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महालसा नारायणी मंदिर, मर्डोल - Mahalsa Narayani Temple, Mardol

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ यह मंदिर देवी महालासा नारायणी को समर्पित है जिन्हें मोहिनी के रूप में भी पूजा जाता है।
◉ मंदिर पारंपरिक हेमाडपंथी शैली में बना है।
◉ मंदिर के प्रवेश द्वार पर पीतल का एक विशाल दीपास्तंभ है।

मर्डोल, गोवा का महालसा नारायणी मंदिर गोवा के सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है। यह मंदिर देवी महालसा नारायणी को समर्पित है, जिन्हें महालक्ष्मी या मोहिनी का ही एक रूप माना जाता है और कई भक्त उन्हें अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। पारंपरिक रूप से भगवान विष्णु के महालसा या मोहिनी स्वरूप से जुड़ा हुआ है।

महालासा नारायणी मंदिर में दर्शन का समय
श्री महालासा नारायणी मंदिर पूरे हफ़्ते खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक है।

महालासा नारायणी मंदिर के मुख्य त्योहार
माघ यात्रा, नवरात्रि, चंपा षष्ठी, दीपोत्सव, जया पूजा, महाशिवरात्रि और रंग पंचमी महालासा नारायणी मंदिर के मुख्य त्योहार हैं।

महालासा नारायणी मंदिर कैसे पहुँचें
महालासा नारायणी मंदिर गोवा के मर्डोल में स्थित है। यह जगह सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ी हुई है और मर्डोल पणजी से लगभग 20-25 किमी दूर है। मंदिर तक पहुँचने के लिए करमाली रेलवे स्टेशन और मडगाँव जंक्शन सबसे नज़दीकी स्टेशन हैं। डाबोलिम एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है।

प्रचलित नाम: श्री महालसा नारायणी मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
6 AM - 9 PM
6:30 AM: मंगला आरती
8:15 PM – 8:30 PM: संध्या आरती
त्योहार
Navratri, Durga Puja, Shivaratri | यह भी जानें: एकादशी

महालसा नारायणी मंदिर का इतिहास और वास्तुकला

महालसा नारायणी मंदिर की मुख्य देवी श्री महालसा नारायणी हैं। इस मंदिर का इतिहास पुर्तगाली शासनकाल के दौरान गोवा के हिंदू मंदिरों के विस्थापन से गहराई से जुड़ा है। पुर्तगालियों द्वारा की जाने वाली तोड़-फोड़ और धार्मिक उत्पीड़न से देवी की रक्षा के लिए, उनकी मूर्ति को राज्य के भीतर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और अंततः मर्डोल में स्थापित किया गया।

मुख्य देवी महालसा नारायणी की चार भुजाएँ हैं, जिनमें उन्होंने त्रिशूल, तलवार, कटा हुआ सिर और अमृत का पात्र धारण किया हुआ है। उन्होंने यज्ञोपवीत (पवित्र जनेऊ) भी धारण किया है, जो पारंपरिक रूप से पुरुष देवताओं के लिए ही होता है। वह एक गिरे हुए राक्षस या पुरुष के ऊपर विजयी मुद्रा में खड़ी हैं, जबकि एक बाघ या शेर कटे हुए सिर से टपकता हुआ खून चाट रहा है।

भविष्य पुराण की कथा के अनुसार, उन्हें राहु का वध करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। अपने सामान्य स्वरूप के अलावा, सुबह जल्दी आने वाले भक्त उन्हें पवित्र शालिग्राम के रूप में भी देख सकते हैं। पूरे सप्ताह और त्योहारों के दौरान, उन्हें विभिन्न अलंकारों से सजाया जाता है, जो विष्णु और अन्य देवताओं जैसे बाल कृष्ण, राम, वेंकटेश्वर और लक्ष्मी के विभिन्न रूपों को दर्शाते हैं।

वर्तमान मंदिर परिसर का विकास बाद की सदियों में हुआ और यह गौड़ सारस्वत तथा कोंकणी हिंदू धार्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। मंदिर का पीतल या धातु का बना बड़ा दीपस्तंभ, जो त्योहारों के दौरान रोशन किया जाता है, विशेष रूप से आकर्षक है।

Mahalsa Narayani Temple, Mardol in English

The Mahalsa Narayani Temple in Mardol, Goa, is one of the state's most renowned Hindu temples. Dedicated to Goddess Mahalsa Narayani—who is considered a form of Mahalakshmi or Mohini.

जानकारियां - Information

मंत्र / प्रचलित जयकारा
जय मा
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल
समर्पित
Mata Mohini
वास्तुकला
हेमाडपंथी

क्रमवद्ध - Timeline

6 AM - 9 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Mardol Priol Goa
रेलवे 🚉
Madgaon Junction
हवा मार्ग ✈
Dabolim Airport
निर्देशांक 🌐
15.4405329°N, 73.9727179°E
महालसा नारायणी मंदिर, मर्डोल गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/mahalsa-narayani-temple-mardol

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