टॉप मंदिर

  • शंख मंदिर


    शंख मंदिर

    श्री संतोषी माता मंदिर, मोहन भाई रामी और हीरा बहिन का लोकप्रिय एवं रचनात्मक सपना है, यह मंदिर लोगों के बीच मे शंख वाले मंदिर के नाम से लोकप्रिय है।

  • श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर

    श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर नाशिक पंचवटी के तपोवन का एक महत्वपूर्ण मंदिर है। कुम्भ मेले के दौरान प्रशासन द्वारा भी सर्व प्रथम संत, महंतो और महामंडलेश्वरों के रुकने की व्यवस्था इसी मंदिर में की जाती है।

  • संतोषी माता मंदिर

    हरि नगर के पवित्र माँ संतोषी मंदिर की स्थापना 3 जुलाई 1981 को सतगुरु श्री शमशेर बहादुर सक्सेना जी और उनकी पत्नी सतगुरु माँ श्रीमती कांता सक्सेना जी ने की थी।

  • श्री महालक्ष्मी मंदिर

    श्री महालक्ष्मी मंदिर में माँ के तीन रूप श्री महासरस्वती विद्या की देवी, समृद्धि की देवी माँ महालक्ष्मी और समय और मृत्यु से मुक्ति देने वाली देवी श्री महाकाली विराजमान हैं।

  • श्री महालक्ष्मी मंदिर

    श्री महालक्ष्मी मंदिर मुख्‍यतया तीन देवियों श्री महाकाली, श्री महालक्ष्मी और श्री महासरस्वती को समर्पित है। मंदिर के पीछे की ओर समुद्र दर्शन किया जा सकता है, तथा मंदिर के चारों तरफ बैठने की व्यवस्था है।

  • इस्कॉन मंदिर दिल्ली

    दिल्ली एनसीआर को उसका पहला इस्कॉन मंदिर, जिसका नाम श्री श्री राधा पार्थसारथी मन्दिर है, जन-जन मे यह मंदिर इस्कॉन टेंपल दिल्ली के नाम से प्रसिद्ध है।

  • सूर्य मंदिर

    सूर्य मंदिर जयपुर का आध्यात्मिक एवं दर्शनीय सूर्योदय और सूर्यास्त बिंदु है। जयपुर की पहिली और आखिर 90 अंश की किरण इसी मंदिर पर पड़ती है, इसलिए महाराज सवाई जय सिंह के दूत श्री राव कृपा रामजी के द्वारा यहाँ मंदिर बनवाया गया था।

श्री सत्यनारायण जी आरती

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

गोविंद चले चरावन धेनु

गोविंद चले चरावन धेनु । गृह गृह तें लरिका सब टेरे शृंगी मधुर बजाई बेनु ॥

भजन: भए प्रगट कृपाला दीनदयाला

श्री रामअवतार स्तुति बधाई, सोहर, जन्मदिन अवसरों पर लोकप्रिय है। भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी ।

गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ

गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ, मेरे मुरलीधर माधव..

नौ दिन का त्यौहार है आया: भजन

नौ दिन का त्यौहार है आया, ध्यान करो माँ नवदुर्गा का..

द्वारका, गुजरात के विश्व विख्यात मंदिर!
द्वारका, गुजरात के विश्व विख्यात मंदिर!

भगवान श्री कृष्ण की कर्म स्थली के नाम से विश्व विख्यात द्वारका शहर गुजरात व भारत के आखिरी पश्चिमी छोर पर स्थित है।...

दिल्ली के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर।
दिल्ली के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर।

दिल्ली और आस-पास के शहर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर...

दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर!
दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर!

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के शीर्ष मा आदि शक्ति, मां दुर्गा और मां काली मंदिरों की सूची...

भजन: जय राम रमा रमनं समनं।

जय राम राम रमनं समनं। भव ताप भयाकुल पाहि जनम॥ अवधेस सुरेस रमेस बिभो।...

भगवान श्री चित्रगुप्त जी स्तुति - जय चित्रगुप्त यमेश तव!

जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम्। जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम्॥

श्री हनुमान साठिका

जय जय जय हनुमान अडंगी। महावीर विक्रम बजरंगी॥ जय कपीश जय पवन कुमारा। जय जगबन्दन सील अगारा॥

प्रार्थना: हे प्रभो आनंद-दाता ज्ञान हमको दीजिए!

