राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में 500 फीट ऊंचे गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची हनुमान जी (बालाजी) की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। 369 फीट ऊंची 'विश्वास स्वरूपम' (शिव प्रतिमा) के बाद यह प्रतिमा आस्था का नया केंद्र है।
श्रीजी के हनुमान प्रतिमा की प्रमुख विशेषताएँ:
❀ यह 131 फीट (लगभग 108-131 फीट की विभिन्न रिपोर्ट) ऊंची प्रतिमा है, जो नाथद्वारा के ऊंचे गिरिराज पर्वत पर विराजमान है।
❀ यह प्रतिमा हाथ जोड़े हुए लीन मुद्रा में है।
❀ यह प्रतिमा इतनी विशाल है कि 25 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगी।
❀ हनुमान जी की इस भव्य प्रतिमा का लोकार्पण 26 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर किया जाएगा।
❀ इसे प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा बनाया गया है।
❀ भक्त पहले हनुमान जी के दर्शन करके फिर श्रीनाथजी मंदिर जाते हैं, यह एक परंपरा मानी जाती है।
यह प्रतिमा नाथद्वारा को पर्यटन और धार्मिक स्थल के रूप में और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएगी, जिससे इसे 'दूसरा चार धाम' जैसी मान्यता मिलने की दिशा में बढ़ावा मिलेगा। यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि नाथद्वारा धाम की रक्षा और ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है—जहाँ भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
श्रीजी के हनुमान प्रतिमा की दर्शन समय
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय निर्धारित है। सुबह: लगभग 6:00 AM - 12:00 PM शाम: लगभग 4:00 PM - 8:00 PM.
श्रीजी के हनुमान प्रतिमा की दर्शन परंपरा
यहां का प्रमुख त्योहार हनुमान जयंती है। अमावस्या / पूर्णिमा पर भी श्रद्धालु अधिक आते हैं। मंगलवार, शनिवार → हनुमान जी के विशेष दिन है। यहाँ की मान्यता के अनुसार: पहले हनुमान जी (श्रीजी के हनुमान) के दर्शन, फिर श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन करना शुभ माना जाता है।
श्रीजी के हनुमान प्रतिमा तक पहुँचने का पूरा मार्ग
यह पवित्र स्थल नाथद्वारा में स्थित है, जो राजसमंद जिला के अंतर्गत आता है। नाथद्वारा सड़क मार्ग से बहुत अच्छी तरह जुड़ा है। नजदीकी रेलवे स्टेशन मावली जंक्शन है। सबसे नजदीकी एयरपोर्ट: महाराणा प्रताप एयरपोर्ट (उदयपुर) है।
श्रीजी के हनुमान प्रतिमा की आध्यात्मिक महत्व:
❀ यह प्रतिमा भक्ति, शक्ति और संरक्षण का प्रतीक मानी जाती है।
❀ यहाँ के श्रीजी के हनुमान को श्रीनाथजी का रक्षक (क्षेत्रपाल) माना जाता है।
❀ श्रद्धालु मानते हैं कि यहाँ दर्शन करने से भय और बाधाएँ दूर होती हैं, मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और यात्रा मंगलमय होती है।
6 AM - 8 PM


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