कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 33
Katha
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32
प्रेरक कथा: मैं ना होता तो क्या होता ?
पर हनुमान जी, प्रभु श्रीराम से कहते है... प्रभु, यदि मैं लंका न जाता, तो मेरे जीवन में बड़ी कमी रह जाती। विभीषण का घर जब तक मैंने नही देखा था, तब तक मुझे लगता था, कि लंका में भला सन्त कहाँ मिलेंगे...
bhajan
ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग @Omkareshwar, Madhya Pradesh
रुक्मणी मंदिर, द्वारका @Dwarka, Gujarat
श्री गायत्री शक्तिपीठ, द्वारका @Dwarka, Gujarat