मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ 18 km Away From The Capital of Odisha. |
| ◉ Behind The Dhauli Shanti Stupa. |
धबलेश्वर मंदिर (Baba Dhableshwar Temple) भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। बाबा धबलेश्वर मंदिर, कटक के पास महानदी नदी के अंदर एक प्राचीन शिव मंदिर है। मंदिर शांत वातावरण में स्थित है, सभी के बीच आध्यात्मिक भावना को प्रेरित करता है।
मंदिर के पीछे पौराणिक कथा
एक बार एक चोर ने एक गांव से एक काले बैल का बछड़ा चुरा लिया और एक शिव मंदिर में भाग गया। वह बछड़े के साथ गर्भगृह में छिप गया, जबकि भीड़ मंदिर के बाहर इंतजार कर रही थी। चोर ने भगवान शिव से उन्हें भीड़ से छुड़ाने के लिए प्रार्थना की। उस पर दया करते हुए, भगवान भीड़ के सामने एक संन्यासी के रूप में प्रकट हुए और बछड़े को बाहर ले आए। बछड़ा सफेद निकला, जिसे देखकर भीड़ ने चोर को जाने दिया। संन्यासी गायब हो गया और चोर को एहसास हुआ कि उसकी सहायता के लिए कौन आया था। उसने कबूल किया और भीड़ से माफी मांगी। उन्होंने अपना शेष जीवन भगवान की सेवा में बिताने का संकल्प लिया। जिससे भगवान शिव को धबलेश्वर के नाम से भी जाना जाने लगा।
यह स्थान कटक से नौका सेवाओं द्वारा जुड़ा हुआ है और हाल ही में अठगढ़ की ओर से महानदी में एक रोपवे बनाया गया है।
त्यौहार:
कार्तिक चतुर्दशी के दौरान प्रसिद्ध 'बड़ा ओसा' यहाँ मनाया जाता है। शिवरात्रि भी बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।

बाबा धवलेश्वर मंदिर
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