Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

शकुनि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ.. (Shakuni Se Judi Kuch Informations)

शकुनि के पिता का क्या नाम था?
शकुनि के पिता का नाम राजा सुबल था।
शकुनी की माता का क्या नाम था?
शकुनि की माता का नाम सुदर्मा था।

शकुनि किस देश का राजा था?
शकुनि गांधार का राजा था जो वर्तमान मे अफगानिस्तान मैं है।

शकुनि की पत्नी का क्या नाम था?
शकुनि की पत्नी का नाम आरशी था।

शकुनि के बेटे का क्या नाम था?
शकुनि के पुत्र का नाम उलूक था।

शकुनि का वध किसने किया था?
शकुनि का वध पांडु पुत्र सहदेव ने किया था।

महाभारत के युद्ध मे शकुनी के पुत्र का वध किसने किया था?
शकुनि एवं उनके पुत्र का वध पांडु पुत्र सहदेव ने ही किया था।

युद्ध में सहदेव ने वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए शकुनि और उलूक को घायल कर दिया और देखते ही देखते उलूक का वध दिया। अपने पुत्र का शव देखकर शकुनि को बहुत दु:ख हुआ और वह युद्ध छोड़कर भागने लगा। सहदेव ने शकुनि का वध युद्ध के 18वे दिन किया था। शकुनि के अन्य भाइयों ने भी युद्ध में हिस्सा लिया था। उनका वध अर्जुन ने किया था।

Shakuni Se Judi Kuch Informations in English

What was the name of Shakuni's father, mother, wife, son? In the battle, Sahadev bravely wounded Shakuni and Uluka while fighting and killed Uluka on seeing him.
यह भी जानें

Blogs Vaidik BlogsShakuni BlogsMahabharat BlogsQnA BlogsQuestion And Answer Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

सावन शिवरात्रि 2026

आइए जानें! सावन शिवरात्रि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ एवं सम्वन्धित कुछ प्रेरक तथ्य.. | बृहस्पतिवार, 30 जुलाई 2026 से शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 तक

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

अमेरिका में कैसे मनाई जाती है जन्माष्टमी?

अमेरिका श्रीकृष्ण के मंदिरों में जन्माष्टमी के त्यौहार पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है और त्योहार का उत्सव भव्य रूप से मनाया जाता है। जन्माष्टमी उत्सव के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में मंदिर द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, पुजारियों और अन्य वक्ताओं द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जीवन से सबक सुनाया जाते हैं।

संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।

मंदिर के शिखर दर्शन का महत्व

मंदिर में दर्शन के कई नियम हैं और उनका पालन करना जरूरी है। साथ ही यह भी माना जाता है कि यदि आप किसी कारण से मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकते हैं, तो आपको बाहर से इसके शिखर के दर्शन अवश्य करने चाहिए।

अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता का क्या अर्थ है?

भगवान श्री राम के प्रिय भक्त प्रभु हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। हनुमान चालीसा की एक चौपाई भी है “अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता अस बर दीन जानकी माता”। अर्थात हनुमान जी की भक्ति से व्यक्ति के जीवन में आठ प्रकार की सिद्धियाँ और नौ प्रकार की निधियाँ प्राप्त होती हैं।

पूजा और व्रत में क्यों नहीं किया जाता प्याज और लहसुन का इस्तेमाल?

हमारे हिंदू धर्म में कई मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका हम पालन भी करते हैं। शास्त्रों के अनुसार खासतौर पर प्याज और लहसुन भगवान को चढ़ाने की मनाही है। यह जानते हुए भी कि प्याज-लहसुन गुणों की खान है, लेकिन इसके बाद भी व्रत में बनने वाले किसी भी तरह के खाने में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

Sawan 2026 - Sawan 2026
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP