मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ 5 रुपये की लागत के साथ इलेक्ट्रॉनिक झाँकी की सुविधा। |
| ◉ खाद्य स्टाल और पेशेवर फोटोग्राफर उपलब्ध हैं। |
| ◉ 200+ प्रणामी धर्म मंदिरों के मजबूत नेटवर्क का हिस्सा। |
श्री कृष्ण प्रणामी परमधाम का वृंदावन मे स्थिर यह मंदिर, काँच का मंदिर के नाम से ब्रज क्षेत्र मे प्रसिद्ध है। काँच का मंदिर को अंग्रेज़ी भाषा मे ग्लास टेंपल के नाम से भी पुकारा जाता है।
मंदिर के हॉल की दीवारों पर प्राणामी संप्रदाय के प्रसिद्ध मंदिरों के कलात्मक चित्र अंकित हैं, जो श्रद्धालुओं को प्राणामी संप्रदाय के बारे मे जानने को प्रेरित करते हैं। वैसे तो मंदिर सभी अन्य प्राणामी मंदिरों की शैली मे ही सजाया गया है। परंतु वृंदावन के इस प्राणामी मंदिर मे काँच तथा चमकीले पत्थरों का प्रयोग इतनी सुंदरता से किया गया है, कि श्रद्धालुओं का मंदिर के पूजा हाल से बाहर आने का मन ही नहीं होता है। काँच तथा चमकीले पत्थरों का आकर्षण रूप से प्रयोग होने के कारण ही मंदिर का नाम जन साधारण के बीच काँच का मंदिर पड़ा है।
भारत मे श्री कृष्ण प्रणामी परमधाम के अंतर्गत आने वाले मंदिरों की संख्या 200+ से भी अधिक है, दिल्ली मे भी श्री प्रणामी समुदाय के 5 प्रसिद्ध मंदिर हैं। मध्य प्रदेश के जामनगर शहर मे स्थापित श्री 5 नवतनपुरी धाम, श्री कृष्ण प्रणामी समुदाय के सभी संस्थानो का मुख्य केंद्र अर्थात आचार्यपीठ है।
आचार्य श्री 108 कृष्णमणिजी महाराज, श्री कृष्ण प्रणामी सम्प्रदाय के वर्तमान प्रमुख आचार्य हैं। वर्तमान में, इस संप्रदाय के 10 करोड़ से अधिक अनुयायी, 800 से अधिक मंदिर एवं केंद्र दुनिया भर में फैले हुए हैं।
निजानंदाचार्य श्री देवचंद्रजी महाराज इस सम्प्रदाय के संस्थापक हैं। उन्होंने सन् 1630 मे जामनगर के श्री 5 नवतनपुरी धाम को आचार्य पीठ के रूप में स्थापित किया। उनके प्रमुख शिष्य महामति श्री प्राणनाथ जी ने पूरे विश्व में प्रणामी सम्प्रदाय के दर्शन का प्रचार-प्रसार किया। Source: http://www.krishnapranami.org/

Shri Krishna Pranami Sampraday Mandir

Gorvardhan Leela
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