बगलामुखी, वह देवी, जिनके मुख में किसी को भी वश में करने या नियंत्रित करने की शक्ति निहित है। अतः, वे देवी की सम्मोहन शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। बगलामुखी का वर्ण (रंग) सुनहरा है और वे पीले रंग के वस्त्र धारण करती हैं। वे पीले कमलों से परिपूर्ण अमृत के सागर के मध्य स्थित एक स्वर्ण-सिंहासन पर विराजमान रहती हैं। उनके मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित है। विभिन्न ग्रंथों में इस देवी के दो स्वरूपों का वर्णन मिलता है:
द्विभुजा (दो भुजाओं वाली) और
चतुर्भुजा (चार भुजाओं वाली)। बगलामुखी को
पीताम्बरा देवी अथवा
ब्रह्मास्त्र रूपिणी के नाम से भी जाना जाता है।
आवाज़: ओ.पी.राठौड़
एल्बम: दर्शन माँ बगलामुखी यात्रा आरती और ऐतिहासिक तथ्य
लेखक, निर्देशक: संजय लगवाल
संगीत लेबल: T-Series
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