Pushtipati Vinayak Jayanti Date: Thursday, 20 May 2027
पुष्टिपति विनायक जयंती भगवान गणेश को समर्पित एक पवित्र पर्व है, विशेष रूप से भगवान गणेश की पुष्टिपति विनायक रूप को पूजा किया जाता है। अन्य गणेश पर्वों की तरह, यह जयंती आमतौर पर वैशाख पूर्णिमा को मनाई जाती है। पुष्टिपति विनायक जयंती के दिन श्री पुष्टिपति गणेश मंदिर (ओधव नगर) में बहुत संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
पुष्टिपति विनायक जयंती का महत्व
“पुष्टिपति” का अर्थ है (पोषण, विकास और समृद्धि) प्रदान करने वाले। भक्त अच्छे स्वास्थ्य और शक्ति, पारिवारिक समृद्धि और बाधाओं के निवारण (विघ्न विनाशक) के लिए गणेश जी के इस रूप की पूजा करते हैं। भक्तिभारत कहता है यह पूजा समस्याओं के समाधान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
| शुरुआत तिथि | वैशाख पूर्णिमा |
| कारण | भगवान गणेश |
| उत्सव विधि | मंदिर में प्रार्थना, व्रत, घर में पूजा |
Pushtipati Vinayak Jayanti is a sacred festival dedicated to Bhagwan Ganesh, especially the Pushtipati Vinayak form of Bhagwan Ganesh.
पुष्टिपति विनायक जयंती के अनुष्ठान और पूजा विधि
❀ दिन की शुरुआत स्नान से करें और व्रत का संकल्प लें।
❀ भगवान गणेश को दूर्वा घास, लाल फूल और चंदन अर्पित करें।
❀ ॐ गण गणपतये नमः जैसे मंत्रों का जाप करें।
❀ मोदक, लड्डू, फल और नारियल जैसे नैवेद्य अर्पित करें।
❀ चंद्रमा उदय होने या पूजा के बाद भक्त व्रत तोड़ते हैं।
❀ गणेश आरती करें और विनायक कथा सुनें।
पुष्टिपति विनायक जयंती के आध्यात्मिक लाभ:
❀ आर्थिक और मानसिक बाधाओं को दूर करता है।
❀ जीवन में पुष्टि (विकास, स्फूर्ति और समृद्धि) लाता है।
❀ परिवार में सामंजस्य और सफलता को मजबूत करता है।
गणेश को समर्पित मंदिर, विशेषकर स्थानीय विनायक मंदिर, विशेष पूजाओं का आयोजन करते हैं। कई भक्त शिव मंदिरों के साथ-साथ आस-पास के गणेश मंदिरों में भी पूजा करते हैं।
संबंधित जानकारियाँ
शुरुआत तिथि
वैशाख पूर्णिमा
उत्सव विधि
मंदिर में प्रार्थना, व्रत, घर में पूजा
महत्वपूर्ण जगह
महाराष्ट्र
Updated: May 07, 2026 15:11 PM
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