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Top Mandirs

  • Shree Jagannathji Mandir


    Shree Jagannathji Mandir

    श्री जगन्नाथजी मंदिर (Shree Jagannathji Mandir) was initially established as Shri Hanuman temple. With the inspiration of Puri Jagannath Mandir, Shree Sarangdas Ji Maharaj turn this holy place as Shri Jagannath temple.

  • Shri Rukmani Devi Mandir

    श्री रुक्मणी देवी मंदिर (Shri Rukmani Devi Mandir) is dedicated to Lord Krishna`s chief wife Devi Rukmani, She is considered to be the incarnation of Godess Lakshmi.

  • Shri Gopeshwar Mahadev Mandir

    When you walk through Vaishali metro station using right side escalator, you always feel a yellow shade temple among 4-5 high rise building. When you reach this peaceful place, you will find Lord Shiv temple called श्री गोपेश्वर महादेव मंदिर (Shri Gopeshwar Mahadev Mandir), Sector 4 Vaishali.

  • Rohini Kalibari

    The part of digital India campaign रोहिणी कालीबाड़ी (Rohini Kalibari) having virtual paytm donation box.

  • Hanumaan Bari

    Nagla Khushhali having a ~300 years old great holistic banyan tree with called हनुमान बरी (Hanumaan Bari). A place where lord Shri Hanuman murti (statue) originated from banyan(वट वृक्ष, बरगद) tree

  • Shri Krishna Pranami Mandir

    A center of Nijanand Sampraday श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर (Shri Krishna Pranami Mandir), Rohini Delhi. A golden history of 3060 kanya vivah, 30k free polio upchar and organized 33 Gaushala.

आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

आरती: माँ सरस्वती जी

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

मंत्र: शिव तांडव स्तोत्रम्

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥१॥

श्री शङ्कराचार्य कृतं - वेदसारशिवस्तोत्रम्

पशूनां पतिं पापनाशं परेशं,
गजेन्द्रस्य कृत्तिं वसानं वरेण्यम्।

श्री शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

चालीसा: माँ सरस्वती जी।

जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि।
बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥

संतोषी माता की चालीसा!

जय सन्तोषी मात अनूपम। शान्ति दायिनी रूप मनोरम॥
सुन्दर वरण चतुर्भुज रूपा। वेश मनोहर ललित अनुपा॥

श्री सूर्य देव

जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥
भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!, सविता हंस! सुनूर विभाकर॥ 1॥

आदियोगी - The Source of Yoga

दूर उस आकाश की गहराइयों में, एक नदी से बह रहे हैं आदियोगी...
गीत - प्रसून जोशी, ध्वनि एवं रचना - कैलाश खेर

काशी वाले, देवघर वाले, जय शम्भू।

काशी वाले देवघर वाले, भोले डमरू धारी।
खेल तेरे हैं निराले, शिव शंकर त्रिपुरारी।

भजन: बोलो हर हर हर, फिल्म शिवाय

आग बहे तेरी रग में, तुझसा कहाँ कोई जग में
है वक़्त का तू ही तो पहला पहर, तू आँख जो खोले तो ढाए कहर

भजन: शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ।
अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥

दिल्ली मे कहाँ मनारहे? जगन्नाथ रथ यात्रा
दिल्ली मे कहाँ मनारहे? जगन्नाथ रथ यात्रा

बहु प्रतीक्षित जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव को दिल्ली वाले कहाँ-कहाँ माना रहे हैं। [14 July 2018] दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरूग्राम और फरीदाबाद के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर...

दिल्ली के प्रमुख श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर
दिल्ली के प्रमुख श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर

List of top Shri Krishna Pranami Dharm Temples in New Delhi, Noida, Ghaziabad...

दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर।
दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर।

दिल्ली और आस-पास के शहर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर।

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन!

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं।
नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥

प्रार्थना: वह शक्ति हमें दो दया निधे!

वह शक्ति हमें दो दया निधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें।
पर सेवा पर उपकार में हम, निज जीवन सफल बना जावें॥

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों...

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी।
क्षत्रिय महारथी हों, अरिदल विनाशकारी॥

प्रार्थना: दया कर दान विद्या का हमे परमात्मा देना!

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों में बच्चों द्वारा सुबह की सभा में गाई जाने वाली हिंदी प्रार्थना..
दया कर दान विद्या का हमे परमात्मा देना।

मैं तो स्वयं शिव हूँ!

एक था भिखारी! रेल सफ़र में भीख़ माँगने के दौरान एक सूट बूट पहने सेठ जी उसे दिखे। उसने सोचा कि यह व्यक्ति बहुत अमीर लगता है, इससे भीख़ माँगने पर यह मुझे जरूर अच्छे पैसे देगा।...

यज्ञ की सच्ची पूर्ण आहुति!

एक बार युधिष्ठिर ने विधि-विधान से महायज्ञ का आयोजन किया। उसमें दूर-दूर से राजा-महाराजा और विद्वान आए।...

बुरे विचारों से बचने के उपाय

एक दिन आचानक किसी संत से उसका सम्पर्क हुआ। वह संत से उक्त अशुभ विचारों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने लगा...

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा!
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा!

शिव पुराण के अनुसार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव का प्रथम ज्योतिर्लिंग है। पुराणो में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना से सम्बंधित कथा इस प्रकार है...

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा!
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा!

दारूका नाम की एक प्रसिद्ध राक्षसी थी, जो पार्वती जी से वरदान प्राप्त कर अहंकार में चूर रहती थी। उसका पति दरुका महान् बलशाली राक्षस था।...

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा
अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों की सहायता करता था...

अष्टोत्तर भैरव नामावलि

अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्: श्री भैरव जी के कल्याणकारी 108 नाम/नामावलि - ॐ भैरवाय नमः, ॐ भूतनाथाय नमः, ॐ भूतात्मने नमः, ॐ भूतभावनाय नमः, ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः

मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं - श्रीवल्लभाचार्य कृत

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं ।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥

श्री दुर्गा माँ के 108 नाम

अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली, आशावादी, भगवान् शिव पर प्रीति रखने वाली, ब्रह्मांड की निवास, संसार बंधनों से मुक्त करने वाली...

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र।...

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