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श्री बेट द्वारकाधीश मंदिर


updated: Mar 13, 2018 23:13 PM About | Timing | Highlights | Photo Gallery | Video | How to Reach | Comments


श्री बेट द्वारकाधीश मंदिर (Shri Beyt Dwarkadhish Mandir) - Beyt Dwarka, Dist- Devbhoomi Dwarka, Gujarat - 361345

श्री बेट द्वारकाधीश मंदिर (Shri Beyt Dwarkadhish Mandir) is exact residence of Lord Krishna on Dwarka island and the original idol at the temple is established by Devi Rukmani the wife of Shri Krishna. The current structure is built 500 years ago by Shri Vallabhacharya Ji. It is also believed, Shri Krishna and His friend Sudama meet this place and he gifted rice to Him. Therefore, during Dwarka visit, devotees donate rice to the Brahmins.

Bet Dwarka is considered the ancient city in Indian epic literature Mahabharata and Skanda Purana. Beyt Dwarka is also called Shankhodhar where Lord Vishnu slew the demon Shankhasura. Second thought of Shankhodhar name is due to a large source of conch shells found on this island, and Shankh is hindi name of conch shells. Read in Hindi

समय सारिणी

दर्शन समय
9:00 AM - 1:00 PM, 3:00 AM - 6:00 PM
त्यौहार
Makar Sankranti, Vasant Panchami, Shivaratri, Holi, Ram Navami, Mahavir Jayanti, Akshay Trutiya, Buddha Purnima, Rukmani Vivah, Jagannath Rathyatra, Vaman Jayanti, Guru Purnima, Raksha Bandhan, Randhan Chatth, Shitla Shatam, Janmashtami, Ganesh Chaturthi, Navratri, Vijya Dashmi, Sharad Poonam, Diwali, Tulsi Vivah | Read Also: मकर संक्रांति 2019

श्री द्वारकाधीश मंदिर, हिन्दी मे जानें

श्री बेट द्वारकाशी मंदिर, द्वारका द्वीप पर भगवान कृष्ण के निवास स्थान पर ही है, मंदिर में श्री कृष्ण की मूल मूर्ति उनकी पत्नी देवी रुक्मानी द्वारा स्थापित की गई है। मंदिर की वर्तमान संरचना 500 वर्ष पहले श्री वल्लभाचार्य जी द्वारा स्थापित की गई है। यह भी माना जाता है कि, श्री कृष्ण और उनके मित्र सुदामा इस जगह पर ही मिले थे और उन्होंने श्री कृष्ण को उपहार स्वरूप चावल भेंट किए। अतः अपनी द्वारका धाम यात्रा के दौरान, भक्तों द्वारा ब्राह्मणों को चावल दान करने की महिमा है। श्री कृष्ण सुदामा संवाद

बेट द्वारका को भारतीय महाकाव्य महाभारत और स्कंद पुराण में प्राचीन शहर माना गया है। बेट द्वारका को शंखोद्धार भी कहा जाता है। यहाँ भगवान विष्णु ने राक्षस शंखासुर को संहार किया था। शंखोद्धार नाम के पीछे का दूसरा विचार इस द्वीप पर पाए जाने वाले शंख के बड़े स्रोतों के कारण भी है।

फोटो प्रदर्शनी

Photo in Full View
Shri Beyt Dwarkadhish Mandir

Shri Beyt Dwarkadhish Mandir

जानकारियां

मंत्र
Jai Dwarkadhish
धाम
Shri Ganesh JiMaa AmbajiShri Trivikram RayjiShri Dwarkadhish Ji MaharajShri Kalyanraj JiMata LaxmiShri Goverdhan JiShri Sheshnag Avatar DaujiShri Satyanarayan BhagwanShri Shashi Gopal JiShri Laxmi NarayanShri Yugal Kishor JiMata JambavatiDevi SatyabhamaShri Garun Dev
YagyashalaMaa TulasiPeepal Tree
बुनियादी सेवाएं
Prasad, Prasad Shop, Sitting Benches, CCTV Security, Solor Panel, Washroom
धर्मार्थ सेवाएं
Bhojnalay
संस्थापक
Shri Vallabhacharya Ji(Renovation)
स्थापना
Mahabharat Period
समर्पित
Shri Krishna
फोटोग्राफी
No (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)

वीडियो प्रदर्शनी

कैसे पहुचें

कैसे पहुचें
सड़क/मार्ग: Gujarat State Highway 6 >> Okha Beyt Dwarka Ferry
रेलवे: Okha Railway Station
पता
Beyt Dwarka, Dist- Devbhoomi Dwarka, Gujarat - 361345
निर्देशांक
22.452037°N, 69.095823°E
श्री बेट द्वारकाधीश मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/dwarkadhish-mandir

अगला मंदिर दर्शन

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आरती: श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै रामचन्द्र जी की। हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥

रघुवर श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥

आरती: जय जय तुलसी माता

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता। सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥

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