देहरादून-सहारनपुर राजमार्ग के निर्माण के दौरान
जय माँ डाट काली मनोकामना सिद्धपीठ मंदिर की स्थापना 30 जून, 1804 को हुई थी। उसी इतिहास को दोहराते हुए 14 अप्रैल 2026 को भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले माँ डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
मंदिर देवी काली को समर्पित है, मुख्य गर्भगृह में देवी माँ की काले पत्थर की प्रतिमा स्थापित है। पहाड़ों से घिरा होने के कारण यहाँ शांत वातावरण, हरे-भरे पेड़-पौधों और सुंदर प्रकृति देखने को मिलती है।
माँ डाट काली मंदिर के प्रमुख महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के अनुसार नया वाहन खरीदने के बाद भक्त यहाँ पूजा के लिए जरूर आते हैं। साथ ही साथ जब भी कोई भक्त नया काम शुरू करता है तो इस मंदिर में पूजा अर्चना करवाने जरूर आता है।
आषाढ़ मास में मंदिर का वार्षिक उत्सव मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में त्योहार जैसा माहौल दिखाई पड़ता है साथ ही साथ मेले की धूम-धाम होती है।
डाट काली मंदिर कैसे पहुंचें?
देहरादून के डाट काली मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्त हवाई मार्ग, ट्रेन अथवा सड़क मार्ग में से किसी भी साधन का उपयोग कर सकते हैं। देहरादून का सबसे निकटतम हवाई यात्रा ऑप्शन मे जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है, जो मंदिर से लगभग 38.5 किलोमीटर दूर है। भारत के प्रमुख शहरों से इस हवाई अड्डे के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। साथ ही साथ भक्त ट्रेन से 12.5 किलोमीटर दूर देहरादून रेलवे स्टेशन तक पहुँच सकते हैं।
दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जैसे आस-पास के शहरों से देहरादून सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है अतः भक्त बस अथवा टैक्सी लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
प्रचलित नाम: जय माँ डाट काली मनोकामना सिद्धपीठ