Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

अच्युत गोपी (Acyuta Gopi)


अच्युत गोपी
अच्युत गोपी अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहते हैं। वह हिंदू धर्म में आस्था रखती हैं और भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन रहती हैं। वह भगवान कृष्ण के भक्ति गीत इतनी मधुरता से गाती हैं कि लोग दूर-दूर से उनके भजन सुनने आते हैं। उनका परिवार भी भगवान कृष्ण को बहुत मानता है.
अच्युत गोपी की जीवनी
नाम: अच्युत गोपी
गुरु: गदाधर पंडिता
आराध्य: श्रीकृष्ण
स्थान: अमेरिका
धर्म: हिंदू
अनुयायी: इस्कॉन
शौक: लिखना, कृष्ण भक्ति कीर्तन करना
व्यवसाय: लेखक, आध्यात्मिक संपर्क निर्माता, कीर्तन भक्ति
प्रसिद्ध: कृष्ण की भक्ति में लीन और उनका कीर्तन करते हुए।

अच्युत गोपी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कहाँ प्राप्त की?
अच्युत गोपी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टैलेंटेड अनलिमिटेड हाई स्कूल से की, जहाँ उन्होंने ड्रामा मेजर कोर्स किया। 2007 में, उन्होंने हंटर कॉलेज में क्रिएटिव राइटिंग इंग्लिश का अध्ययन किया। बचपन से ही उनकी रुचि आध्यात्मिक कहानियों और भगवान की भक्ति में थी, इसलिए उन्होंने इस्कॉन में आध्यात्मिकता की पढ़ाई की। वह हमेशा भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन रहती हैं।

अच्युत गोपी का सबसे अच्छा भजन कौन सा है?
अच्युत गोपी हर समय कृष्ण के भजन गाती रहती हैं। उन्हें कृष्ण के भजन गाना बहुत पसंद है। वह कई शहरों में कृष्ण के भजन गाती हैं और कीर्तन कार्यशाला संचालक के रूप में भी काम करती हैं।

भारत में विवादास्पद गीत "हर हर शंभू'' उनके द्वारा लिखा गया था और बाद में इस गीत को अभिलिप्सा पांडा ने गाया था।

अच्युत गोपी भजन कीर्तन करने के साथ-साथ लेखक भी हैं। उन्हें अपने भक्ति गीतों के लिए कई पुरस्कार भी मिले हैं। उन्होंने बताया है कि उनके जीवन का उद्देश्य कीर्तन के माध्यम से भगवान की भक्ति में लीन रहना है। वह बचपन से ही भगवान से प्रेम करती रही हैं। एक दूसरे पर विश्वास है।

अच्युत गोपी का पूरा परिवार हिंदू धर्म का पालन करता है और वह हमेशा कृष्ण भक्ति में लीन रहती हैं और उनका परिवार भी हमेशा उनका समर्थन करता है।

Acyuta Gopi in English

Achyut Gopi lives in New York, America. She believes in Hindu religion and is engrossed in the devotion of Bhagwan Krishna.
यह भी जानें

Bhakt Acyuta Gopi BhaktIskcon BhaktHar Har Shambhu BhaktHinduism BhaktEkadasi BhaktIskcon Event BhaktVaisnava Sampradaya BhaktIskcon Calendar BhaktEkadashi Calendar BhaktGauriya Sampradaya Bhakt

अगर आपको यह भक्तमाल पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भक्तमाल को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Bhakt ›

कृपालु महाराज

भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज | असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी | आराध्य - श्री राधा कृष्ण | जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922

शबरी

हिंदू महाकाव्य रामायण में सबरी एक बुजुर्ग महिला तपस्वी हैं। उनकी भक्ति के कारण उन्हें भगवान राम के दर्शन का आशीर्वाद मिला। वह भील समुदाय की शाबर जाति से संबंधित थी इसी कारण से बाद में उसका नाम शबरी रखा गया।

दादा देव महाराज

दादा देव महाराज राजस्थान के टोंक में टोडारायसिंह के सोलंकी वंश के एक प्रसिद्ध संत थे। उन्होंने 717 AD (VS 774) में 120 वर्ष की आयु में समाधि ली थी।

श्री नारायण गुरु

श्री नारायण गुरु भारत में एक दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक थे।

तुलसीदास जी

भक्तमाल | गोस्वामी तुलसीदास | असली नाम - रामबोला दुबे | गुरु - नरहरिदास | आराध्य - श्री रामचंद्र, भगवान शिव

संत रामदास दंदरौआ धाम

संत रामदास जी महाराज का जन्म भिंड जिले के मदरोली गांव में एक धार्मिक चचोर सनाढ्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनमें सादगी, भक्ति और ईश्वर के प्रति अगाध प्रेम की गहरी भावना थी।

महात्मा लटूरी सिंह

महात्मा लटूरी सिंह हिन्दू, योगी, सन्यासी थे। वो जीवन भर स्कूल बनवाते रहे। उन्होंने सरकार को नही कोसा बल्कि वो उठे और उन्होंने अपनी संपत्ति से भिक्षा से दान से स्कूल बनवाये।

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP