शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन के महिने मे अत्यधिक प्रयोग मे आने वाले शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के प्रसिद्ध भजन।
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मेरे हृदये करो परवेश जी, हृदये करो परवेश जी, मेरे काटो सकल कलेश जी, मेरे काटो सकल कलेश जी, तेरी जय जय जय हो गणेश जी, तेरी जय जय जय हो गणेश जी, तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥
चंदा ने तेरा रूप बनाया, तारों ने गहना पहनाया, सब ऋषियों ने नमन किया तुझे, सब ऋषियों ने नमन किया तुझे, भक्तों के प्रतिपाला, हे गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला, गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला ॥
तेरे ऊंचे ऊंचे देखूं जो निशान बाला जी, दिल में जगे सै अरमान बाला जी, तूने भर दी मेरी गोज तेरी कृपा से मौज, तेरे दर पे आना रोज मने अच्छा लागे सै, तेरे तन में है राम तेरे मन में है राम, तन्ने कहना राम-राम मने अच्छा लागे सै ॥