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सावन शिवरात्रि 2025 (Sawan Shivaratri 2025)

सावन शिवरात्रि 2025
भगवान शिव के सबसे पवित्र श्रावण माह का सबसे प्रसिद्ध और धूम-धाम से मनाया जाने वाला त्योहार शिवरात्रि है। आइए जानें! सावन शिवरात्रि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ एवं सम्वन्धित कुछ प्रेरक तथ्य..
नेपाल, उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में श्रावण माह कर्क संक्रांति से प्रारम्भ हो जाता है।

सावन 2025: शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 से शनिवार, 9 अगस्त 2025 तक

सावन शिवरात्रि क्यों, कब, कहाँ और कैसे?
सावन शिवरात्रि 2025
काँवड़ यात्रा 2025

शिवरात्रि मंत्र:
श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र
लिङ्गाष्टकम्
शिव तांडव स्तोत्रम्
दारिद्र्य दहन शिवस्तोत्रं
द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र - सौराष्ट्रे सोमनाथं
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्
महामृत्युंजय मंत्र, संजीवनी मंत्र
शिवाष्ट्कम्
शिव स्वर्णमाला स्तुति
कर्पूरगौरं करुणावतारं
बेलपत्र / बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्र

शिव आरती:
शिव आरती: जय शिव ओंकारा
शिव आरती: ॐ जय गंगाधर
हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर
आरती माँ पार्वती
ॐ जय जगदीश हरे आरती

शिवरात्रि चालीसा:
शिव चालीसा
पार्वती चालीसा
शिव अमृतवाणी

शिव कथा:
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा
श्री त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा
श्री भीमशंकर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा
हिरण्यगर्भ दूधेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा
गोपेश्वर महादेव की लीला

शिव नामावली:
श्रीरुद्राष्टकम्
श्री शिवसहस्रनामावली
शिव शतनाम-नामावली स्तोत्रम्!

शिवरात्रि भजन:
शीश गंग अर्धंग पार्वती
ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव
इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो
बाहुबली से शिव तांडव स्तोत्रम, कौन-है वो
शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
सुबह सुबह ले शिव का नाम
सावन भजन: आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी
शिव भजन

काँवड़ भजन:
चल काँवरिया, चल काँवरिया
भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं
जिस काँधे कावड़ लाऊँ, मैं आपके लिए
बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया

शिव मंदिर:
द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग
दिल्ली के प्रसिद्ध शिव मंदिर
सोमनाथ के प्रमुख सिद्ध मंदिर
भुवनेश्वर के विश्व प्रसिद्ध मंदिर

ब्लॉग:
रुद्राभिषेक क्या है?
सावन सोमवार शुभकामना मैसेज

Sawan Shivaratri 2025 in English

Let's find out! Some information related to Sawan Shivratri and some inspiring facts related to it.. | Sawan Shivratri: Wednesday, 23 July 2025
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मंडला पूजा क्या है?

मंडला पूजा, शास्त्रों में निर्धारित सभी तपस्या और दिनचर्या के साथ 41 दिनों की लंबी अवधि पूरे कठोर रीती रिवाज़ के साथ पालन किया जाने वाला अनुष्ठान है।

साध्वी का क्या अर्थ है?

साध्वी एक संस्कृत शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है "गुणी महिला" और उन महिलाओं को संदर्भित करता है जिन्होंने अपनी संसार का मोह को त्याग दिया है और आध्यात्मिक जीवन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समाज से अलग रहना चुना है। उनका जीवन भगवान के प्रति समर्पण और समाज के लिए सेवा का एक उल्लेखनीय संयोजन है। साध्वी मानते ​​है कि “मानवता की सेवा भगवान की सेवा है” और अपने जीवन भगवान के प्रति समर्पण करलेते हैं।

शकुनि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ..

शकुनि के पिता, माता, पत्नी, बेटे का क्या नाम था? युद्ध में सहदेव ने वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए शकुनि और उलूक को घायल कर दिया और देखते ही देखते उलूक का वध दिया।

भारतीय ऋतुएँ

सभी ऋतुओं की बात करें तो एक वर्ष में कुल छह ऋतुएँ होती हैं। इस मामले में, प्रत्येक मौसम की अवधि दो महीने है।

हिंदू परंपरा में गोत्र का महत्व

गोत्र हिंदू परंपरा की एक अवधारणा है जो किसी व्यक्ति के पैतृक वंश या कुल को संदर्भित करती है, जिसे आमतौर पर पुरुष वंश (पिता → दादा → परदादा, इत्यादि) के माध्यम से खोजा जाता है।

पूजा और आरती में अंतर

हिन्दू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व है। पूजा के माध्यम से लोग भगवान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं और परिणामस्वरूप उनकी मनोकामना पूरी होती है। लोग दिन के अनुसार प्रत्येक भगवान की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूजा भगवान के प्रति समर्पण दिखाने के लिए की जाती है और इसके बाद आरती की रस्म होती है।

महाकुंभ में प्रसिद्ध अखाड़े

महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।

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