कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 35
Katha
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 34
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 33
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32
प्रेरक कथा: मैं ना होता तो क्या होता ?
पर हनुमान जी, प्रभु श्रीराम से कहते है... प्रभु, यदि मैं लंका न जाता, तो मेरे जीवन में बड़ी कमी रह जाती। विभीषण का घर जब तक मैंने नही देखा था, तब तक मुझे लगता था, कि लंका में भला सन्त कहाँ मिलेंगे...
bhajan
श्री अनंत वासुदेव मंदिर @Bhubaneswar, Odisha
अंबिका भवानी मंदिर @Dighwara, Bihar
मंगला गौरी मंदिर गया @Gaya, Bihar