मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 301+ Temples.
तारिणी मंदिर @Ghatgaon Odisha
घाटगांव तारिणी ओडिशा का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यह मंदिर माँ तारिणि को समर्पित है, माँ तारिणी मंदिर आधुनिक समय में बना है..
इस्कॉन मंदिर पूरी @Puri Odisha
श्री श्री राधा गिरिधारी मंदिर इस्कॉन मंदिरों की श्रृंखला का मंदिर है। पुरी इस्कॉन मंदिर में मुख्य देवता श्री कृष्ण के साथ-साथ प्रभु जगन्नाथ, भगवान बलवद्र और देवी सुभद्रा भी हैं।
रणकपुर मंदिर @Ranakpur Rajasthan
रणकपुर जैन मंदिर जिसे चतुर्मुख धारणा विहार के नाम से भी जाना जाता है, तीर्थंकर ऋषभनाथ को समर्पित एक जैन मंदिर है।
महाकालेश्वर मंदिर, सिरसागंज @Sirsaganj Uttar Pradesh
जदुद्वारा से सिरसागंज शहर की ओर जाते हुए महादेव का श्री महाकालेश्वर मंदिर सिरसागंज का प्राचीन एवं प्रसिद्ध है। बालाजी सिरसागंज यहाँ से 200 मीटर की दूरी पर ही स्थित है।
श्री शकलेश्वर महादेव मंदिर @Sirsaganj Uttar Pradesh
जिला फिरोज़ाबाद के अंतर्गत आने वाला गाँव पैगू, जहाँ का शिव मंदिर आस-पास के क्षेत्र में अत्यधिक प्रसिद्ध है। पैगू गाँव का यह शिव मंदिर, श्री शकलेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।
ॐकारेश्वर महादेव मंदिर @Mumbai Maharashtra
ॐकारेश्वर महादेव मंदिर बोरीवली में सबसे पुराने शिव मंदिर में से एक है, और बोरीवली रेलवे स्टेशन के पास भी है।
श्री त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर @Mumbai Maharashtra
श्री त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर एक व्यवस्थित, साफ-सुथरा, सफेद रंगी संगमरमरी पत्थर से निर्मित मंदिर है। जो मुंबई के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर प्रवेश द्वार पर स्थित है।
श्री राणी सती दादी जी मंदिर @Rohini New Delhi
श्री राणी सती दादी जी मंदिर दिल्ली के रोहिणी उप-शहर का पहिला एवं एक मात्र राणी सती मंदिर है।
माँ रामचंडी मंदिर @Puri Odisha
माँ रामचंडी मंदिर कुशभद्रा नदी के तट पर स्थित है। पीठासीन देवता देवी रामचंडी कोणार्क क्षेत्र की रक्षक हैं।
कर्ण घाट मंदिर @Hastinapur Uttar Pradesh
कर्ण घाट मंदिर पर सूर्यपुत्र दानवीर कर्ण भगवान शिव की पूजा करने के पश्चात, सवामन सोना प्रतिदिन दान किया करते थे। मान्यता के अनुसार, उसी स्थान 2012 की दीपावली को शिवलिंग की पुनः स्थापना कर दी गयी है।
अन्नपूर्णा माता मंदिर @Trimbak Maharashtra
कर्ण घाट मंदिर पर सूर्यपुत्र दानवीर कर्ण भगवान शिव की पूजा करने के पश्चात, सवामन सोना प्रतिदिन दान किया करते थे। मान्यता के अनुसार, उसी स्थान 2012 की दीपावली को शिवलिंग की पुनः स्थापना कर दी गयी है।