🐅चैत्र मास 2026 - Chaitra Maas 2026

Chaitra Maas Date: Tuesday, 23 March 2027

चैत्र मास हिंदू कैलेंडर के अनुसार पहला महीना होता है। यह माह की शुरुआत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस माह में ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इस माह को मां दुर्गा के 09 रूपों को प्रसन्न और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।

तमिलनाडु में इसे चिथिरई के नाम से जाना जाता है, सिंधी में यह चेत है और चेटी चांद (झूलेलाल का जन्म) के उत्सव द्वारा चिह्नित है।

चैत्र मास पर्व
हिंदू धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व है। क्योंकि होली, भाई दूज, युगादी, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि, रामनवमी, हनुमान जयंती, गणगौर इसी महीने में आते हैं। चैत्र मास के प्रथम दिन सभी को नव वर्ष की बधाई दें फिर इस महीने की शुरुआत से चार महीने तक जल दान करें।

चैत्र मास 2026
इस वर्ष चैत्र मास की गणना 4 मार्च 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक है।

चैत्र मास 2026 व्रत, त्यौहार, जयंती और समारोह
4th मार्च, बुधवार 2026 - होली
5th मार्च, बृहस्पतिवार 2026 - भाई दूज, भ्रातृ द्वितीया
6th मार्च शुक्रवार 2026 - भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
8th मार्च, रविवार 2026 - रंग पञ्चमी
10th मार्च, मंगलवार 2026 - शीतला सप्तमी
11th मार्च, बुधवार 2026 - शीतला अष्टमी, बसोड़ा
15th मार्च, रविवार 2026 - पापमोचिनी एकादशी
16th मार्च, सोमवार 2026 - सोम प्रदोष व्रत
18th मार्च, बुधवार 2026 - दर्श अमावस्या, अन्वाधान
19th मार्च, बृहस्पतिवार 2026 - युगादी, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि, चैत्र अमावस्या, इष्टि
20th मार्च, शुक्रवार 2026 - चन्द्र दर्शन
21st मार्च, शनिवार 2026 - मत्स्य जयंती, गौरी पूजा, गणगौर
23rd मार्च, सोमवार 2026 - लक्ष्मी पञ्चमी
24th मार्च, मंगलवार - यमुना छठ
26th मार्च, बृहस्पतिवार 2026 - रामनवमी *स्मार्त
27th मार्च, शुक्रवार 2026 - रामनवमी *इस्कॉन, स्वामीनारायण जयंती
29th मार्च, रविवार 2026 - कामदा एकादशी
30th मार्च सोमवार 2026 - सोम प्रदोष व्रत
1st अप्रैल बुधवार 2026 - अन्वाधान
2nd अप्रैल, बृहस्पतिवार 2026 - हनुमान जयंती, हनुमान जन्मोत्सव, चैत्र पूर्णिमा, इष्टि

उत्सव विधिमंदिर में प्रार्थना, व्रत, घर में पूजा
Read in English - Chaitra Maas 2026
Chaitra maas, the first month of the Hindu calendar, which marks the beginning of the Hindu New Year.

चैत्र मास का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी माह की प्रतिपदा को भगवान विष्णु के दशावतारों के प्रथम अवतार मत्स्यावतार ने अवतार लेकर जलप्रलय से घिरे मनु को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जहां से प्रलय के बाद नई सृष्टि का प्रारंभ हुआ। मान्यता है कि चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से सृष्टि के रचयिता ब्रह्म देव ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। वहीं सतयुग की शुरुआत भी चैत्र मास से हुयी थी।

चैत्र माह में क्या करें?

❀ महाभारत के अनुसार इस माह में दिन में केवल एक बार ही भोजन करना चाहिए।
❀ नियमित रूप से भगवान विष्णु और सूर्य की पूजा करनी चाहिए और व्रत भी रखना चाहिए।
❀ इस माह में सूर्योदय से पहले उठकर ध्यान और योग करना चाहिए, ऐसा करने से व्यक्ति तनाव मुक्त और स्वस्थ रहता है।
❀ इस माह में सूर्य और देवी की पूजा करनी चाहिए, जिससे प्रतिष्ठा के साथ शक्ति और ऊर्जा मिलती है।
❀ चैत्र माह में नियमित रूप से पेड़-पौधों में पानी देना चाहिए और लाल फलों का दान करना चाहिए।

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
आवृत्ति
वार्षिक
समय
30 दिन
महीना
मार्च - अप्रैल
मंत्र
जय माता रानी
उत्सव विधि
मंदिर में प्रार्थना, व्रत, घर में पूजा
पिछले त्यौहार
2 April 2026, 4 March 2026

Updated: May 28, 2025 16:45 PM

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