आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में, मोरे अंगना में तोरी मढिया में, छाईं खुशियां अपरम्पार, भवानी तोरी मढिया में, आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में ॥
सदा ज्योत जगाऊँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए, नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए ॥
खेल पंडा खेल पंडा, खेल पंडा रे, घड़ी आ गई सुहानी, खेल पंडा रे
सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा ॥
तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे मन का संसा, जब ते दरसनु पाइआ ॥