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Shri Nageshwar Jyotirlinga


Updated: Aug 07, 2018 06:38 AM About | Timing | Highlights | Photo Gallery | How to Reach | Comments


श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Shri Nageshwar Jyotirlinga) - Daarukavanam Gujarat - 361345

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Shri Nageshwar Jyotirlinga) the Gods of Nagas, one of the twelve Jyotirlingas of Lord Shiva in India. It is said in the Rudra Sanhita that this form of Shiv have been referred as Darulawane Nagesh. In the scriptures it is said to be the great glory to hear the story of their origin. The Shiva devotee, who hears devotional stories, receives liberation from sins, travels to divine Shiv Lokam.

Nageshwar word means, God of snakes. Snake who always move around the neck of Lord Shiv. Therefore, the temple is famous to resolve diseases related to toxins and poisons. Nageshwar lingam looks like tri-mukhi Rudraksha, established as black rounded Dwarka. One can also worship Goddess Parvati with Shiva. Temples are considered mythological importance that worshiped Lord Shiva by Lord Krishna Rudrabhishek. Adi Guru Shankaracharya established western Kalika Peeth.

Jyotirling is located on the 17 km outskirts of Dwarka Dham in Gujarat. This place is located in the pathway of Gomati Dwarka to Beyt Dwarka. Few local buse amenities are available at 7:30 AM for spiritual trip of Rukmini temple, Gopi pond and Beyt Dwarka including Nageshwar temple from Gomati Dwarka. Spiritual Scholars opinion is considered different for Nageshwar Jyotirlinga, few consider Jageshwar Mandir Almora or some believe in Purna Temple Andhra Pradesh as Jyotirlinga. Read in Hindi

वैद्यनाथं चिताभूमौ नागेशं दारुकावने।

Timings

Open / Close
6:00 AM - 12:30 PM, 5:00 - 9:30 PM
Event / Festival
Shivaratri, Shravan, Golokdham Utsav, Kartik Purnima Fair, Somnath Sthapana Divas | Read Also: शारदीय नवरात्रि 2018

About Temple in Hindi

नागेश्वर नागों के ईश्वर रूप में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह गुजरात के द्वारका धाम से 17 किलोमीटर बाहरी क्षेत्र की ओर स्थित है। यह रुद्र संहिता में इन भगवान को दारुकावने नागेशं कहा गया है। शास्त्रों में इनकी उत्पत्ति की कथा सुनने की बड़ी महिमा बताई गई है। जो शिव भक्त श्रद्धापूर्वक कथा सुनता है वह पापों से मुक्ति पाकर, दिव्य शिवलोक को गमन करता है।

नागेश्वर शब्द का अर्थ है, नागों के भगवान। नाग जो कि हमेशा भगवान शिव की गर्दन के चारों ओर कुंडली मारे पाए जाते है। इसलिए यह मंदिर विष और विष से संबंधित रोगों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। नागेश्वर शिवलिंग गोल काले पत्थर वाले द्वारका शिला से त्रि-मुखी रूद्राक्ष रूप में स्थापित है, शिवलिंग के साथ देवी पार्वती की भी उपासना की जा सकती है। मंदिर का पौराणिक महत्व माना जाता है कि भगवान कृष्ण रुद्राभिषेक के द्वारा भगवान शिव की आराधना करते थे। और बाद में आदि गुरु शंकराचार्य ने कलिका पीठ पर अपने पश्चिमी मठ की स्थापना की।

यह स्थान गोमती द्वारका से बेट द्वारका जाते रास्ते में ही स्थित है। द्वारका से सुवह 7:30 रुक्मिणी मंदिर, गोपी तालाब और बेट द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर को गुमाने वाली लोकल टूरिस्ट बस नागेश्वर मंदिर से भी होकर जातीं हैं। विद्वानों की राय इस ज्योतिर्लिंग के लिए भिन्न-भिन्न है, अतः भारत में आंध्र प्रदेश के पूर्णा के निकट और उत्तराखण्ड में अल्मोड़ा के निकट जागेश्वर शिवलिंग को नागेश्वर ज्योतिर्लिंग माना जाता रहा है।

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा

दारूका नाम की एक प्रसिद्ध राक्षसी थी, जो पार्वती जी से वरदान प्राप्त कर अहंकार में चूर रहती थी। उसका पति दरुका महान् बलशाली राक्षस था। उसने बहुत से राक्षसों को अपने साथ लेकर समाज में आतंक फैलाया हुआ था। वह यज्ञ आदि शुभ कर्मों को नष्ट करता हुआ सन्त-महात्माओं का संहार करता था। वह प्रसिद्ध धर्मनाशक राक्षस था। पश्चिम समुद्र के किनारे सभी प्रकार की सम्पदाओं से भरपूर सोलह योजन विस्तार पर उसका एक वन था, जिसमें वह निवास करता था। कथा को विस्तार मे पढ़ने के लिए क्लिक करें

Photo Gallery

Photo in Full View
Shri Nageshwar Jyotirlinga

85 m high murti

85 m high murti

Shri Nageshwar Jyotirlinga

Shri Nageshwar Jyotirlinga

Information

Mantra
जय नागेश्वर॥
Dham
Shivling with GanShri Tripur Sundari MaaShri GaneshShri Kashtabhanjan Hanuman
YagyashalaMaa TulsiPeepal Tree
Basic Services
Prasad, Drinking Water, Wheel Chairs, Lift, Shoe Store, Cloak Room, Guest Houses, Bhojanalay, Sitting Benches
Charitable Services
Sagar Darshan Atithigruh, Lilavati Atithigruh, Maheshwari Samaj Atithi Gruh, Tanna Atithigruh, Dharmashala, Sanskritik Bhavan, Swastik Plaza
Founder
Supriy
Founded
Satyug
Dedicated To
Shri Shiv
Mandir Architecture
Chalukya style
Photography
No (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)

How To Reach

How to Reach
Road: Nageshwar Road
Address
Daarukavanam Gujarat - 361345
Coordinates
22.335921°N, 69.086888°E
Shri Nageshwar Jyotirlinga on Google Map
http://www.bhaktibharat.com/mandir/nageshwar-jyotirlinga

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