शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन के महिने मे अत्यधिक प्रयोग मे आने वाले शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के प्रसिद्ध भजन।
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!भक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें * कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।
ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे, देखो माई लगे प्यारी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे,
माँ के माथे पे कुम कुम की बिंदियां है सोहे, गले नीबूवन की माला है माँ ने पिरोये,
ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे ॥
महक उठा घर बार मेरा माँ, इक तेरे आ जाने से, इसी तरह ही आते रहना, किसी ना किसी बहाने से, किसी ना किसी बहाने से माँ,
किसी ना किसी बहाने से, मेहक उठा घर बार मेरा माँ, इक तेरे आ जाने से, इसी तरह ही आते रहना, किसी ना किसी बहाने से ॥