close this ads

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ Coming Soon


updated: May 10, 2018 08:24 AM About | Timing | Highlights | History | Photo Gallery | Video | How to Reach | Comments


श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ (Shri Vimalamba Shakti Peeth) - Puri, Odisha - 752001

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ (Shri Vimalamba Shakti Peeth) pratisthit by Guru Shankaracharya of Govardhan Math.This place is known as the Mata Sati navel. Some scholars consider this as Bhairav ​​Jagannath in the courtyard of Lord Shri Jagannath Ji temple. As per some different thoughts, considered the navel composition in Puranagiri area. Shakti of this peeth is Vimala and Bhairav is ​​Jagannath Purushottam. Read in Hindi

समय सारिणी

दर्शन समय
6:00-11:30 AM, 3:00-9:00 PM
6:00 AM: Kapoor Arati
6:30 AM: Mangal Arati, Snaan, Vesh
8:00 AM: Baalbhog and Arati
11:30 AM: Madyahan Bhog and Shayan Arati
3:00 PM: Kapoor Arati
6:00 PM: Sandhya Arati
8:15 PM: Sandhya Bhog
9:00 PM: Sayan Arati
त्यौहार
Makar Sankranti, Vasant Panchami, Shivaratri, Holi, Ram Navami, Akshay Trutiya, Rukmani Vivah, Jagannath Rathyatra, Vaman Jayanti, Guru Purnima, Raksha Bandhan, Randhan Chatth, Janmashtami, Ganesh Chaturthi, Navratri, Vijya Dashmi, Sharad Poonam, Diwali, Tulsi Vivah | Read Also: मकर संक्रांति 2019

श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ! हिन्दी में

श्री विमलम्बा शक्ति पीठ गोवर्धन मठ के गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिस्थापन मंदिर है। इस स्थान पर माँ सती की नाभि का रूप में जाना जाता है। कुछ विद्वान इसको जगन्नाथपुरी में भगवान श्री जगन्नाथ जी के मंदिर के प्रांगण में स्थित भैरव जगन्नाथ को पीठ मानते हैं। जबकि कुछ विद्वान पूर्णागिरि में नाभि का निपात मानते हैं। यहाँ की शक्ति विमला तथा भैरव जगन्नाथ पुरुषोत्तम हैं।
उल्कले नाभिदेशस्तु विरजाक्षेत्रनुच्यते। विमला सा महादेवी जगन्नाथस्तु भैरवः॥ [तंत्र चूड़ामणी]

जगन्नाथ धाम, हिन्दी मे जानें

भारत के चार धाम आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। जहाँ हर हिंदू को अपने जीवन काल मे अवश्य जाना चाहिए, जो हिंदुओं को मोक्ष प्राप्त करने में मदद करेंगे। विस्तार से जानें! भारत के चार धामों के बारे में

जगन्नाथ धाम या गोवर्धन मठ?
भारत के पूर्व दिशा में स्थित जगन्नाथ पुरी उड़ीसा राज्य में स्थित है। पुरी भार्गवी व धोदिया नदी के बीच में बसा हुआ है और बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए विश्‍व प्रसिद्ध है। द्वारका की तरह पुरी में शंकराचार्य मठ मंदिर के साथ-साथ जुड़ा नहीं है। गोवर्धन मठ मंदिर से कुछ दूरी पर देवी विमला मंदिर के साथ स्थित है।

आदि गुरु शंकराचार्य के अनुसार जगन्नाथ धाम को गोवर्धन मठ का नाम दिया गया है। गोवर्धन मठ के अंतर्गत दीक्षा प्राप्त करने वाले सन्यासियों के नाम के पीछे आरण्य नाम विशेषण लगाया जाता है। इस मठ का महावाक्य है प्रज्ञानं ब्रह्म तथा इसके अंतर्गत आने वाला वेद ऋग्वेद को रखा गया है। गोवर्धन मठ के प्रथम मठाधीश पद्मपाद थे। पद्मपाद जी आदि शंकराचार्य के प्रमुख चार शिष्यों में से एक थे।

फोटो प्रदर्शनी

Photo in Full View
Shri Vimalamba Shakti Peeth

Shri Vimalamba Shakti Peeth

Shri Vimalamba Shakti Peeth

Shri Vimalamba Shakti Peeth

जानकारियां

प्रचलित नाम
श्री विमलाम्बा मंदिर, पुरी शक्ति पीठ, Shri Vimalamba Mandir, Puri Shakti Peeth
धाम
YagyashalaMaa TulasiPeepal Tree
बुनियादी सेवाएं
Prasad, Prasad Shop, Sitting Benches, CCTV Security, Solor Panel, Washroom
धर्मार्थ सेवाएं
Dharmshala, Bhojnalay
स्थापना
20 January 2017 (Magha Krishna Ashtami)
देख-रेख संस्था
Shree Govardhan Math
समर्पित
Shri Krishna
क्षेत्रफल
Height: 55 Feet
वास्तुकला
Kalinga Buddhist Architecture
फोटोग्राफी
No (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)

क्रमवद्ध

2012

Temple Initiation

20 January 2017 (Magha Krishna Ashtami)

Mandir Pran Pratishtha.

वीडियो प्रदर्शनी

कैसे पहुचें

कैसे पहुचें

रेलवे: Puri Railway Station
हवा मार्ग: Biju Patnaik International Airport
नदी: Dhaudia, Nua Nai
पता
Puri, Odisha - 752001
वेबसाइट
http://govardhanpeeth.org/
youtube
GovardhanMathPuri
facebook
govardhanpeeth
twitter
govardhanmath
google+
110981481077090461710
instagram
govardhanmathpuripeeth
निर्देशांक
19.794899°N, 85.817053°E
श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/vimalamba-shakti-peeth

अगला मंदिर दर्शन

अपने विचार यहाँ लिखें

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती: श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै रामचन्द्र जी की। हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥

रघुवर श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥

आरती: जय जय तुलसी माता

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता। सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥

^
top