Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

खाटू श्याम निशान यात्रा क्या है? (What is Khatu Shyam Nishan Yatra?)

खाटू श्याम निशान यात्रा क्या है?
निशान यात्रा:
फाल्गुन मेले में निशान यात्रा का भी बहुत बड़ा महत्व है। निशान यात्रा एक तरह की पदयात्रा होती है जिसमे भक्त अपने हाथो में श्री श्याम ध्वज हाथ में उठाकर श्याम बाबा को चढाने खाटू श्याम जी मंदिर तक आते है। इसी श्री श्याम ध्वज को निशान कहा जाता है। मुख्यत यह यात्रा रींगस से खाटू श्याम जी मंदिर तक की जाती है जोकि 18 किमी की यात्रा है।
इस यात्रा के अंतर्गत भक्त अपनी श्रद्धा से अपने-अपने घर से भी शुरू करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पैदल निशान यात्रा करके श्याम बाबा को निशान चढाने से बाबा शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

श्याम बाबा को निशान क्यों चढ़ाते हैं? | श्याम बाबा को निशान अर्पण करने की महिमा:
सनातन संस्कृति में ध्वज को विजय का प्रतीक माना जाता है। श्री श्याम बाबा के महाबलिदान शीश दान के लिए उन्हें निशान चढ़ाया जाता है। जिसमे उन्होंने धर्म की जीत के लिए दान में अपना शीश ही भगवान श्री कृष्ण को दे दिया था।

निशान का स्वरूप:
निशान मुख्यतः केसरी, नीला, सफेद, लाल रंग का झंडा/ध्वज होता है। इन ध्वजाओं पर श्याम बाबा और भगवान श्री कृष्ण के जयकारे और दर्शन के फोटो होते है। कुछ निशानों पर नारियल एवं मोरपंखी भी लगी होती है। इसके सिरे पर एक रस्सी बंधी होती है जिससे यह निशान हवा में लहराता है। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत अनेक भक्त अब सोने-चांदी के भी निशान श्याम बाबा को अर्पित करने लगे हैं।
source: shrishyamdarshan.in

What is Khatu Shyam Nishan Yatra? in English

Nishan Yatra is a kind of foot march, lifting Shri Shyam flag in hand and offering it to Shyam Baba, Khatu Shyam ji comes to the temple.
यह भी जानें

Blogs Falgun BlogsFalgun Mela BlogsFalgun Mela BlogsNishan Yatra BlogsShri Shyam BlogsKhatushyam BlogsKhatu Nagari Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

Cartalax: A Cartilage-Focused Regulatory Fragment in Modern Peptide Research

Peptide science continues to expand the understanding of how short amino-acid sequences may participate in complex biological signaling systems.

पंडित जी, वैशाली गाज़ियाबाद

वैशाली, इंदिरापुरम एवं वसुंधरा क्षेत्र के प्रतिष्ठित पंडित जी से आप भक्ति-भारत के द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं।

भारत के बाहर प्रसिद्ध शिव मंदिर

भगवान शिव के कई रूप हैं और भारत के बाहर भी उनकी पूजा की जाती है। उन्हें भारत और नेपाल के लोगों द्वारा मुख्य देवता के रूप में पूजा जाता है, उन्हें हिंदू धर्म के एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में भी पूजा जाता है। भारत में शिव मंदिरों के अलावा भारत के बाहर भी कई शिव मंदिर हैं, जिन्हें देखकर आप हैरान रह जाएंगे।

वेल्लिंगिरी पर्वत

वेल्लिंगिरी पहाड़ी कोयम्बटूर शहर, तमिलनाडु से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। वेल्लिंगिरी पर्वत सबसे कठिन ट्रेकिंग स्थलों में से एक है।

नवकलेवर

जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की कई अलौकिक महानताएं हैं। इनमें नवकलेवर एक बहुत बड़ा अलौकिक पर्व है। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की मूर्तियों को हर 12 साल में बदल दिया जाता है।

भारतीय ऋतुएँ

सभी ऋतुओं की बात करें तो एक वर्ष में कुल छह ऋतुएँ होती हैं। इस मामले में, प्रत्येक मौसम की अवधि दो महीने है।

शकुनि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ..

शकुनि के पिता, माता, पत्नी, बेटे का क्या नाम था? युद्ध में सहदेव ने वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए शकुनि और उलूक को घायल कर दिया और देखते ही देखते उलूक का वध दिया।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP