विवाह पंचमी | आज का भजन!

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली।


राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली।
कृष्ण नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली।

ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।

माया के दीवानों सुन लो, एक दिन ऐसा आएगा।
धन दौलत और माल खजाना, यही पड़ा रह जायेगा।
सुन्दर काया मिट्टी होगी, चर्चा होगी गली गली॥
बोलो राम बोलो राम, बोलो राम राम राम।

ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
॥ राम नाम के हीरे मोती...॥

क्यों करता तू मेरा मेरी, यह तो तेरा मकान नहीं।
झूठे जन में फंसा हुआ है, वह सच्चा इंसान नहीं।
जग का मेला दो दिन का है, अंत में होगी चला चली॥

ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
॥ राम नाम के हीरे मोती...॥

जिन जिन ने यह मोती लुटे, वह तो माला माल हुए।
धन दौलत के बने पुजारी, आखिर वह कंगाल हुए।
चांदी सोने वालो सुन लो, बात सुनाऊँ खरी खरी॥
बोलो राम बोलो राम, बोलो राम राम राम।

ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
॥ राम नाम के हीरे मोती...॥

दुनिया को तू कब तक पगले, अपनी कहलायेगा।
ईश्वर को तू भूल गया है, अंत समय पछतायेगा।
दो दिन का यह चमन खिला है, फिर मुरझाये कलि कलि॥
बोलो राम बोलो राम, बोलो राम राम राम।

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली।
कृष्ण नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली।

ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली।

बोलो राम बोलो राम, बोलो राम राम राम।
बोलो राम बोलो राम, बोलो राम राम राम।

यह भी जानें

BhajanShri Vishnu BhajanShri Ram BhajanShri Krishna BhajanMridul Shastri Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

मेरी भावना: जिसने राग-द्वेष कामादिक - जैन पाठ

मेरी भावना: जैन पाठ - जिसने राग-द्वेष कामादिक, जीते सब जग जान लिया, सब जीवों को मोक्ष मार्ग का निस्पृह हो उपदेश दिया..

भजन: तुम से लागी लगन.. पारस प्यारा

जैन भजन: तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा । निशदिन तुमको जपूँ...

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया...

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

भजन: राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है। भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन...

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा...

राम का सुमिरन किया करो!

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो...

राम सिया राम, सिया राम जय जय राम!

मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सिया-राम सिया राम...

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं। मेरे नयनो के तारे है। सारे जग के रखवाले है...

रामजी की निकली सवारी!

सर पे मुकुट सजे मुख पे उजाला, हाथ धनुष गले में पुष्प माला...

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई!

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई, ये जीवन दो दिन का...

आगामी त्यौहार

top