मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
शिव शक्ति मंदिर, वसुंधरा @Ghaziabad Uttar Pradesh
भगवान शिव माता आदिशक्ति एवं मकर संक्राती को समर्पित श्री शिव शक्ति संक्रांति मंदिर, वसुंधरा का सबसे बड़ा शिव-शक्ति मंदिर है।
विराट रामायण मंदिर @Kesariya Bihar
विराट रामायण मंदिर ₹500 करोड़ के अनुमानित बजट के साथ भारत के पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया में प्रस्तावित हिंदू मंदिर है। पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक होगा। 20 जून 2023 से मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। मान्यता यह है कि यहां भगवान श्रीराम की बारात रुकी थी, अब इस स्थान पर बनने जा रहा है विराट रामायण मंदिर जो की 270 फीट ऊंचा होगा। विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के लिए नियोजित संरचना
राजा-रानी मंदिर @Bhubaneswar Odisha
राजा-रानी मंदिर का निर्माण सुस्त लाल और पीले बलुआ पत्थर से किया गया था, जिसे स्थानीय लोग राजा-रानी के नाम से बुलाते हैं अतः मंदिर का नाम राजा-रानी मंदिर पड़ा है।
श्री भैरव मंदिर @Kalkaji New Delhi
कालकाजी मेट्रो स्टेशन के एक तरफ है, श्री कालकाजी मंदिर दूसरी ओर स्थित है दिल्ली के प्रसिद्ध भैरव मंदिरों मे से एक श्री भैरव मंदिर।
कोनेस्वरम मंदिर, श्रीलंका @Trincomalee
कालकाजी मेट्रो स्टेशन के एक तरफ है, श्री कालकाजी मंदिर दूसरी ओर स्थित है दिल्ली के प्रसिद्ध भैरव मंदिरों मे से एक श्री भैरव मंदिर।
ककनमठ @Morena Madhya Pradesh
ककनमठ मंदिर के नाम से विख्यात यह अद्भुत मंदिर भग्नावस्था में भी अपने मूर्तिशिल्प को संजोये हुये है। एक बड़े चबूतरे पर निर्मित इस मंदिर की वास्तु योजना में गर्भगृह, स्तंभयुक्त मंडप एवं आकर्षक मुखमंडप है जिसमें प्रवेश हेतु सामने की ओर सीढ़ियों का प्रावधान है।
श्री नीलकंठ महादेव मंदिर @Rishikesh Uttarakhand
श्री नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश के पास भगवान शिव के नामों में से एक श्री नीलकंठ महादेव को समर्पित मंदिर है। पुराणों के अनुसार, जिस स्थान पर नीलकंठ महादेव मंदिर वर्तमान में खड़ा है वह पवित्र स्थान है जहां भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष (हला-हल) का सेवन किया था, जिससे उनका गला नीला हो गया था, जिसे नीलकंठ (नीला गला) कहा जाता है।
गुह्येश्वरी शक्ति पीठ @Kathmandu Nepal
गुह्येश्वरी मंदिर में माता के दोनों घुटने गिरे होने के कारण यह श्री गुह्येश्वरी शक्तिपीठ कहलाया जाता है। यह मंदिर गुह्येश्वरी (गुप्त ईश्वरी) को समर्पित है, देवी को गुह्यकाली भी कहा जाता है।
श्री शिव मंदिर @Sirsaganj Uttar Pradesh
बछेला गाँव मे श्री भगवान सिंह जी जब अपने खेत की जुताई करा रहे थे, उस दौरान उन्हें एक पवित्र शिवलिंग मिला जिसे श्री शिव मंदिर मे स्थापित किया गया।
बाबा धवलेश्वर मंदिर @Bhubaneswar Odisha
धबलेश्वर मंदिर (Baba Dhableshwar Temple) भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है।
शिव साईं मंदिर @Noida Uttar Pradesh
शिव साईं मंदिर की स्थापना सन् 1970 में श्री कालीचरण जी द्वारा की गई थी। मंदिर मे नवग्रह धाम एवं यज्ञशाला के दर्शन किए जा सकते हैं।