टॉप मंदिर

  • भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग


    भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

    श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मंदिर के गर्भग्रह के सामने नंदी महाराज एवं कच्छप देव विराजमान हैं।

  • शिकोहाबाद बालाजी

    श्री बालाजी महाराज शक्ति पीठ धाम, श्री हनुमान के बाल रूप श्री बालाजी को समर्पित है। बाबा जाहरवीर जी अथवा गोगा जी को समर्पित जाहरवीर द्वार हवन शाला के पीछे नवनिर्मित किया गया है।

  • श्री केदार गौरी मंदिर

    श्री केदार गौरी मंदिर (Shri Kedar Gouri Temple) दो मंदिरों का समूह है श्री केदारेश्वर मंदिर और श्री केदारगौरी मंदिर है, मुक्तेश्वर मंदिर के मंदिर के पास स्थित है। यह भुवनेश्वर के आठ अस्तसंबु मंदिरों में से एक है।

  • अन्नपूर्णा माता मंदिर

  • श्री त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

    श्री त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग तीन छोटे-छोटे लिंग ब्रह्मा, विष्णु और शिव प्रतीक स्वरूप, त्रि-नेत्रों वाले भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

  • बालाजी मंदिर, वैशाली

    सनवैली इंटरनेशनल स्कूल वैशाली के पास श्री हनुमंत लाल के बालाजी रूप को समर्पित श्री मनोकामना सिद्ध बालाजी मंदिर स्थित है।

  • गंगा गोदावरी उद्‍गम

श्री हनुमान जी आरती

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..

त्रिमूर्तिधाम: श्री हनुमान जी की आरती

जय हनुमत बाबा, जय जय हनुमत बाबा । रामदूत बलवन्ता..

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली: भजन

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली। कृष्ण नाम के हीरे मोती...

ले चल अपनी नागरिया, अवध बिहारी साँवरियाँ: भजन

ले चल अपनी नागरिया, अवध बिहारी साँवरियाँ । लें चल अपनी नागरिया ।..

भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं: भजन

चली कांवड़ियों की टोली, सब भोले के हमजोली, गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं।

बैल दी सवारी कर आया हो: भजन

बैल दी सवारी कर आया हो, मेरा भोला भंडारी, भोला भंडारी मेरा शम्भू जटाधारी,

दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर

हनुमान जी श्री राम के बहुत बड़े भक्त हैं और भगवान शिव के अवतार हैं। हनुमान जी के माता-पिता का नाम अंजना और केसरी है इसलिए उन्हें अंजनी-पुत्रा और केसरी-नंदन कहा जाता है।

दिल्ली के प्रसिद्ध शिव मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध शिव मंदिर

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रमुख भगवान शिव मंदिर:

सोमनाथ के प्रमुख सिद्ध मंदिर
सोमनाथ के प्रमुख सिद्ध मंदिर

विश्व प्रसिद्ध श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव के शिवलिंग रूप की नगरी है जो वैरावल क्षेत्र में आती है।

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

वह शक्ति हमें दो दया निधे: प्रार्थना

उत्तर प्रदेश के साथ अधिकतर उत्तर भारत के सरकारी स्कूल में 1961 से ही गाई जाने वाली सबसे प्रसिद्ध प्रार्थना। वह शक्ति हमें दो दया निधे...

दया कर दान विद्या का: प्रार्थना

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह...

भगवान बुद्ध वन्दना

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स। नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स।...

श्री हनुमान चालीसा
श्री हनुमान चालीसा

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥

श्री शिव चालीसा
श्री शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

श्री दुर्गा चालीसा
श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥

राम से बड़ा राम का नाम क्यों?

श्री राम दरबार में हनुमानजी महाराज श्री रामजी की सेवा में इतने तन्मय हो गये कि गुरू वशिष्ठ के आने का उनको ध्यान ही नहीं रहा!...

नाम जप की महत्ता: प्रेरक कहानी

प्रभु नाम के जप ने एक भिखारी को सच्चा दाता बना दिया है। यह सुनकर अकबर बड़े हैरान हुये। ये है नाम जप का प्रभाव जो भिखारी से सच्चा दाता बना दे।

श्री राम नाम जाप महिमा

अगर तुम तीन बार राम नाम का जाप करते हो तो यह सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम या १००० बार ईश्वर के नाम का जाप करने के बराबर है।

वैदिक पौराणिक शंख

वैदिक पौराणिक शंख, शंख के नाम एवं प्रकार, शंख की महिमा, भगवान श्रीकृष्ण, अर्जुन, भीमसेन, युधिष्ठिर, नकुल, सहदेव, सहदेव, भीष्म के शंख का क्या नाम था?

राहुकाल क्या होता है?

ग्रहों के गोचर में हर दिन सभी ग्रहों का एक निश्चित समय होता है, इसलिए राहु के लिए भी हर समय एक दिन आता है, जिसे राहु काल कहा जाता है।

पंडित जी, वैशाली गाज़ियाबाद

वैशाली, इंदिरापुरम एवं वसुंधरा क्षेत्र के प्रतिष्ठित पंडित जी से आप भक्ति-भारत के द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं।

`तिथि` क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

तिथि को हम इस प्रकार भी समझ सकते हैं कि 'चंद्र रेखा' को 'सूर्य रेखा' से 12 अंश ऊपर जाने में लगने वाला समय को तिथि कहते हैं।

बेसन के लड्‍डू बनाने की विधि
बेसन के लड्‍डू बनाने की विधि

बेसन के लड्‍डू गजानन श्री गणेश को अति प्रिय हैं, अतः इनका प्रयोग गणेशोत्सव के दौरान खूब होता है, आइए जानते हैं इन्हें बनाने की सरल विधि...

साबूदाने की खीर बनाने की विधि
साबूदाने की खीर बनाने की विधि

...इस प्रकार भोग के लिए आपकी साबुदाने की खीर बन कर तैयार हो गई।

सिंघाड़े का हलवा बनाने की विधि
सिंघाड़े का हलवा बनाने की विधि

सिंघाड़े का हलवा बन कर तैयार हो जाता है। कतलियों को अपने स्वादानुसार काजू अथवा बादाम 1-1 चम्मच से सजा लेते हैं।

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