उगादी (जिसे युगादी भी कहा जाता है) आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के लोगों के लिए हिंदू नव वर्ष का प्रतीक है। युगादी शब्द संस्कृत से आया है: युग का अर्थ है युग और आदि का अर्थ है आरंभ। इसका अर्थ है: \"एक नए युग का आरंभ।\" यह आमतौर पर मार्च या अप्रैल में चैत्र महीने के पहले दिन (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) पड़ता है।
उगादी का महत्व
❀ उगादी, यह नए चंद्र कैलेंडर वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
❀ हिंदू मान्यता के अनुसार इसे वह दिन माना जाता है जब ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना की थी।
❀ यह नए आरंभ, सकारात्मकता और आध्यात्मिक नवीनीकरण का समय है।
उगादी के रीति-रिवाज और परंपराएं
❀ अभ्यंग स्नान - सुबह पवित्र तेल से स्नान।
❀ घरों को आम के पत्तों (तोरण) और रंगोली से सजाना।
❀ पंचांग श्रवण - नव वर्ष की ज्योतिषीय भविष्यवाणियां सुनना।
❀ मंदिरों में जाना और विशेष प्रार्थना करना।
❀ विशेष व्यंजन - उगादी पचड़ी, उगादि पचड़ी - जीवन के छह स्वादों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह सामग्रियों से बनी एक अनोखी चटनी:
1. नीम (कड़वापन)
2. गुड़ (मिठास)
3. इमली (खट्टापन)
4. कच्चा आम (तीखापन)
5. हरी मिर्च (मसाला)
6. नमक
यह इस बात का प्रतीक है कि जीवन खुशी, दुःख, क्रोध, भय, घृणा और आश्चर्य का मिश्रण है।
उगादि के क्षेत्रीय नाम
❀ उगादि/युगादि - आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक
❀ गुड़ी पड़वा - महाराष्ट्र
❀ चेटी चंद - सिंधी समुदाय
| संबंधित अन्य नाम | युगादी |
| शुरुआत तिथि | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा |
| कारण | हिन्दू नववर्ष |
Updated: Feb 16, 2026 12:56 PM