पितृ पक्ष - Pitru Paksha
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खाटू श्याम निशान यात्रा क्या है? (What is Khatu Shyam Nishan Yatra?)

खाटू श्याम निशान यात्रा क्या है?
निशान यात्रा:
फाल्गुन मेले में निशान यात्रा का भी बहुत बड़ा महत्व है। निशान यात्रा एक तरह की पदयात्रा होती है जिसमे भक्त अपने हाथो में श्री श्याम ध्वज हाथ में उठाकर श्याम बाबा को चढाने खाटू श्याम जी मंदिर तक आते है। इसी श्री श्याम ध्वज को निशान कहा जाता है। मुख्यत यह यात्रा रींगस से खाटू श्याम जी मंदिर तक की जाती है जोकि 18 किमी की यात्रा है।
इस यात्रा के अंतर्गत भक्त अपनी श्रद्धा से अपने-अपने घर से भी शुरू करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पैदल निशान यात्रा करके श्याम बाबा को निशान चढाने से बाबा शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

श्याम बाबा को निशान क्यों चढ़ाते हैं? | श्याम बाबा को निशान अर्पण करने की महिमा:
सनातन संस्कृति में ध्वज को विजय का प्रतीक माना जाता है। श्री श्याम बाबा के महाबलिदान शीश दान के लिए उन्हें निशान चढ़ाया जाता है। जिसमे उन्होंने धर्म की जीत के लिए दान में अपना शीश ही भगवान श्री कृष्ण को दे दिया था।

निशान का स्वरूप:
निशान मुख्यतः केसरी, नीला, सफेद, लाल रंग का झंडा/ध्वज होता है। इन ध्वजाओं पर श्याम बाबा और भगवान श्री कृष्ण के जयकारे और दर्शन के फोटो होते है। कुछ निशानों पर नारियल एवं मोरपंखी भी लगी होती है। इसके सिरे पर एक रस्सी बंधी होती है जिससे यह निशान हवा में लहराता है। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत अनेक भक्त अब सोने-चांदी के भी निशान श्याम बाबा को अर्पित करने लगे हैं।
source: shrishyamdarshan.in

What is Khatu Shyam Nishan Yatra? in English

Nishan Yatra is a kind of foot march, lifting Shri Shyam flag in hand and offering it to Shyam Baba, Khatu Shyam ji comes to the temple.
यह भी जानें

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