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टॉप मंदिर

  • श्री योगमाया मंदिर


    श्री योगमाया मंदिर

    Siddhapeeth, Shaktipeeth, Gyanpeeth and Jyotipeeth श्री योगमाया मंदिर (Shri Yogmaya Mandir) is taken care by 16th generation of same family of vatsh gotra. Temple is dedicated to Shri Yogmaya sister of Lord Krishna, Near by Qutub Minar.

  • तीर्थराज मुचुकुन्द

    The nephew of all Teerth, तीर्थराज मुचुकुन्द (Tirthraj Muchkund) series of 108 temples surrounded around a large holy pond. Due to name of 24th Suryavanshi Raja Muchukand, nineteen generations before Lord Shri Ram.

  • भगवान वाल्मीकि मंदिर

    भगवान वाल्मीकि मंदिर (Bhagwan Valmiki Mandir) dedicated to Maharishi Valmiki. Prime Minister Narendra Modi gave a clarion call for a ‘स्वच्छ भारत - Swach Bharat (Clean India)’ on the birth anniversary of the Mahatma Gandhi on 2 October 2014.

  • भगवान वाल्मीकि मंदिर

    Second oldest Maharishi Valmiki temple of Delhi, named as भगवान वाल्मीकि मंदिर (Bhagwan Valmiki Mandir) organized by valmiki samaj near Lok Nayak Bhawan and Shri Gopal Mandir. Valmiki temple is easily accessible from Khan Market metro station.

  • श्री मनन धाम

    The inspiration of Maa Vaishno Devi, श्री मनन धाम (Shree Manan Dham) beautifully crafted as per hindu shashtra and architecture, also known as the Shankh Wala Mandir.

  • श्री वार्ष्णेय मंदिर

    The highest peak temple of Aligarh, श्री वार्ष्णेय मंदिर (Shri Varshney Mandir) was initiated on chaitra shukla Shri Ram Navmi 12 April 2000, with the worship of Shri Ganesh and Kalash Pooja.

आरती: तुलसी महारानी नमो-नमो!

तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो। धन तुलसी पूरण तप कीनो, शालिग्राम बनी पटरानी।

आरती: जय जय तुलसी माता

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता। सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥

श्री शङ्कराचार्य कृतं - अन्नपूर्णा स्तोत्रम्।

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी, निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी।

मंत्र: शांति पाठ

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:, पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।...

तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि
तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि

...जब मिश्रण हल्का गरम हो तभी लड्डू बना लें ठंडा होने पर लड्डू नहीं बन पाएँगे।

मीठे गुना बनाने की विधि
मीठे गुना बनाने की विधि

...पर इस बात का ध्यान अवश्य रखें की, गुना एक-एक करके ही कढ़ाई में तलें/सेके।

बालूशाही बनाने की विधि
बालूशाही बनाने की विधि

ध्यान रखें कि, बालूशाईयों अलग-अलग कर फैला कर रखें, ताकि बालूशाही एक दूसरे से चिपक न जाएं...

तू प्यार का सागर है...

तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम। लौटा जो दिया तूने, चले जायेंगे जहां से हम...

भजन: सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को...

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया, ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है...

भजन: वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे...

वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे। पर दुःखे उपकार करे तो ये...

भजन: शरण में आये हैं हम तुम्हारी

शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी...

ब्रजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर
ब्रजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर

ब्रजभूमि अथवा ब्रिजभूमि भगवान कृष्ण की बचपन से संबंधित गतिविधियों से जुड़ा क्षेत्र है।

दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर!
दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर!

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के शीर्ष मा आदि शक्ति, मां दुर्गा और मां काली मंदिरों की सूची...

दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध शिव मंदिर
दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध शिव मंदिर

4 मार्च 2019 को आने वाली महा शिवरात्रि इन मंदिरों मे मनाई जाएगी। नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रमुख भगवान शिव मंदिर:

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

श्री हनुमान साठिका

जय जय जय हनुमान अडंगी। महावीर विक्रम बजरंगी॥ जय कपीश जय पवन कुमारा। जय जगबन्दन सील अगारा॥

श्री बजरंग बाण पाठ।

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

संकट मोचन हनुमानाष्टक

लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर। वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥

तुलसी विवाह पौराणिक कथा

एक बार शिव ने अपने तेज को समुद्र में फैंक दिया था। उससे एक महातेजस्वी बालक ने जन्म लिया। यह बालक आगे चलकर जालंधर के नाम से...

अहोई अष्टमी व्रत कथा

प्राचीन काल में किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके सात लड़के थे।

अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा

बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान...

करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी...

माता श्री तुलसी चालीसा
माता श्री तुलसी चालीसा

जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी॥

चालीसा: श्री हनुमान जी
चालीसा: श्री हनुमान जी

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥

श्री सूर्य देव चालीसा
श्री सूर्य देव चालीसा

जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!...

प्रेरक कहानी: विपरीत परिस्थिति में कैसा व्यवहार करे?

तभी साधू ने दोबारा उसे हाथ में लेकर बचने की कोशिश की पर बिच्छू ने एक बार फिर से तेज डंक का प्रहार किया और साधू के हाथ से छूट कर दूर जा कर गिरा।...

प्रेरक कहानी: गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते

उन्होंने मेरे शब्दो का मान रखते हुए मेरे शिष्य पर अपनी सारी कृपा उडेल दी। इसलिए कहते है गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते।

प्रभु भक्त अधीन: कृष्ण और शिकारी, संत की कथा

एक बार की बात है। एक संत जंगल में कुटिया बना कर रहते थे और भगवान श्री कृष्ण का भजन करते थे।...

माँ तुलसी अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

ॐ श्री तुलस्यै नमः। ॐ नन्दिन्यै नमः। ॐ देव्यै नमः। ॐ शिखिन्यै नमः। ॐ धारिण्यै नमः।...

श्री रुद्राष्टकम् - श्री गोस्वामितुलसीदासकृतं

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं - श्रीवल्लभाचार्य कृत

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं॥

श्री दुर्गा माँ के 108 नाम

सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, जया, आद्य, त्रिनेत्र, शूलधारिणी...

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