मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ गुरु शंकराचार्य द्वारा जाग्रत श्री विमलम्बा शक्ति पीठ मंदिर। |
| ◉ गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार मठों में से एक। |
श्री विमलम्बा शक्ति पीठ गोवर्धन मठ के गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिस्थापन मंदिर है। जिसे पूरी के सामान्य भक्त श्री विमला मंदिर के नाम से जानते हैं। इस स्थान पर माँ सती की नाभि का रूप में जाना जाता है। कुछ विद्वान इसको जगन्नाथपुरी में भगवान श्री जगन्नाथ जी के मंदिर के प्रांगण में स्थित भैरव जगन्नाथ को पीठ मानते हैं। जबकि कुछ विद्वान पूर्णागिरि में नाभि का निपात मानते हैं। यहाँ की शक्ति विमला तथा भैरव जगन्नाथ पुरुषोत्तम हैं।
उल्कले नाभिदेशस्तु विरजाक्षेत्रनुच्यते। विमला सा महादेवी जगन्नाथस्तु भैरवः॥ [तंत्र चूड़ामणी]
जगन्नाथ धाम, हिन्दी मे जानें!
भारत के चार धाम आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। जहाँ हर हिंदू को अपने जीवन काल मे अवश्य जाना चाहिए, जो हिंदुओं को मोक्ष प्राप्त करने में मदद करेंगे। विस्तार से जानें! भारत के चार धामों के बारे में
जगन्नाथ धाम या गोवर्धन मठ?
भारत के पूर्व दिशा में स्थित जगन्नाथ पुरी उड़ीसा राज्य में स्थित है। पुरी भार्गवी व धोदिया नदी के बीच में बसा हुआ है और बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए विश्व प्रसिद्ध है। द्वारका की तरह पुरी में शंकराचार्य मठ मंदिर के साथ-साथ जुड़ा नहीं है। गोवर्धन मठ मंदिर से कुछ दूरी पर देवी विमला मंदिर के साथ स्थित है।
आदि गुरु शंकराचार्य के अनुसार जगन्नाथ धाम को गोवर्धन मठ का नाम दिया गया है। गोवर्धन मठ के अंतर्गत दीक्षा प्राप्त करने वाले सन्यासियों के नाम के पीछे आरण्य नाम विशेषण लगाया जाता है। इस मठ का महावाक्य है प्रज्ञानं ब्रह्म तथा इसके अंतर्गत आने वाला वेद ऋग्वेद को रखा गया है। गोवर्धन मठ के प्रथम मठाधीश पद्मपाद थे। पद्मपाद जी आदि शंकराचार्य के प्रमुख चार शिष्यों में से एक थे।

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ
2012
मंदिर का प्रारंभ
20 January 2017
मंदिर प्राण प्रतिष्ठा।


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