सीता नवमी | वट सावित्री व्रत | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

भोग आरती: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…


आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल
रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…

दुर्योधन को मेवा त्यागो
साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन…

जो कोई तुम्हारा भोग लगावे
सुख संपति घर आवे प्यारे मोहन…

ऐसा भोग लगाओ प्यारे मोहन
सब अमृत हो जाये प्यारे मोहन…

जो कोई ऐसा भोग को खावे
सो त्यारा हो जाये प्यारे मोहन…

Read Also
» श्री कृष्ण जन्माष्टमी - Shri Krishna Janmashtami | गणेशोत्सव - Ganesh + Utsav | जन्माष्टमी भोग प्रसाद
» ब्रजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर!
» दिल्ली मे कहाँ मनाएँ श्री कृष्ण जन्माष्टमी | दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर।
» जानें दिल्ली मे ISKCON मंदिर कहाँ-कहाँ हैं? | दिल्ली के प्रमुख श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर।
» आरती: श्री बाल कृष्ण जी | बधाई भजन: लल्ला की सुन के मै आयी!

Available in English - Watch Aao Bhog Lagao Mere Mohan Arti Lyrics
Aao bhog lagawo pyare mohan…Bhilanie ke bair Sudama ke tandul...

AartiBhog AartiPrasad Aarti


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

आरती: श्री हनुमान जी

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे॥

आरती: श्री बालाजी

ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी तुम हो रनधीरा॥

आरती: श्री बाल कृष्ण जी

आरती बाल कृष्ण की कीजै, अपना जन्म सफल कर लीजै। श्री यशोदा का परम दुलारा...

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु!

ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु। कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी...

आरती: श्री महावीर भगवान | जय सन्मति देवा

जय सन्मति देवा, प्रभु जय सन्मति देवा। वर्द्धमान महावीर वीर अति, जय संकट छेवा...

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु

ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभो। जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो॥

आरती: श्री पार्वती माँ

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता...

आरती: रघुवर श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥

आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

आरती माँ लक्ष्मीजी - ॐ जय लक्ष्मी माता

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

close this ads
^
top