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माँ तारा चंडी मंदिर - Maa Tara Chandi Mandir

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ देवी तारा चंडी को शक्ति का एक रूप माना जाता है।
◉ भगवान शिव के तांडव नृत्य के दौरान देवी सती की दाहिनी आँख यहाँ गिरी थी।
◉ देवी लक्ष्मी यहाँ पूजा करने वालों पर समृद्धि की वर्षा करती हैं।

माँ तारा चंडी मंदिर बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है, जो रोहतास जिले के सासाराम के पास स्थित है। यह मंदिर देवी तारा (शक्ति/पार्वती का एक रूप) को समर्पित है और इसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है। देवी तारा चंडी को शक्ति का एक रूप माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव के तांडव नृत्य (दक्ष यज्ञ में सती के आत्मदाह के बाद) के दौरान देवी सती का दाहिना नेत्र यहीं गिरा था।

माँ तारा चंडी मंदिर का इतिहास और वास्तुकला
मंदिर में माँ तारा की मूर्ति के चार हाथ हैं। दाहिने हाथ में एक चाकू और एक कैंची है, जबकि बाएँ हाथ में एक फन और एक कमल है। यह मंदिर तांत्रिक साधनाओं से जुड़ा है और शक्ति पूजा का एक प्रमुख केंद्र है। माँ तारा चंडी सुरवार राजपूत (गौर वंश) की कुलदेवी हैं, जो वर्तमान में नामुदाग राज्य के एक शाही परिवार के रूप में रह रहे हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु द्वारा अपने \"सुदर्शन चक्र\" से काटे जाने पर सती के शव का \"दाहिना नेत्र\" यहीं गिरा था।

यह भी कहा जाता है कि जब गौतम बुद्ध ज्ञान प्राप्ति के बाद यहाँ आए थे, तो माँ ताराचंडी ने उन्हें एक बालिका के रूप में दर्शन दिए थे। इसके बाद उन्हें सारनाथ जाने का निर्देश दिया गया, जहाँ बुद्ध ने पहली बार उपदेश दिया था। भक्ति भारत के अनुसार ऐसी मान्यता है की यहाँ पूजा करने से मोक्ष प्राप्त होती है। ऐसा कहा जाता है कि देवी लक्ष्मी यहाँ पूजा करने वालों पर समृद्धि की वर्षा करती हैं। एक अन्य कथा के अनुसार, सहस्त्रबाहु का वध करने के बाद, भगवान परशुराम ने इसी स्थान पर देवी की पूजा की और उनसे शक्ति प्राप्त की।

माँ तारा चंडी मंदिर दर्शन समय
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक है।

माँ तारा चंडी मंदिर का प्रमुख उत्सव
माँ तारा चंडी मंदिर में नवरात्रि प्रमुख उत्सव है। राम नवमी और दुर्गा पूजा भव्य रूप से मनाई जाती है। भक्तों का मानना ​​है कि माँ तारा मनोकामनाएँ पूरी करती हैं, खासकर उन लोगों की जो सच्ची श्रद्धा से सुरक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।

माँ तारा चंडी मंदिर कैसे पहुँचें
तारा चंडी देवी मंदिर एक अनोखा और शांत अनुभव प्रदान करता है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित दिव्य ऊर्जा और शांति सचमुच अद्भुत है। यह मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर स्थित है। पटना से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है और निकटतम रेलवे स्टेशन सासाराम है।

प्रचलित नाम: माँ तारा मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
4 AM - 8 PM
त्योहार
Navratri, Dussehra | यह भी जानें: एकादशी

Maa Tara Chandi Mandir in English

Maa Tara Chandi Temple is one of the famous Shakti Peethas of Bihar, located near Sasaram in Rohtas district. The temple is dedicated to Devi Tara (a form of Shakti/Parvati) and has deep spiritual significance.

जानकारियां - Information

मंत्र
जय माता रानी
समर्पित
मां तारा चंडी

क्रमवद्ध - Timeline

4 AM - 8 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Delhi - Kolkata Hwy, Sasaram, Kota Sasaram, Kota Bihar
सोशल मीडिया
निर्देशांक 🌐
24.9215851°N, 84.0451032°E
माँ तारा चंडी मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/maa-tara-chandi-mandir

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