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होली - Holi


Updated: Mar 17, 2019 09:02 AM बारें में | संबंधित जानकारियाँ | यह भी जानें


आने वाले त्यौहार: Holika Dahan: 9 March 2020
उत्तर भारत में, होली तीन दिनों तक मनाए जाने वाला त्यौहार है, जिसे रंगों का त्यौहार के नाम से भी प्रसिद्ध है।

उत्तर भारत में, होली तीन दिनों तक मनाए जाने वाला त्यौहार है, जिसे रंगों का त्यौहार के नाम से भी प्रसिद्ध है। दिवाली के बाद, होली को हिंदू कैलेंडर का दूसरा सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। होली शब्द होलिका-भक्त प्रहलाद की बुआ, राक्षस राजा हिरण्यकशिपु की बड़ी बहन से निकाला है। माना जाता है कि इस त्यौहार की शुरुआत प्रहलादपुरी मंदिर, पाकिस्तान से हुई थी।

संबंधित अन्य नाम
होरी, रंगवाली होली, धुलेटी, धुलण्डी, होलिका दहन, छोटी होली

Holi - Available in English

Holi Festival of Color three days festival, considered as second biggest festival on Hindu calendar after Diwali.

होलिका दहन

20 March 2019
तिथि: फाल्गुन शुक्ला पूर्णिमा
होलिका दहन को छोटी होली, बसंत पूर्णिमा और फाल्गुन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, तथा दक्षिण भारत में काम दहन के नाम से भी जानते हैं। पहले दिन होलिका दहन का मुहूर्त सूर्यास्त के बाद अग्नि प्रज्वलन का होता है। जो कि मुख्य होली के दिन जिसमें रंगों से खेलते हैं उससे एक दिन पहले ही होता है। अतः अगले दिन सुबह लोग सूखे और गीले रंगों से होली खेलना प्रारंभ करते हैं।

धुलण्डी

21 March 2019
तिथि: फाल्गुन कृष्णा प्रतिपदा
होली के दूसरे दिन, लोग विभिन्न रंगों के गुलाल या रंगीन पानी से एक दूसरे को रंग लगते हैं, रंगों में सराबोर की इस प्रक्रिया को प्रायः होली खेलना कहा जाता है। रंगवाली होली जो मुख्य होली दिवस है, इसे धुलण्डी या धुलेंडी के नाम से उच्चारित किया जाता है। धुलंडी के अन्य कम लोकप्रिय नाम धुलेटी, धुलेती भी हैं। आज के दिन का सबसे लोकप्रिय नारा बुरा ना मानो होली है।

दूज

22 March 2019
तिथि: चैत्र कृष्णा द्वितीया
दीवाली पर भाई दूज के समान ही, होली के बाद द्वितीया आपसी मेल-झोल का दिन है। ब्रज क्षेत्र में होली दो दिन खेली जाती है। दूसरे दिन की शाम को लोग नई वस्त्र पहन कर दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मिलकर मिठाइयां बाँटते हैं. होली मिलन की शुरुआत इसी परंपरा से प्रारंभ हुई है। दूज के इस दिन को भाई दूज, भ्रात्रि द्वितीया तथा दूजी भी जाना जाता है।

होली उत्सव के प्रसिद्ध स्थान

ब्रज क्षेत्र भगवान श्री कृष्ण के बचपन की क्रिया-कलापों का स्थान है, इसलिए मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, नंदगांव और बरसाना की होली संपूर्ण बिश्व में प्रसिद्ध हैं। बरसाना की पारंपरिक लठमार होली देखने के लिए दूर-दूर से लोग एकत्रित होते हैं, और इसका आनंद लेते है।

प्रहलादपुरी मंदिर

एसा माना जाता है, कि प्रहलादपुरी का मूल मंदिर हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद जी द्वारा बनाया गया था। प्रहलादपुरी मंदिर पाकिस्तान के मुल्तान शहर में स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। इस मंदिर का नाम भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद जी के नाम पर रखा गया है और यह भगवान नरसिंह को समर्पित है। वर्तमान में यह खंडहर है, सन् 1992 में यह मंदिर पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा तोड़ दिया गया था।

संबंधित जानकारियाँ

आगे के त्यौहार(2019)
Holika Dahan: 9 March 2020Dhulendi: 10 March 2020Dauj: 11 March 2020
भविष्य के त्यौहार
Holika Dahan: 28 March 2021Dhulendi: 29 March 2021Dauj: 30 March 2021
आवृत्ति
Yearly / Annual
समय
3 दिन
सुरुआत तिथि
Phalgun Shukla Purnima
समाप्ति तिथि
Chaitra Krishna Dwitiya
महीना
February / March
मंत्र
बुरा ना मानो होली है (bura na mano Holi hai), शुभ एवं मंगलमय होली (Happy Holi), होरी है (Hori hai)
कारण
Bhakt Prahlad and his bua* Holika
उत्सव विधि
Holi with water and colors, Holika Dahan, Bhajan-Geet, Sweets Distribution
महत्वपूर्ण जगह
Brij Bhoomi, Mathura, Vrindavan, Dwarka, Shri Krishna Mandir
पिछले त्यौहार
Dauj: 22 March 2019, Dhulendi: 21 March 2019, Holika Dahan: 20 March 2019, Dooj: 3 March 2018, Dhulendi: 2 March 2018, Holika Dahan: 1 March 2018, Dooj: 14 March 2017, Dhulendi: 13 March 2017, Holika Dahan: 12 March 2017, Dooj: 24 March 2016, Dhulendi: 23 March 2016, Holika Dahan: 22 March 2016

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