शिवरात्रि व्रत साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक व्रत का त्यौहार है, अतः इस व्रत को मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है। जोकि अमावस्या से पहिले कृष्णपक्ष की चतुर्दशी के दिन आता है। मासिक शिवरात्रियों में से दो सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, फाल्गुन त्रियोदशी महा शिवरात्रि के नाम से प्रसिद्ध है और दूसरी सावन शिवरात्रि के नाम से जानी जाती है। यह त्यौहार भगवान शिव-पार्वती को समर्पित है, इस दिन भक्तभगवान शिव के प्रतीक शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं।
यह लोकप्रिय हिंदू व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। कोई भी व्रत या पूजा तभी उत्तम फल देती है जब उसे सही विधि से किया जाता है। तो आइए जानते हैं क्या है मासिक शिवरात्रि व्रत करने की सही विधि और अनुष्ठान।
| संबंधित अन्य नाम | शिवरात्रि व्रत |
| शुरुआत तिथि | कृष्णा चतुर्दशी |
| कारण | भगवान शिव का पसंदीदा दिन। |
| उत्सव विधि | व्रत, पूजा, व्रत कथा, भजन-कीर्तन, गौरी-शंकर मंदिर में पूजा, रुद्राभिषेक। |
Updated: Dec 19, 2025 18:44 PM
| Festival | Date |
|---|---|
| ज्येष्ठ अधिक मासिक शिवरात्रि व्रत | 13 June 2026 |
| आषाढ़ मासिक शिवरात्रि | 12 July 2026 |
| श्रावण मासिक शिवरात्रि | 11 August 2026 |
| भाद्रपद मासिक शिवरात्रि | 9 September 2026 |
| आश्विन मासिक शिवरात्रि | 8 October 2026 |
| कार्तिक मासिक शिवरात्रि | 7 November 2026 |
| मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि | 7 December 2026 |