Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

मंत्र

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

Mantra

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

Mantra

अथ कीलकम्

Om Vishuddhajnanadehaya Trivedidivyachakshushe। Shreyahpraptinimittaya Namah Somardhadharine॥1॥

Mantra

श्री युगलाष्टकम् - कृष्ण प्रेममयी राधा

कृष्णप्रेममयी राधा राधाप्रेम मयो हरिः | जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम् ||

Mantra

रामरघुनाथ अष्ठकम्

दशरथनन्दन-दाशरथीघन- पूर्णचन्द्रतनु- कान्तिमयम्दि, व्यसुनयन-रण्जीतरञ्जन - रमापतिवीर-सीतानाथम्ग , हनकानने-लक्ष्मीलक्ष्मीपति- पितृसत्यधारी-सत्यसुतम्पू , र्णसत्यदेव-राघवमाधब-रामरघुनाथ-पदौभजे ॥१॥

Mantra

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

Mantra

श्री दुर्गा देवी स्तोत्रम्

श्री युधिष्ठिर विरचितं | श्रीगणेशाय नमः । श्री दुर्गायै नमः । नगरांत प्रवेशले पंडुनंदन । तो देखिले दुर्गास्थान । धर्मराज करी स्तवन । जगदंबेचे तेधवा ॥

Mantra

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

Mantra

श्री चण्डी-ध्वज स्तोत्रम्

धन राज्य सुख देने वाला माँ चण्डिका का स्तोत्र। ॐ श्रीं नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै भूत्त्यै नमो नमः । परमानन्दरुपिण्यै नित्यायै सततं नमः॥१॥

Mantra

रङ्गपुर विहार

पल्लवि: - रङ्गपुर विहार जय कोदण्ड रामावतार रघुवीर श्री | अनुपल्लवि: -अङ्गज जनक देव बृन्दावन सारङ्गेन्द्र वरद रमान्तरङ्ग

Mantra

श्री मातृ पञ्चकम्

श्री मातृ पञ्चकम्! मातः सोऽहमुपस्तितोऽस्मि पुरतः पूर्वप्रतिज्ञां स्मरन्, प्रत्यश्रावि पुराहि तेऽन्त्य समये प्राप्तुं समीपं तव ।

Mantra

दुर्गा सप्तशती देवीमयी

तव च का किल न स्तुतिरम्बिके!सकलशब्दमयी किल ते तनुः। निखिलमूर्तिषु मे भवदन्वयोमनसिजासु बहिःप्रसरासु च॥

Mantra

भोजन मन्त्र: ॐ सह नाववतु

ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्विनावधीतमस्तु।...

Mantra

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

Mantra

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥..

Mantra

मंत्र - Mantras are sounds, syllables, vibrations or group of words in Sanskrit language to obtain psychological and spiritual powers. Man means mind, and tra means vehicle or instrument: a tool to transport/transform the mind from one state to silence state. Mantras now exist in Hinduism, Buddhism, Jainism, and Sikhism, and sounds as per its existence.

ॐ (Om) is shortest and simplest one word mantra, also known as bija (seed) mantra. Like Om, Shanti Mantra and Gayatri Mantra are common and fundamental mantra for daily uses.

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP