💦हरिद्वार कुंभ - Haridwar Kumbh

Haridwar Kumbh Date: Somavati Amavasya (Shahi Snaan): 12 April 2021
कुंभ मेला हिन्दू तीर्थयात्राओं में सर्वाधिक पावन तीर्थयात्रा है। बारह वर्षों के अंतराल से यह पर्व हरिद्वार में मनाया जाता है।

कुंभ मेला हिन्दू तीर्थयात्राओं में सर्वाधिक पावन तीर्थयात्रा है। बारह वर्षों के अंतराल से यह पर्व हरिद्वार में मनाया जाता है।

पद्मिनी नायके मेषे कुम्भराशि गते गुरौ ।
गंगा द्वारे भवेद्योगः कुम्भनाम्रातदोत्तमः ॥
अर्थात: सूर्य जब मेष राशि में आये और बृहस्पति ग्रह कुम्भ राशि में हो तब गंगाद्वार अर्थात हरिद्वार में कुम्भ का उत्तम योग होता है।

ऐसे श्रेष्ठ अवसर पर सम्पूर्ण भारत के साधु-सन्यासी, बड़े बड़े मठों के महंत और पीठाधीश और दर्शन शास्त्र के अध्येता विद्वान हरिद्वार में एकत्र होते हैं। इनके अलावा समाज के सभी वर्गों के लोग छोटे बड़े, अमीर ग़रीब, बड़े बूढ़े, स्त्री पुरुष भी यहाँ आते हैं। इस पावन अवसर पर जनमानस की ऐसी विशालता और विविधता को देखकर विश्वास होता है कि वास्तव में महाकुम्भ ही अमृत साधना का महापर्व है।

समुद्र मंथन के दौरान अमृत से भरा एक घडा भी निकला। देवगण और दानवों के बीच अमृत के लिए संघर्ष हुआ। तब देवराज इंद्र के संकेत पर उनका पुत्र जयन्त जब अमृत कुंभ लेकर भागने की चेष्टा कर रहा था, तब कुछ दानवों ने उसका पीछा किया। अमृत-कुंभ के लिए स्वर्ग में बारह दिन तक संघर्ष चलता रहा और उस कुंभ से चार स्थानों पर अमृत की कुछ बूंदें गिर गईं। यह स्थान पृथ्वी पर हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक थे। इन स्थानों की पवित्र नदियों को अमृत की बूंदे प्राप्त करने का श्रेय मिला।

प्रत्येक स्थान पर बारह वर्षों के बाद समान रूप से कुंभ आयोजित होता है। अमृत-कुंभ के लिए स्वर्ग की गणना से बारह दिन तक संघर्ष हुआ, जो धरती के लोगों के लिए बारह वर्ष के समान है। प्रत्येक स्थान पर कुंभ पर्व की भिन्न-भिन्न ग्रह और तिथियाँ निश्चित हैं।

घडा को कुंभ भी कहा जाता है, अतः इन अमृत प्राप्त जगहों के विशाल आध्यात्मिक समारोह को कुंभ नाम से जाना जाने लगा।

संबंधित अन्य नाम
हरिद्वार कुंभ मेला, हरिद्वार कुंभ स्नान, हरिद्वार महाकुंभ

Haridwar Kumbh in English

Kumbh Mela is the most sacred pilgrimage among Hindu pilgrimages. This festival is celebrated in Haridwar with an interval of twelve years.

हरिद्वार कुंभ 2021 प्रमुख स्नान तिथियाँ

1) मकर संक्रान्ति: 14 जनवरी, गुरूवार 2021
2) पौष पूर्णिमा: 28 जनवरी, गुरूवार 2021 (पूर्णिमा स्नान)
3) मौनी अमावस्या: 11 फरवरी, गुरूवार 2021
4) बसंत पंचमी: 16 फरवरी, मंगलवार 2021
5) माघी पूर्णिमा: 27 फरवरी, शनिवार 2021
6) महाशिवरात्रि: 11 मार्च, गुरूवार 2021 (शाही स्नान)
7) सोमवती अमावस्या: 12 अप्रैल, सोमवार 2021 (शाही स्नान)
8) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 13 अप्रैल, मंगलवार 2021 (नवरात्रि) (नई साल)
9) मेष संक्रान्ति: 14 अप्रैल, बुधवार 2021 (शाही स्नान)
10) राम नवमी: 21 अप्रैल, बुधवार, 2021
11) चैत्र पूर्णिमा: 27 अप्रैल, मंगलवार 2021 (श्री हनुमान जन्मोत्सव) (शाही स्नान)

संबंधित जानकारियाँ

आगे के त्यौहार(2021)
Somavati Amavasya (Shahi Snaan): 12 April 2021Chaitra Shukla Pratipada: 13 April 2021Mesh Sankranti (Shahi Snaan): 14 April 2021Ram Navami: 21 April 2021Chaitra Purnima (Shahi Snaan): 27 April 2021
आवृत्ति
12 वर्ष
समय
2 महीने दिन
सुरुआत तिथि
मकर संक्रान्ति
समाप्ति तिथि
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
महीना
जनवरी / फरवरी / मार्च / अप्रैल
उत्सव विधि
दान, गंगा स्नान, नदी पर स्नान
महत्वपूर्ण जगह
हरिद्वार में गंगा
पिछले त्यौहार
Mahashivratri (Shahi Snaan): 11 March 2021, Maghi Purnima: 27 February 2021, Basant Panchami: 16 February 2021, Mouni Amavasya: 11 February 2021, Paush Purnima: 28 January 2021, Makar Sankranti: 14 January 2021
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हरिद्वार कुंभ 2021 तिथियाँ

Festival NameFestival Date
Somavati Amavasya (Shahi Snaan) 12 April 2021
Chaitra Shukla Pratipada 13 April 2021
Mesh Sankranti (Shahi Snaan) 14 April 2021
Ram Navami 21 April 2021
Chaitra Purnima (Shahi Snaan) 27 April 2021
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