पितृ पक्ष | शारदीय नवरात्रि | शरद पूर्णिमा | आज का भजन!

श्री खाटू श्याम जी आरती। (Shri Khatu Shyam Ji Ki Aarti)


ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावे, जय - जयकार करे॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम - श्याम उचरे॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत भक्त - जन, मनवांछित फल पावे॥
॥ॐ जय श्री श्याम हरे...॥

जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे॥

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

Read Also
» हाथ जोड़ विनती करू तो सुनियो चित्त लगाये!

Shri Khatu Shyam Ji Ki Aarti - Available in English

Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare। Khatu Dham Birajat, Anupam Roop Dhare॥ ॥Om

AartiShri Khatu Shyam Aarti


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

आरती: श्री विश्वकर्मा जी

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

आरती: श्री गणेश जी

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥...

आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो!

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको। दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको।...

भोग आरती: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन, भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल, रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…

आरती: श्री राणी सती दादी जी

ॐ जय श्री राणी सती माता, मैया जय राणी सती माता। अपने भक्त जनन की दूर करन विपत्ती॥ ॐ जय॥

हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे..

पूजनीय प्रभो हमारे, भाव उज्जवल कीजिये। छोड़ देवें छल कपट को, मानसिक बल दीजिये॥

श्री सत्यनारायण जी आरती

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥

आरती: श्री पार्वती माँ

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता...

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।...

आरती: श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं।...

top