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तारवाले बालाजी मंदिर @Ashoknagar, Madhya Pradesh

रामचंडी हनुमान मंदिर @Puri, Odisha
बालाजी धाम मंदिर, इंदिरापुरम @Ghaziabad, Uttar Pradesh
सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र-प्राप्ति के लिए मंगलवार व्रत रखना शुभ माना जाता है। पढ़े हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा...
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है।...
किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे..
बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...
हनुमान जी के 12 नाम | हनुमान द्वादश नाम | हनुमानद्वादशनाम स्तोत्र | Hanumaan 12 naam |
अर्थ- विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से धन आता है, धन से धर्म होता है...

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

नमो नमो श्री सती भवानी। जग विख्यात सभी मन मानी ॥ नमो नमो संकट कू हरनी..

बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम । अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम ॥
बलराम दास (लगभग 1472–1540) ओडिशा के महानतम संत-कवियों में से एक थे और ओडिया साहित्य के सम्मानित 'पंचसखा' (पाँच मित्र) समूह में सबसे बड़े थे। उन्होंने ओडिया भाषा के माध्यम से पवित्र हिंदू धर्मग्रंथों को आम लोगों तक पहुँचाकर भक्ति आंदोलन को फैलाने में अहम भूमिका निभाई।
गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक हैं और अब तक के सबसे महान धार्मिक अन्वेषकों में से एक हैं। गुरु नानक एक सर्वव्यापी, निराकार ईश्वर में विश्वास करते हैं। सिख आमतौर पर भगवान, वाहेगुरु (वा-हे-गुरु) कहते हैं।
श्री निर्मलानंदनाथ महास्वामीजी, श्री आदिचुंचनगिरि मठ के 72वें प्रधान पुजारी हैं। वह परम पूज्य जगद्गुरु पद्मभूषण श्री श्री श्री बालगंगाधरनाथ महा स्वामीजी के समर्पित शिष्य हैं।
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती ब्रह्मा कुमारियों की आध्यात्मिक नेता थीं। वह ब्रह्माकुमारीज़ संगठन की पहली प्रशासनिक प्रमुख भी थीं।

हनुमान जी श्री राम के बहुत बड़े भक्त हैं और भगवान शिव के अवतार हैं। हनुमान जी के माता-पिता का नाम अंजना और केसरी है इसलिए उन्हें अंजनी-पुत्रा और केसरी-नंदन कहा जाता है।

बागलामुखी जयंती पूजा सुबह या रात में की जा सकती है। इन्हें माता पीताम्बरा के रूप में भी जाना जाता है, पूजा के दौरान सब कुछ पीला होना चाहिए।

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के प्रसिद्ध भगवान श्री झूलेलाल जी मंदिरों की सूची निम्न लिखित है...
तुलसी माला पहनने से व्यक्ति की पाचन शक्ति, तेज बुखार, दिमाग की बीमारियों एवं वायु संबंधित अनेक रोगों में लाभ मिलता है। संक्रामक बीमारी और अकाल मौत भी नहीं होती, ऐसी धार्मिक मान्यता है।
एक पुराना मन्दिर था। दरारें पड़ी थीं। खूब जोर से वर्षा हुई और हवा चली। मन्दिर बहुत-सा भाग लड़खड़ा कर गिर पड़ा..
मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूं कि, तुम जीवन में बहुत सुखी रहोगे और धूल को भी हाथ लगाओगे तो वह सोना बन जायेगी।
जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।
धार्मिक परंपरा, रीति-रिवाजों के महत्व और व्यावहारिक कारणों से पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा आमतौर पर एक दिन में गुंडिचा मंदिर नहीं पहुँचती है।
रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा का वार्षिक रथ उत्सव है। वे तीन अलग-अलग रथों पर यात्रा करते हैं और लाखों लोग रथ खींचने के लिए इकट्ठा होते हैं।
पुरी रथ यात्रा विश्व के सबसे प्राचीन और विशाल धार्मिक उत्सवों में से एक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दिव्य रथों के दर्शन करने के लिए पुरी पहुँचते हैं।