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Shri Hanuman Janmotsav 2019


Updated: Mar 31, 2018 01:53 AM About | Dates | Read Also | Panchmukhi Hanuman


Upcoming Event: 9 April 2019
श्री हनुमान जन्मोत्सव (Shri Hanuman Janmotsav) is an important festival of Hindus, the Vanar Dev Ram Bhakta in India celebrated to commemorate the birth of Lord Hanuman. Shri Hanumant embodies power and energy, and magical powers and the ability to keep evil spirits Ginte worshiped as a God.

श्री हनुमान जन्मोत्सव (Shri Hanuman Janmotsav) is an important festival of Hindus, the Vanar Dev Ram Bhakta in India celebrated to commemorate the birth of Lord Hanuman. Shri Hanumant embodies power and energy, and magical powers and the ability to keep evil spirits Ginte worshiped as a God.

In various areas of the country Hanuman Jayanti is celebrated on different times, North India it is mainly celebrated on Chaitra Purnima. Read Shri Hanuman Janmotsav in Hindi

Related Name
हनुमान जयंती - Hanuman Jayanti, हनुमंत पूर्णिमा - Hanumant Purnima, Hanumanh Jayanti, Hanumath Jayanti

Shri Hanuman Janmotsav in Hindi

हनुमान जयंती हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, इसे भारत भर में वानर देवता राम भक्त हनुमान जी के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। श्री हनुमंत शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक हैं, व जादुई शक्तियों और बुरी आत्माओं को जीनते की क्षमता रखने वाले देवता के रूप मे पूजे जाते हैं। हनुमान जयंती देश के विभिन्न इलाक़ों मे अलग-अलग समय पे मनाया जाता है, उत्तर भारत ये मुख्य रूप से चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है।

About Shri Hanuman

केसरी तथा अंजना के पुत्र, हनुमानजी को महावीर, बजरंगबली, मारुती, पवनपुत्र, अंजनीपुत्र तथा केसरीनन्दन के नाम से भी जाना जाता है। श्री हनुमंत को शिवजी का रौद्र रूप भी मानते है, अतः प्रत्येक हनुमान मंदिर में शिवलिंग स्थापित की जाती है।
हनुमानजी की प्रतिमा पर लगा सिन्दूर अत्यन्त ही पवित्र होता है। भक्तगण प्रायः इस सिन्दूर का तिलक अपने मस्तक पर लगाते हैं। ऐसा माना जाता है, कि इस तिलक के मध्यम से भक्त भी हनुमानजी की कृपा से उनकी ही तरह शक्तिशाली, ऊर्जावान तथा संयमित होजाते हैं।

About Panchmukhi Hanuman

अहिरावण ने मां भवानी के लिए पाँच दीपक जलाए थे, जिन्हें पांच दिशाओं मे पांच जगह पर रखा गया था। इन पांचों दीपक को एक साथ बुझाने पर ही अहिरावन का वध हो सकता था, इस कारण हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण किया। उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख। इस रूप को धारण कर उन्होंने सभी पांचों दीप बुझाए तथा अहिरावण का वध कर श्री राम और लक्ष्मण को मुक्त कराया।

Information

Futures Dates
8 April 202027 April 2021
Frequency
Yearly / Annual
Duration
One Day
Begins (Tithi)
Chaitra Shukla Purnima
Ends (Tithi)
Chaitra Shukla Purnima
Months
March / April
Mantra
ॐ हनु हनुमते नमो नमः, श्री हनुमते नमो नमः।
Celebrations
Fast, Offer Sindoor on Shri Hanumant Lal, Host A Flag, Prayers, Bhajan / Kirtan
Imp Places
Hanuman Temple
Past Dates
31 March 2018, 11 April 2017, 22 April 2016

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