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देहोत्सर्ग तीर्थ @Somnath, Gujarat

थिरुमलागिरी श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर @Bengaluru, Karnataka
गुरुवयूर मंदिर @East Nada, Guruvayur, Kerala
भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों...
जो प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है वो गुरु प्रदोष व्रत कहलाता है। गुरुवार प्रदोष व्रत रखने से भक्तों को अपने पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। एक बार इन्द्र और वृत्रासुर की सेना में घनघोर युद्ध हुआ।..
नारदजी बोले - जब भगवान् शंकर चले गये तब हे प्रभो! उस बाला ने शोककर क्या किया! सो मुझ विनीत को धर्मसिद्धि के लिए कहिये।
भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...
मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार)देवताओं के द्योतक हैं।
॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

शिव चालीसा - जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला.. शिव चालीसा लिरिक्स के सरल शब्दों से भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न होते हैं

जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी॥

श्री रघुबीर भक्त हितकारी । सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ निशि दिन ध्यान धरै जो कोई । ता सम भक्त और नहिं होई ॥
महंत अवैद्यनाथ एक भारतीय राजनीतिज्ञ और हिंदू उपदेशक थे। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु और गुरु थे। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भद्राचल रामदासु, जिन्हें कांचेरला गोपन्ना के नाम से भी जाना जाता है, 17वीं सदी के भगवान राम के प्रसिद्ध भक्त, तेलुगु संगीतकार और वर्तमान तेलंगाना के संत कवि थे। उन्हें विशेष रूप से भगवान राम के प्रति उनकी गहरी भक्ति और भद्राचलम स्थित श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर से उनके गहरे जुड़ाव के लिए याद किया जाता है।
बाबा कीनाराम शैव धर्म की अघोर परंपरा से जुड़े एक पूजनीय भारतीय रहस्यवादी, संत और आध्यात्मिक सुधारक थे।
असली नाम - भाई लहना जी | गुरु - गुरु नानक देव जी | जन्म स्थान - मत्ते दी सराय, श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब | जन्म - गुरुवार, 31 मार्च 1504 | मृत्यु - शनिवार, 16 अप्रैल 1552

आइए जानें मध्य प्रदेश के मुरैना जिला के प्राचीन, ऐतिहासिक एवं वास्तु के लिए विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में..

शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंग, अलग-अलग स्थानों पर स्थापित शिव ज्योतिर्लिंग, जानिए भारत के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे मे | Bharat Ke Barah Shiv Jyotirlinga

पुरी भारत के चार धाम में से एक धाम है। जानिए, जगन्नाथ पुरी के शीर्ष प्रसिद्ध मंदिरों की सूची...
एक बार एक व्यक्ति श्री वृंदावन धाम में दर्शन करने गया। तभी एक संत अपनी कुटिया के बाहर बैठे बड़ा अच्छा पद गा रहे थे कि हो नयन हमारे अटके श्री बिहारी जी के चरण कमल में..
एक दिन आचानक किसी संत से उसका सम्पर्क हुआ। वह संत से उक्त अशुभ विचारों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने लगा...
एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान: आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे, एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो जाता हूँ, आप मेरा रूप धारण कर घूम आओ।
महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।
जैन धर्म में जैन ध्वज महत्वपूर्ण है और इसके अनुयायियों के लिए एकता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है। विभिन्न समारोहों के दौरान जैन ध्वज मंदिर के मुख्य शिखर के ऊपर फहराया जाता है।
यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026
पतिव्रता नारियों के बारे में बहुत कुछ सनातन ग्रंथों में लिखा है। भक्ति भारत आपको पतिव्रता नारी कैसी होनी चाहिए इसके बारे में श्री शिव महापुराण के माध्यम से आप तक पहुँचा रहे हैं।