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वट सावित्री व्रत २०१९


Updated: Nov 01, 2018 07:11 AM About | Dates | Hindi | Katha


आने वाले त्यौहार: 3 June 2019
हिंदू विवाहित महिलाएं जिनके पति जीवित हैं, अपने पति की लम्बी उम्र के लिए वट सावित्री व्रत को मानतीं हैं.

हिंदू विवाहित महिलाएं जिनके पति जीवित हैं, अपने पति की लम्बी उम्र के लिए वट सावित्री व्रत को मानतीं हैं. महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी भारतीय राज्यों में विवाहित महिलाएं उत्तर भारतीयों की तुलना में 15 दिन बाद समान रीति से वट सावित्री व्रत मानतीं हैं।

सावित्री व्रत कथा के अनुसार वट वृक्ष के नीचे ही सत्यभान गिरे थे, वहीं उसके मृत पति के शरीर में प्राण वापस आए थे। पुराणों के अनुसार, वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास है। इसके नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा आदि सुनने से मनोकामना पूरी होती है। भगवान बुद्ध को इसी वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। अतः वट वृक्ष को ज्ञान, निर्वाण व दीर्घायु का पूरक माना गया है।

सावित्री को भारतीय संस्कृति में आदर्श नारीत्व व सौभाय पतिव्रता के लिए ऐतिहासिक चरित्र माना जाता है। सावित्री का अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती भी होता है। वट वृक्ष का पूजन और सावित्री-सत्यवान की कथा का स्मरण करने के विधान के कारण ही यह व्रत वट सावित्री के नाम से प्रसिद्ध हुआ। महिलाएँ व्रत-पूजन कर कथा कर्म के साथ-साथ वट वृक्ष के आसपास सूत के धागे परिक्रमा के दौरान लपेटती हैं , जिसे रक्षा कहा जाता है। साथ ही पूजन के बाद अपने पति को रोली और अक्षत लगाकर चरणस्पर्श कर प्रसाद मिष्ठान वितरित करतीं हैं।

संबंधित अन्य नाम
वट सावित्री अमावस्या, बड़ अमावस, बड़ पूजन अमावस्या, वट अमावस्या
Available in English - Vat Savitri Vrat
Married Hindu women whose husbands are alive celebrate Vat Savitri Vrat to pray for their husband for a long life.

जानें वट सावित्री व्रत कथा!

भद्र देश के एक राजा थे, जिनका नाम अश्वपति था। भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान न थी। उन्होंने संतान की प्राप्ति के लिए मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिदिन एक लाख आहुतियाँ दीं। अठारह वर्षों तक यह क्रम जारी रहा। इसके बाद सावित्रीदेवी ने प्रकट होकर वर दिया कि राजन तुझे एक तेजस्वी कन्या पैदा होगी। सावित्रीदेवी की कृपा से जन्म लेने की वजह से कन्या का नाम सावित्री रखा गया। आगे पढ़े

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
22 May 202010 June 202130 May 202219 May 2023
आवृत्ति
Yearly / Annual
समय
One Day
सुरुआत तिथि
Jyeshtha Krishna Amavasya
समाप्ति तिथि
Jyeshtha Krishna Amavasya
महीना
May / June
कारण
Long life of husband,
उत्सव विधि
Fast, Dan, Puja.
पिछले त्यौहार
15 May 2018, 25 May 2017, 5 June 2016

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