पराशर ऋषि जयंती हिंदू परंपरा के सबसे महान ऋषियों में से एक, ऋषि पराशर की जयंती है। ऋषि पराशर की जयंती वैशाख मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है।
ऋषि पराशर कौन थे?
❀ ऋषि पराशर, ऋषि शक्ति के पुत्र और महर्षि वसिष्ठ के पोते और वेदव्यास के पिता हैं, जो महाभारत के लेखक थे।
❀ ऋषि पराशर विष्णु पुराण के लेखक थे।
❀ उन्हें ज्योतिष शास्त्र में अग्रणी माना जाता था।
ऋषि पराशर जयंती तिथि
पराशर ऋषि जयंती शनिवार, 18 अप्रैल, 2026 को
प्रतिपदा तिथि - 17 अप्रैल, 2026 शाम 5:21 बजे से 18 अप्रैल, 2026 दोपहर 2:10 बजे तक
ऋषि पराशर जयंती का महत्व
❀ वैदिक ज्ञान, ज्योतिष और धर्म में अपार योगदान देने वाले ऋषि को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
❀ कर्म, भक्ति और धार्मिक जीवन के उपदेशों के लिए उन्हें याद किया जाता है।
❀ ज्योतिष में उनका कार्य, विशेष रूप से बृहत् पराशर होरा शास्त्र, आज भी व्यापक रूप से प्रचलित है।
ऋषि पराशर जयंती कैसे मनाई जाती है?
❀ पराशर ऋषि जयंती पर भक्त पूजा और हवन करते हैं।
❀ विष्णु पुराण का पाठ करते हैं, मंत्रों का जाप करते हैं और ज्ञान एवं मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना करते हैं।
❀ ज्योतिषियों और ज्योतिष के छात्रों द्वारा विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।
ऋषि पराशर जयंती का आध्यात्मिक महत्व
पराशर ऋषि को प्राचीन वैदिक ज्ञान और बाद के धर्मग्रंथों के बीच सेतु माना जाता है। उनके वंश और शिक्षाओं ने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों और परंपराओं को प्रभावित किया है, जो आज भी लाखों लोगों का मार्गदर्शन करते हैं।
| शुरुआत तिथि | वैशाख मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि |
| कारण | Rishi Parashar |
| उत्सव विधि | Recite the Vishnu Puran, Havan, Puja at Home |
Updated: Apr 09, 2026 16:23 PM