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अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

एकलव्य द्वार द्रोणाचार्य को गुरुदक्षिणा में अंगुठा देने की पौराणिक कथा

माना जाता है कि निषादराज हिरण्यधनु के पुत्र एकलव्य धनुर्विद्या सीखने के लिए संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर गुरू द्रोणाचार्य के पास गये परन्तु गुरू द्रोणाचार्य ने एकलव्य को निषाद पुत्र जानकर धनुर्विद्या सीखाने से इनकार कर दिया था

भौम प्रदोष व्रत कथा

जो प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है वह प्रदोष भौम प्रदोष व्रत या मंगल प्रदोष व्रत कहलाता है। एक नगर में एक वृद्धा रहती थी। उसका एक ही पुत्र था..

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र

मुनीन्द्र वृन्द वन्दिते त्रिलोक शोक हारिणि, प्रसन्न वक्त्र पण्कजे निकुञ्ज भू विलासिनि, व्रजेन्द्र भानु नन्दिनि व्रजेन्द्र सूनु संगते..

राधा चालीसा
राधा चालीसा

जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा । कीरति नंदिनी शोभा धामा ॥ नित्य विहारिणी श्याम अधर ।

हनुमान चालीसा
हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

गणेश चालीसा
गणेश चालीसा

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। श्री गणेश चालीसा के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स और अर्थ यहाँ पढ़ें। भगवान गणेश की कृपा पाने और सुख-समृद्धि के लिए नियमित रूप से चालीसा का पाठ करें।

द्रोणाचार्य

द्रोणाचार्य, जिन्हें गुरु द्रोण के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय पौराणिक कथाओं के महाकाव्य महाभारत के मुख्य पात्रों में से एक हैं।

गुरु राम दास

असली नाम - भाई जेठा | गुरु - गुरु अमर दास जी | जन्म स्थान - लाहौर | जन्म - शुक्रवार, 9 अक्टूबर 1534 | मृत्यु - शनिवार, 16 सितंबर 1581
वैवाहिक स्थिति - विवाहित | पिता - भाई हरि दास जी | माता - माता अनूप देवी जी

तरूण सागर

मुनि तरुण सागर एक भारतीय दिगंबर साधु थे। उनके व्याख्यानों को कड़वे प्रवचन कहा जाता है क्योंकि वे सामान्य प्रथाओं और विचारों की खुलकर आलोचना करते थे।

नाहर सिंह पांडे

नाहार सिंह पांडे महाराजा गोगादेव के प्रधानमंत्री, सेनापति और राजपंडित थे। नाहर सिंह पाण्डे जी ने ही गोगाजी के दोनों पुत्रो सज्जन और सामत को अभ्यास कराकर शास्त्र का अभ्यास करवाया था।

भारत के चार धाम
भारत के चार धाम

आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। बद्रीनाथ धाम, रामेश्वरम धाम, जगन्नाथ धाम, द्वारका धाम...

दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिर

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के शीर्ष मा आदि शक्ति, मां दुर्गा और मां काली मंदिरों की सूची...

दिल्ली के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर

दिल्ली और आस-पास के शहर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर।

सर्वश्रेष्ठ हो, बस वही ईश्वर को समर्पित हो - प्रेरक कहानी

उस राज्य की राजकुमारी भगवान के आगे अपना मुंडन करवा रही थी और वहाँ पर एक किसान जिसके स्वयं के वस्त्र फटे हुये थे पर वो कुछ लोगों को नये नये वस्त्र दान कर रहा था।

बुजुर्गों का अनुभव हमें हर पल सिखाता है - प्रेरक कहानी

युवा युगल उन वरिष्ठ युगल से बहुत अधिक लगाव रखते थे, और उन्हें दादा दादी की तरह सम्मान देते थे..

सतगुरु की कृपा: जब चींटी पर हुई गुरु कृपा

एक संत ने बहुत सुंदर उदाहरण दिया। वे कहते थे कि अगर किसी चींटी को हरिद्वार से ऋषिकेश खुद जाना हो, तो उसे तीन-चार जन्म लग सकते हैं।

राधाष्टमी विशेषांक

राधा अष्टमी देवी राधा रानी को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। यह त्योहार प्रार्थना, उपवास, कीर्तन और भजन के साथ मनाया जाता है।

जन्माष्टमी विशेषांक 2026

आइए जानें! श्री कृष्ण जन्माष्टमी से जुड़ी कुछ जानकारियाँ, प्रसिद्ध भजन एवं सम्वन्धित अन्य प्रेरक तथ्य..

ISKCON

ISKCON संप्रदाय के भक्त भगवान श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं। इनके द्वारा गाये जाने वाले भजन, मंत्र एवं गीतों का कुछ संग्रह यहाँ सूचीबद्ध किया गया है, सभी सनातनी परम्परा के भक्त इसका आनंद लें।

संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।

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