गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जब चंद देव ने लगाया गुरु रामदास को गले - सत्य कथा (Chand Dev ki Guru Ram Das Ko Gale Lagaya)


जब चंद देव ने लगाया गुरु रामदास को गले - सत्य कथा
Add To Favorites Change Font Size
श्री चंद से मुलाकात | लंबी दाढ़ी आपके चरणों की धूल पोंछने के लिए
जब गुरु नानक देव जी के वृद्ध पुत्र एवं 'उदासी' संप्रदाय के संस्थापक बाबा श्री चंद जी सिक्ख संप्रदाय के चतुर्थ गुरु रामदास जी से मिलने आए, तो उन्होंने उनसे पूछा कि उन्होंने इतनी लंबी दाढ़ी क्यों रखी हुई है?
गुरु रामदास जी ने गंभीरता से उत्तर दिया- आप जैसे पवित्र पुरुषों के चरणों की धूल पोंछने के लिए और फिर उन्होंने यह कहते-कहते विनम्रता का सर्वोच्च कार्य दिखाया।

यह देखकर बाबा श्री चंद जी ने उनका हाथ पकड़ लिया और गुरु रामदास जी को गले लगाते हुए कहा- बस, बहुत हो गया। आपके इसी चरित्र के कारण आपने मुझे मेरी पैतृक विरासत से वंचित कर दिया है।

अब, आपके धर्मपरायणता और हृदय की भलाई के लिए मैं आपको और क्या दे सकता हूँ?

बता दें: बाबा श्री चंद जी ने अपने पिता गुरु नानक द्वारा गुरुपद गुरु अंगद को सौंपने के निर्णय का विरोध किया था।

गुरु स्तुति | गुरु पादुका स्तोत्रम् | श्री गुरु अष्टकम | गुरु भजन
यह भी जानें

Prerak-kahani Chand Dev Prerak-kahaniGuru Ram Das Prerak-kahaniGuru Prerak-kahaniGurudev Prerak-kahaniGuru Purnima Prerak-kahaniSikhkhism Prerak-kahaniSikh Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

गोस्वामी तुलसीदास की सूरदास जी से भेंट - सत्य कथा

श्री सूरदास जी से भगवान् का विनोद करना | तुलसीदास जी वाला पलड़ा भारी हो गया। अब सूरदास श्री को बड़ा दुःख हुआ | किशोरी जी जहाँ हो वहाँ का पलड़ा तो भारी होगा ही..

गोस्वामी तुलसीदास को श्री कृष्ण का राम रूप दर्शन - सत्य कथा

तुलसीदास जी को भगवान् श्री कृष्ण का राम रूप में दर्शन देना | श्रीकृष्ण ने हाथ में धनुष-बाण ले लिया | श्री दशरथ जी का पुत्र, परम सुंदर उपमा रहित जानकार उनसे प्रेम करता था..

भक्तमाल सुमेरु तुलसीदास जी - सत्य कथा

भक्तमाल सुमेरु श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज| वृंदावन में भंडारा | संत चरण रज ही नहीं अपितु पवित्र व्रजरज इस जूती पर लगी है | हां ! संत समाज में दास को इसी नाम से जाना जाता है..

तुलसीदास जी कुटिया पर श्री राम लक्षमण का पहरा - सत्य कथा

उन वीर पाहरेदारों की सावधानी देखकर चोर बडे प्रभावित हुए और उनके दर्शन से उनकी बुद्धि शुद्ध हो गयी।

तुलसीदास जी द्वारा श्रीराम के दर्शन का उपाय - सत्य कथा

साक्षात् भगवान् श्रीराम के दर्शन करने का उपाय | उसके लिए प्रेम और भाव चाहिए, संत की कृपा चाहिए | वह व्यक्ति तुरंत पेड़ पर चढ़कर त्रिशूलपर कूद पडा..

जब चंद देव ने लगाया गुरु रामदास को गले - सत्य कथा

जब गुरु नानक देव जी के वृद्ध पुत्र एवं 'उदासी' संप्रदाय के संस्थापक बाबा श्री चंद जी सिख संप्रदाय के चतुर्थ गुरु रामदास जी से मिलने आए ...

सुरसुरी जी के पतिव्रता धर्म की रक्षा - सत्य कथा

सुरसुरी जी के अनुपम सौन्दर्य को देखकर कुछ दुष्ट विचार वाले लोगों का मन दूषित हो गया और काम से पीड़ित होकर सुरसुरी जी के सतीत्व को नष्ट करने की ताक में रहने लगे।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP