🌱हरियाली अमावस्या - Hariyali Amavasya

Hariyali Amavasya Date: Thursday, 28 July 2022

सावन माह में भारत के प्रत्येक प्रांत में हरियाली ही हरियाली दिखाई पड़ती अतः इस प्राकृतिक संवृद्धि को समर्पित इस त्यौहार को अमावस्या तिथि के साथ मानने के कारण इसे हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। हरियाली अमावस्या को श्रावणी अमावस्या अथवा श्रावण अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

बृज क्षेत्र में, मीठे एवं नमकीन पुए, मीठी पूड़ी से किसान अपने-अपने कृषि के उपकरण की पूजा करते हैं तथा कृषि के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। इन्हीं मिष्ठानो को पूजा के उपरांत गौ एवं परिवार में वितरित करते हैं।

हरियाली अमास्या, श्रावण शिवरात्रि के एक दिन बाद तथा शुक्ल पक्ष में आने वाली हरियाली तीज से तीन दिन पहिले मनाई जाती है। भारत के उत्तरी राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में हरियाली अमावस्या बहुत प्रसिद्ध है। परन्तु महाराष्ट्र में इसे गतारी अमावस्या, आंध्र प्रदेश में इसे चुक्कल अमावस्या, तमिलनाडु में इसे आदि अमावसई के नाम से जाना जाता है और उड़ीसा में इसे चीतालागि अमावस्या के रूप में जाना जाता है।

संबंधित अन्य नाम
हराई अमावस, श्रावणी अमावस्या, श्रावण अमावस्या, गतारी अमावस्या, चुक्कल अमावस्या, चितलगी अमावस्या

Hariyali Amavasya in English

Dedicated to natural growth, this festival is known as Hariyali Amavasya due to the celebration of Amavasya Tithi.

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
17 July 20234 August 202424 July 202512 August 20262 August 2027
आवृत्ति
वार्षिक
समय
1 दिन
सुरुआत तिथि
श्रावण कृष्णा अमावस्या
समाप्ति तिथि
श्रावण कृष्णा अमावस्या
महीना
जुलाई / अगस्त
कारण
श्रावण माह, अमावस्या, कृषि समृद्धि
उत्सव विधि
पूजा, दान, स्नान, भजन-कीर्तन
महत्वपूर्ण जगह
घर, गांव, उत्तर भारत
पिछले त्यौहार
8 August 2021
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