - Agrasen Jayanti ❯ ❯
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा अर्थात नवरात्री के प्रथम दिवस को महाराज अग्रसेन के जन्म दिवस के रूप में अग्रसेन जयंती मनाई जाती है।
🐅 शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)/ नवरात्रि 2026 - Shardiya Navratri ❯ ❯
शारदीय नवरात्रि नौ दिनों का उत्सव है, सभी नौ दिन माँ आदि शक्ति के विभिन्न रूपों को समर्पित किए गये हैं। 11 अक्टूबर 2026 को शुरू होगा ।
🌙 आश्विन चन्द्र दर्शन - Ashwin Chandra Darshan ❯ ❯
चंद्र दर्शन अमावस्या के बाद चंद्रमा को देखने की परंपरा है। हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन का अत्यधिक धार्मिक महत्व है।
🌙 सिन्दूर तृतीया - Sindoor Tritiya ❯ ❯
शारदीय नवरात्रि का तृतीया दिन देवी पार्वती के माँ चंद्रघंटा रूप को समर्पित है, यही तृतीया दिवस सिंदूर तृतीया पर्व के नाम से प्रसिद्ध है।
✨ आश्विन विनायक चतुर्थी - Ashwin Vinayak Chaturthi ❯ ❯
गणेश चतुर्थी व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है..
✨ ललिता पञ्चमी - Lalita Panchami ❯ ❯
ललिता पंचमी को देवी ललिता की पूजा की जाती हैं, तथा ललिता देवी को ही त्रिपुर सुंदरी तथा षोडशी के नाम से भी जाना जाता है।
☀️ तुला संक्रान्ति - Tula Sankranti ❯ ❯
हिंदू पंचांग के अनुसार, संक्रांति (Sankranti) का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। भारत के कुछ हिस्सों में, प्रत्येक संक्रांति को एक महीने की शुरुआत के रूप में चिह्नित किया जाता है।
🐅 दुर्गा पूजा - Durga Puja ❯ ❯
दुर्गा पूजा को माँ दुर्गा द्वारा दुष्ट राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्ति की खुशी में मनाया जाता है, इसलिए माँ को दुर्गतनाशिनी के रूप में पूजा जाता है।
🐅 आश्विन अष्टमी व्रत - Ashwin Ashtami Vrat ❯ ❯
शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के भक्त उनकी पूजा करते हैं और पूरे दिन उपवास रखते हैं।
विभिन्न पूजा पर्व जैसे कि दीवाली, जन्माष्टमी, धनतेरस, गणेश पूजा, नवरात्रि, भाई दूज, रक्षाबंधन, छठ पूजा, गोवर्धन पूजा, धनतेरस, जगन्नाथ रथ यात्रा, राम नवमी, हनुमान जयंती, शिव रात्रि, नाग पंचमी एवं विनायक पूजा. प्रसिद्ध त्योहारों चतुर्थी, दुर्गा पूजा, लोहड़ी, वैसाखी, होली, होलिका दहन, करवा चौथ, सावन सोमवार, शंकराचार्य जयंती आदि पर्व की पूरी जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।
भक्तिभारत विभिन्न त्योहारों के साथ-साथ स्थानीय त्योहार, विभिन्न राज्य आधारित त्योहार, जयंती, व्रत, गुरु पर्व, ग्रहण, एकादशी, चतुर्दशी, संक्रांति, पूर्णिमा, पंचमी, विभिन्न मेला आदि के बारे में भी बिस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
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