शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन के महिने मे अत्यधिक प्रयोग मे आने वाले शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के प्रसिद्ध भजन।
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रिद्धि सिद्धि के संग में, हे गौरी लाल पधारो, सब बाधा विघन मिटा कर, सब बाधा विघन मिटा कर, मेरे कारज सभी संवारो, रिद्धि सिद्धी के संग में, हे गौरी लाल पधारो ॥
इनकी शरण में आओगे, सुख सम्रद्धि पाओगे, भव सागर से तरना है, इनका दर्शन करना है, ज़िन्दगी में तेरे, खुशियाँ भर जाए रे,
गणपति के चरणो में, ध्यान लगा ले रे ॥
आना गणपति देवा, हमारे घर कीर्तन में, मंगल कारज हो जब, हमारे घर आँगन में, दर्शन दिखाना तुम, हमको ऐ देवा, आना होके सवार, मूषक वाले वाहन में, आना गणपतिं देवा, हमारे घर कीर्तन में ॥
गणपति जी गणेश नू मनाइये, सारे काम रास होणगे, हर काम नाल पहला ही धियाइये, सारे काम रास होणगे, गणपति जी गणेश नू ध्याइये, सारे काम रास होणगे, सारे काम रास होणगे ॥
जय गणेश जय मेरें देवा, जय गणेश जय मेरें देवा, जय गणेश जय मेरें देवा, जय गणेश जय मेरें देवा, माता जाकी पार्वती है, माता जाकी पार्वती है, पिता महादेवा रे देवा, जय गणेश जय मेरें देवा ॥