Margashirsha Maas Date: Wednesday, 25 November 2026
मार्गशीर्ष हिंदू कैलेंडर में नौवां महीना है, जिसे हिंदुओं के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार 'मासोनम मार्गशीर्षोहम्' का अर्थ है कि मार्गशीर्ष के समान शुभ कोई दूसरा महीना नहीं है।
मार्गशीर्ष मास का पर्व
मार्गशीर्ष मास एक पवित्र महीना है जिसका शास्त्रों में पूरी तरह से वर्णन किया गया है। एकादशी या द्वादशी का व्रत करने वाले सभी पापों से मुक्त हो जाते हैं और उनके लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा भगवान की पूजा की जाती है। मार्गशीर्ष मास का एक मुख्य महत्व मृत पूर्वजों को प्रसन्न करना है। मार्गशीर्ष मास अपने पूर्वजों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए तर्पण और पितृ पूजा करने के लिए शुभ होता है। अमावस्या का व्रत करते समय भक्त न केवल इंद्र, शिव, सूर्य, अग्नि जैसे देवताओं बल्कि पक्षियों, जानवरों और दुष्टों को भी प्रसन्न करते हैं।
मार्गशीर्ष मास 2026
इस वर्ष मार्गशीर्ष मास की गणना 25th नवंबर से 23rd दिसंबर 2026 तक है।
मार्गशीर्ष मास 2026 व्रत, त्यौहार, जयंती और उत्सव
25th बुधवार नवंबर 2026 - इष्टि
27th शुक्रवार नवंबर 2026 - गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
1st मंगलवार दिसंबर 2026 - कालभैरव जयन्ती
4th शुक्रवार दिसंबर 2026 - उत्पन्ना एकादशी
6th रविवार दिसंबर 2026 - प्रदोष व्रत
8th मंगलवार दिसंबर 2026 - दर्श अमावस्या, अन्वाधान, मार्गशीर्ष अमावस्या
9th बुधवार दिसंबर 2026 - इष्टि
10th बृहस्पतिवार दिसंबर 2026 - चन्द्र दर्शन
14th सोमवार दिसंबर 2026 - विवाह पञ्चमी
15th मंगलवार दिसंबर 2026 - चम्पा षष्ठी
16th बुधवार दिसंबर 2026 - धनु संक्रान्ति
20th रविवार दिसंबर 2026 - गीता जयन्ती, मोक्षदा एकादशी
21st सोमवार दिसंबर 2026 - प्रदोष व्रत
23rd बुधवार दिसंबर 2026 - दत्तात्रेय जयन्ती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा, अन्वाधान
| कारण | भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी |
| उत्सव विधि | मंदिर में प्रार्थना, व्रत, घर में पूजा |
Margashirsha is the ninth month in the Hindu calendar, considered highly auspicious for Hindus. According to the scriptures \"Masonam Margashirshoham\" means that there is no other month as auspicious as Margashirsha.
मार्गशीर्ष मास का महत्व
हिंदू संस्कृति में इस माह का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, मासोनम मार्गशीर्षोहम का अर्थ है कि कोई अन्य महीना मार्गशीर्ष के समान शुभ नहीं है, इसे सबसे शुभ महीनों में से एक माना जाता है। मार्गशीर्ष के महीने में लक्ष्मी के अलावा भगवान कृष्ण की भी पूजा की जाती है।
मार्गशीर्ष मास में करे ये आध्यात्मिक अनुष्ठान
❀ जल्दी उठें: ब्रह्म मुहूर्त में उठें और पवित्र स्नान करें, आदर्श रूप से गंगा में या यदि संभव न हो तो घर पर ही स्नान करें।
❀ सूर्य को अर्घ्य दें: पूर्व की ओर मुख करके भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं ताकि दिन की शुरुआत दिव्य ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ हो।
❀ शास्त्रीय पाठ: विष्णु सहस्रनाम (भगवान विष्णु के 1000 नाम) का पाठ करें
❀ गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र: ये विशेष रूप से पुण्यदायी हैं और पूर्वजों को प्रसन्न करने में मदद करते हैं।
❀ भगवान कृष्ण, श्री हरि (विष्णु) और देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
❀ तुलसी के पत्ते, फूल और नैवेद्य चढ़ाएं।
❀ पितृ तर्पण और पितृ पूजा करें।
❀ दान, भोजन और सात्विक जीवन का पालन करें ।
❀ दान के कार्य करें ।
❀ जानवरों को भोजन कराएं ।
❀ यह महीना भगवान कृष्ण को बहुत प्रिय माना जाता है। भगवद गीता में वे कहते हैं:
'मासानं मार्गशीर्षोऽहम्' - महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूँ।
(भगवद गीता 10.35)
संबंधित जानकारियाँ
आगे के त्यौहार(2026)
25 November 202623 December 2026
कारण
भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी
उत्सव विधि
मंदिर में प्रार्थना, व्रत, घर में पूजा
पिछले त्यौहार
6 November 2025
Updated: Jan 07, 2026 14:33 PM
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मार्गशीर्ष मास 2026 2026 तिथियाँ
| Festival | Date |
| 25 November 2026 |
| 23 December 2026 |