हे प्रभु आनंद-दाता ज्ञान हमको दीजिये, शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिए । लीजिये हमको शरण में...

माँ श्री लक्ष्मी चालीसा
माँ श्री लक्ष्मी चालीसा

मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥

श्री दुर्गा चालीसा
श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥

श्री सूर्य देव चालीसा
श्री सूर्य देव चालीसा

जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!...

प्रेरक कहानी: श्री तुलसी जी का चमत्कार

तुलसी माला पहनने से व्यक्ति की पाचन शक्ति, तेज बुखार, दिमाग की बीमारियों एवं वायु संबंधित अनेक रोगों में लाभ मिलता है। संक्रामक बीमारी और अकाल मौत भी नहीं होती, ऐसी धार्मिक मान्यता है।

बुढ़िया माई को मुक्ति दी - तुलसी माता की कहानी

कार्तिक महीने में एक बुढ़िया माई तुलसीजी को सींचती और कहती कि: हे तुलसी माता! सत की दाता मैं तेरा बिडला सीचती हूँ..

प्रेरक कहानी: भक्ति का प्रथम मार्ग है, सरलता!

प्रभु बोले भक्त की इच्छा है पूरी तो करनी पड़ेगी। चलो लग जाओ काम से। लक्ष्मण जी ने लकड़ी उठाई, माता सीता आटा सानने लगीं। आज एकादशी है...

श्री लक्ष्मी के 108 नाम - श्रीलक्ष्मीष्टोत्तरशतनामावलिः

ॐ प्रकृत्यै नमः ॥ ॐ विकृत्यै नमः ॥ ॐ विद्यायै नमः ॥ ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः ॥ ॐ श्रद्धायै नमः ॥ ॐ विभूत्यै नमः ॥

श्री हनुमान अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

ॐ आञ्जनेयाय नमः । ॐ महावीराय नमः । ॐ हनूमते नमः । ॐ मारुतात्मजाय नमः । ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः । ॐ सीतादेविमुद्राप्रदायकाय नमः ।...

श्री कुबेर अष्टोत्तर शतनामावली - 108 नाम

ॐ कुबेराय नमः ॥ ॐ धनदाय नमः ॥ ॐ श्रीमाते नमः ॥ ॐ यक्षेशाय नमः ॥ ॐ गुह्य​केश्वराय नमः ॥ ॐ निधीशाय नमः...

श्री गौ अष्टोत्तर नामावलि - गौ माता के 108 नाम

ॐ कपिला नमः । ॐ गौतमी नमः । ॐ सुरभी नमः । ॐ गौमती नमः । ॐ नंदनी नमः । ॐ श्यामा नमः । ॐ वैष्णवी नमः ।..

दीपम उत्सव 2020

दीपम उत्सव या कार्तिगाई दीपम एक हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत में तमिल और तेलुगु समुदाय के लोगों द्वारा मनाया जाता है।

नागार्जुन वेश

26 साल बाद, पुरी भगवन जग्गनाथ मंदिर में नागार्जुन वेश।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2020

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | Thursday, 26 November 2020 देवोत्थान एकादशी - Utthana Ekadasi

दीवाली विशेष 2020

दीवाली/दीपावली क्यों, कब, कहाँ और कैसे? आरती माँ लक्ष्मीजी, भगवान श्री कुबेर जी की आरती, आरती श्री गणेश जी, आरती श्री रामचन्द्र जी की कीजै, श्री गोवर्धन महाराज आरती

सूजी का हलवा बनाने की विधि
सूजी का हलवा बनाने की विधि

भोग लगाने के लिए सूजी का हलवा तैयार करने के सरल विधि...

चावल की पारंपरिक खीर बनाने की विधि
चावल की पारंपरिक खीर बनाने की विधि

सबसे पहले चावलों को अच्छी तरह धोने के बाद आधा घण्टे के लिए भिगोने रख देते हैं।

बालभोग बनाने की सरल विधि
बालभोग बनाने की सरल विधि

जन्माष्टमी, कथा आदि के बाद प्रसाद के रूप में प्रयोग होने वाले बालभोग को बनाने की सरल विधि..

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