हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार...
दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना ।
वो नमस्ते दुआ और, सलाम का नहीं, जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं ॥
म्हारी बिनती सुणो थे हनुमान, धरुँ मैं थारो ध्यान, बेगा सा आओ बालाजी, बेगा सा आओ बालाजी, भगतां की सुणज्यो बालाजी ॥
हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो, चरणों की सेवा कर सकूँ, प्रभु ऐसी शक्ति दो, हे राम भक्त हनुमान जी ॥