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मंगल दोष क्या है? (What is Mangal Dosh?)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में मंगल हो तो व्यक्ति को पराक्रम, सुख और धनवान बनाता है। मंगल के कारण छोटे भाई-बहनों से अच्छे संबंध बनते हैं। मान्यता के अनुसार यदि कुंडली में मंगल दोष हो तो पति-पत्नी के बीच सामंजस्य की कमी, कानूनी समस्या, कर्ज की समस्या और गंभीर चोट लगने की संभावना रहती है। इसलिए मंगल को शुभ बनाने और उसके दोषों से बचने के लिए कई ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में:
कैसे होता है मंगल दोष?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि मंगल किसी की कुंडली के चौथे भाव, लग्न भाव, सप्तम भाव, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित हो तो यह मंगल दोष माना जाता है।

मंगल दोष निवारण के उपाय
❀ मंगल दोष से बचने के लिए सौंफ को लाल कपड़े में बांधकर अपने शयनकक्ष में रखें।
❀ मंगल दोष से प्रभावित व्यक्ति जब भी अपना घर बनवाए तो उसे घर में लाल पत्थर जरूर लगवाना चाहिए।
❀ भाइयों को मिठाई खिलाने से भी मंगल दोष से मुक्ति मिलती है।
❀ एक लाल कपड़ा लें, उसमें दो मुट्ठी मसूर की दाल बांधकर मंगलवार के दिन किसी भिखारी को दान करें।
❀ मंगलवार के दिन हनुमानजी के चरणों से सिंदूर लेकर माथे पर लगाने से मंगल दोष दूर होता है।
❀ बंदरों को गुड़ और चना खिलाने से आपको मंगल दोष से राहत मिल सकती है।
❀ लाल फूल के पौधे या पेड़ अपने घर में लगाने और उनकी देखभाल करने से भी मंगल दोष से मुक्ति मिलती है।

शास्त्र कहता है यदि आप प्रभु हनुमान जी की लगातार पूजा करते हैं तो मंगल दोष दूर होता है। वह संकटमोचक, सभी दुखों और परेशानियों का हरण कारक है।

What is Mangal Dosh? in English

According to astrology, if Mangal is placed in the fourth house, ascendant house, seventh house, eighth house or twelfth house of one's horoscope, then it is considered as Mangal Dosh.
यह भी जानें

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