🐅दुर्गा पूजा - Durga Puja

Durga Puja Date: Thursday, 1 January 1970
दुर्गा पूजा को माँ दुर्गा द्वारा दुष्ट राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्‍ति की खुशी में मनाया जाता है, इसलिए माँ को दुर्गतनाशिनी के रूप में पूजा जाता है।

दुर्गा पूजा को माँ दुर्गा द्वारा दुष्ट राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्‍ति की खुशी में मनाया जाता है, इसलिए माँ को दुर्गतनाशिनी (भक्तों के संरक्षक) के रूप में पूजा जाता है। बंगाल, असम और ओडिशा में पूजा को पूजो के रूप में प्रख्यातित है।

महालया से उत्सव प्रारंभ होता है, इस दिन से मूर्तियों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाता है। परंतु वास्तविक पूजो महा षष्ठी, महा सप्तमी, महा अष्टमी, महा नवमी और विजयदशमी के रूप में परिभाषित की गयी है। दशहरे के दिन माँ दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा का समापन हो जाता है।

दुर्गा पूजा महत्व बिधि
दुर्गा पूजा पाँच दिनों तक मनाया जाता है। इन पाँच दिनों को षष्ठी, महासप्तमी, महाष्टमी, महानवमी और विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है।

महा षष्ठी - दुर्गा पूजा का दिन 1
11th, अक्टूबर 2021, सोमवार
बिधि - बिल्व निमन्त्रण, कल्पारम्भ
अकाल बोधन, आमन्त्रण और अधिवास

महा सप्तमी - दुर्गा पूजा का दिन 2
12th अक्टूबर 2021, मंगलबार
बिधि - नवपत्रिका पूजा, कलाबोऊ पूजा

महा अष्टमी - दुर्गा पूजा का दिन 3
13th अक्टूबर 2021, बुधवार
बिधि - दुर्गा अष्टमी, कुमारी पूजा, सन्धि पूजा

महा नवमी - दुर्गा पूजा का दिन 4
14th अक्टूबर 2021, गुरूवार
बिधि - महा नवमी, दुर्गा बलिदान, नवमी हवन

विजयदशमी - दुर्गा पूजा का दिन 5
15th अक्टूबर 2021, शुक्रवार
बिधि - दुर्गा विसर्जन, विजयदशमी, सिंदूर खेला

संबंधित अन्य नाम
दुर्गोत्सव, अकालबोधन (दुर्गा की असामयिक जागृति), शारदीय पुजो, शारदीयोत्सव (बंगाली: देवदेवब), महा पुजो, महापूजा, मायर पुजो (मां की पूजा), दुर्गतनाशिनी, शरदोत्सव

Durga Puja in English

Durga Puja celebrates the victory of Goddess Durga over the evil demon Mahishasura therefore worshipped as Durgotinashini.

दुर्गा विसर्जन

15 October 2021
सांसारिक दृष्टि से मूर्तियों का जल में प्रवाहित सबसे उत्तम माना गया है, जिससे मूर्ति जल में घुल जाती है एवं देवताओं के ब्रह्मलीन होने की अनुभूति होती है।

बंगाल में दुर्गा विसर्जन से पहिले भक्त सिंदूर खेला उत्‍सव मनाते हैं। इस अवसर पर विवाहित महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं और शुभकामनाएं देती हैं। इस अवसर पर भक्त ढोल-मृदंग के साथ नाच-गाने के भी कार्यक्रम करते हैं।

दुर्गा पूजा का समापन दुर्गा विसर्जन के साथ होता है। दुर्गा विसर्जन, दशमी तिथि के विद्यमान रहते हुए अपराह्न अथवा प्रात:काल के समय किया जाता है।

दुर्गा पूजा मनाने वाले भक्तगण, दुर्गा विसर्जन के उपरान्त ही नौ दिनों के नवरात्रि उपवास को तोड़ते हैं। उन भक्तों के लिए दुर्गा विसर्जन के मुहूर्त का उपयोग नवरात्रि पारण के लिये भी किया जा सकता है।

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
20 October 2023 - 24 October 20238 October 2024 - 13 October 202427 September 2025 - 2 October 2025
आवृत्ति
वार्षिक
समय
6 दिन
सुरुआत तिथि
अश्विन शुक्ल षष्ठी
समाप्ति तिथि
अश्विन शुक्ल दशमी
महीना
सितंबर / अक्टूबर
प्रकार
बंगाल का सार्वजनिक अवकाश
उत्सव विधि
पंडाल, व्रत, मंत्र जाप।
महत्वपूर्ण जगह
माँ काली मंदिर, माँ काली पंडाल, कालीबाड़ी।
पिछले त्यौहार
11 October 2021 - 15 October 2021, 22 October 2020 - 26 October 2020, 3 October 2019 - 7 October 2019, 15 October 2018 - 19 October 2018
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