
हिन्दू धर्म में पुराणों के अनुसार स्वयं शिवजी, शिवलिंग के रूप में १२ अलग-अलग स्थानों पर स्थापित हैं, जानिए भारत के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे मे...

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रमुख भगवान शिव मंदिर:

आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। बद्रीनाथ धाम, रामेश्वरम धाम, जगन्नाथ धाम, द्वारका धाम...
मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता॥
जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम्। जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम्॥
जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...
ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् । वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं..
मेरे भोले की सवारी आज आयी, मेरे शंकर की सवारी आज आयी, जोगन बन नाचूंगी मैं भी, जोगन बन नाचूंगी ॥
शिव मात पिता, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम ॥
मेरे भोले बाबा आ गया तेरा सावन का मेला, लग रही हरिद्वार में भीड़, आ रहया भगतो का रेला, भोले डमरू बजादे इकबे आगे बढ़के, मेरे भोले बाबा आजा नन्दी पे चढ़ के ॥
शिवरात्रि की महिमा अपार, पूजा शिव की करो, तीनो लोक ही जिसको पूजे, सच्चे मन से मिलके सारे, शिव का जाप करो, शिव का जाप करो, शिवरात्रि की महीमा अपार पूजा शिव की करो ॥