भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग - Bhimashankar Jyotirlinga

श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। अधिकतर मंदिरों तक पहुँचने के लिए सीढ़ियाँ चढ़के जाना होता है, परंतु श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर तक पहुँचने के लिए 200 के आस-पास सीढ़ियों को उतरना पड़ता है।

मंदिर के गर्भग्रह के सामने नंदी महाराज एवं कच्छप देव विराजमान हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार पर बाईं ओर भगवान गणेश की मूर्ति है और दाईं ओर भगवान के रक्षक श्री कालभैरव की मूर्ति है। शिवलिंग में एक ऊर्ध्वाधर छेद है। इसके दो भाग हैं, एक ओर शिव और दूसरी ओर शक्ति। मंदिर के सामने की ओर देवी पार्वती की मूर्ति है।

मंदिर की दक्षिण दीवार पर भगवान कृष्ण की मूर्ति है। पश्चिम में हमुमान की मूर्ति है और उत्तर में श्री महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति है। सभामंडप के सामने शनि का मंदिर है। शनि मंदिर के समीप एक पत्थर की दीपशिखा है। मंदिर की दीवारों पर ऋषिमुनि की मूर्तियाँ हैं।

1212 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। मंदिर के सामने असेंबली हॉल 1962 में बनकर तैयार हुआ था। मराठी शासकों द्वारा भीमाशंकर की पूजा करने की परंपरा छत्रपति शिवाजी महाराज के समय से चली आ रही है। इस सुंदर मंदिर का शिखर नाना फड़नवीस द्वारा 18वीं सदी में बनाया गया था।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के ही आस-पास श्री राम मंदिर, गुप्त भीमशंकर, श्री हनुमान मंदिर, भीमा नदी उद्‍गम, बॉम्बे प्वाइंट, नागफनी प्वाइंट जैसे धार्मिक एवं मनोरंजक स्थानों का भी आनंद लिया जा सकता है। ट्रैकिंग का आनंद लेने वाले भक्तों को मानसून के दौरान बचने की सलाह दी जाती है। परंतु इसके विपरीत, प्राकृतिक दृश्य का आनंद लेने के लिए मानसून ही सबसे उपयुक्त समय है।

निकटतम शहर मंचर से भीमाशंकर पहुँचने के लिए प्रत्येक आधे घंटे के अंतराल में एक बस की व्यवस्था है। शाम को अंतिम बस सात बजे जाती हैं, बस का यह समय स्थानीय व्यवस्थाओं के अनुरूप बदला भी जा सकता है। श्री भीमाशंकर मंदिर बस स्टैंड से 1 किमी की दूरी पर स्थित है।

प्रचलित नाम: श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में महाराष्ट्र का दूसरा ज्योतिर्लिंग।
◉ 200 सीढ़ियों की उतराई के पश्चात दर्शन।

समय - Timings

दर्शन समय
4.30 AM - 9:30 PM
5:00 AM: मंगला आरती
5:30 AM: दर्शन और अभिषेक
11:45 AM: नैवेद्यम / भोग पूजा
12:15 PM: दर्शन और अभिषेक
2:45 PM: अपराह्न आरती
07:30 PM: संध्या आरती
त्यौहार

फोटो प्रदर्शनी - Photo Gallery

Photo in Full View
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

Bhimashankar Jyotirlinga in English

Shri Bhimashankar Jyotirlinga is one of the twelve Jyotirlingas of Bhagwan Shiva. Nandi Maharaj and Kachhap Dev are seated in front of the sanctum of the temple.

जानकारियां - Information

धाम
Shri GaneshKaal BhairavMata SatiShivlingShani MaharajNandiKachua
DeepshikhaAkhand Dhuni
बुनियादी सेवाएं
Prasad, Shoe Store, Power Backup, Washrooms, CCTV Security, Sitting Benches, Music System
देख-रेख संस्था
श्री क्षेत्र भीमाशंकर संस्थान
समर्पित
भगवान शिव
वास्तुकला
हेमाडपंती
फोटोग्राफी
🚫 नहीं (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)
नि:शुल्क प्रवेश
हाँ जी

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Shivtirtha, Shri Kshetra Bhimashankar Bhimashankar Maharashtra
सड़क/मार्ग 🚗
Bhimashankar - Manchar Road
रेलवे 🚉
Pune Junction
हवा मार्ग ✈
Pune International Airport
नदी ⛵
Bhima
वेबसाइट 📡
निर्देशांक 🌐
19.071540°N, 73.536637°E
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/bhimashankar-jyotirlinga

अगला मंदिर दर्शन - Next Darshan

अपने विचार यहाँ लिखें - Write Your Comment

अगर आपको यह मंदिर पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस मंदिर को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

शिव आरती - ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर

सत्य, सनातन, सुंदर, शिव! सबके स्वामी । अविकारी, अविनाशी, अज, अंतर्यामी ॥ ॐ हर हर हर महादेव..

शिव आरती - ॐ जय गंगाधर

ॐ जय गंगाधर जय हर, जय गिरिजाधीशा । त्वं मां पालय नित्यं, कृपया जगदीशा ॥

🔝