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माँ बाट मंगला मंदिर @Puri, Odisha

शक्तिपीठ मंदिर @Gurugram, Haryana
श्री देशु माता मंदिर @Kufri, Himachal Pradesh
संतोषी माता व्रत कथा | सातवें बेटे का परदेश जाना | परदेश मे नौकरी | पति की अनुपस्थिति में अत्याचार | संतोषी माता का व्रत | संतोषी माता व्रत विधि | माँ संतोषी का दर्शन | शुक्रवार व्रत में भूल | माँ संतोषी से माँगी माफी | शुक्रवार व्रत का उद्यापन
भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों...
आश्विन मास की संकष्टी चतुर्थी को श्रीकृष्ण तथा बाणासुर की इस कथा के अनुसार एक समय की बात है बाणासुर की कन्या उषा ने सुषुप्तावस्था में अनिरुद्ध का स्वप्न देखा..
नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥
ॐ तारिण्यै नमः। ॐ तरलायै नमः। ॐ तन्व्यै नमः।
श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ श्रीगणेशाय नमः । नारद उवाच । भगवन्देवदेवेश सृष्टिस्थितिलयात्मक । शतमष्टोत्तरं नाम्नां बगलाया वदाधुना ॥ श्रीविष्णुयामले नारदविष्णुसंवादे श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥

जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा । कीरति नंदिनी शोभा धामा ॥ नित्य विहारिणी श्याम अधर ।

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें
बिहार कोकिला | जन्म- 1 अक्टूबर 1952, ग्राम हुलास, जिला सुपौल (बिहार) | देहावसान- 5 नवंबर 2024, एम्स, नई दिल्ली | माता- कस्तूरी देवी |पिता- सुखदेव नारायण सिन्हा
ब्रह्मा-बाबा यानी लेखराज कृपलानी ब्रह्माकुमारी संप्रदाय के संस्थापक हैं।
स्वामी अखंडानंद एक महान उपदेशक और समाज सुधारक थे। उन्होंने पूरे भारत में यात्रा की और वेदांत का संदेश प्रचारित किया।
स्वामी सुखबोधानंद एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु, वेदांत विद्वान, प्रेरक वक्ता और लेखक हैं। वे भगवद गीता, उपनिषदों और वेदांत की शिक्षाओं को व्यावहारिक और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

नीचे दिए गये हैं, दिल्ली और आस-पास के राज्यों के सबसे ज्यादा प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल मे आपको जरूर जाना चाहिए...

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के शीर्ष मा आदि शक्ति, मां दुर्गा और मां काली मंदिरों की सूची...

आइए जानें मध्य प्रदेश के मुरैना जिला के प्राचीन, ऐतिहासिक एवं वास्तु के लिए विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में..
उन्हीं के संस्कारों का परिणाम ये हुआ कि आज कई पीढ़ियों के बाद भी उनका परिवार धर्म की राह पर चलता हुआ फल-फूल रहा है।..
एक बार एक राजा ने यह फैसला लिया कि वह प्रतिदिन 100 अंधे लोगों को खीर खिलाया करेगा। एक दिन खीर वाले दूध में सांप ने मुंह डाला
श्री टी.एन. शेषन जब मुख्य चुनाव आयुक्त थे, तो परिवार के साथ छुट्टीयां बिताने के लिए मसूरी जा रहे थे। परिवार के साथ उत्तर प्रदेश से निकलते हुऐ रास्ते में..
भजन एक प्रकार का गीत है जिसे भगवान के प्रति सम्मान और भक्ति दिखाने के लिए बजाया जाता है। भजन किसी भी भाषा में हो सकते हैं। कुछ मंत्रों का उच्चारण संगीत के रूप में किया जाता है। भारत में कई प्रसिद्ध हिंदी भजन गायक हैं, जैसे की:
हिंदुओं का मानना है कि पितृ पक्ष मैं श्राद्ध करने से पूर्बजों को मुक्ति मिलती है और प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध की रस्में हिंदू परंपराओं के अनुसार बहुत सारे प्रतिबंधों के तहत की जाती हैं। इस दौरान कुछ भोजनों से परहेज किया जाता है।
पितृ पक्ष की पूजा के दौरान मौली (पूजा के दौरान कलाई पर बाँधा जाने वाला पवित्र लाल-पीला धागा) नहीं बाँधी जाती क्योंकि इस अवधि में किए जाने वाले अनुष्ठान केवल पितरों (पूर्वजों) के लिए होते हैं, न कि देवताओं के लिए।
हिंदू धर्म में बुराइयों से छुटकारा पाने के कई उपाय हैं। हिन्दू धर्म में पवित्र सूत्रों का बड़ा महत्व होता है। लोग इन पवित्र धागों को अपने शरीर के विभिन्न अंगों में धारण करते हैं सकारात्मक परिणामके लिए। पवित्र धागों में लाल, नारंगी, सफेद, काला और पीला जैसे विभिन्न रंग मौजूद होते हैं। सभी धागों के अपने विशिष्ट कारण होते हैं।