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माधवाचार्य (Madhvacharya)


भक्तमाल: माधवाचार्य
वास्तविक नाम - वासुदेव
अन्य नाम - पूर्ण प्रज्ञा, आनंद तीर्थ
गुरु - अच्युत-प्रेक्षा
शिष्य - पद्मनाभ तीर्थ
आराध्य - भगवान विष्णु
जन्म- 1238 (आश्विन शुक्ल दशमी)
जन्म स्थान - उडुपी, कर्नाटक के पास पजाका
निधन: 1317, उडुपी
वैवाहिक स्थिति - अविवाहित
भाषा - कन्नड़, संस्कृत
पिता - नददन्तिलया
माता – वेदवती
संस्थापक: उडुपी श्री कृष्ण मठ, हिंदू दर्शन का द्वैत वेदांत स्कूल
माधवाचार्य एक भारतीय दार्शनिक, धर्मशास्त्री और सुधारक थे जिन्होंने हिंदू दर्शन के द्वैत वेदांत विद्यालय की स्थापना की। उन्हें भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दार्शनिकों में से एक माना जाता है। माधवाचार्य की शिक्षाएँ प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथ वेदों पर आधारित हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि केवल एक ही ईश्वर है, विष्णु, और ब्रह्मांड में बाकी सब कुछ उसकी रचना है। उन्होंने यह भी सिखाया कि आत्माएँ दो प्रकार की होती हैं, एक जो सदैव ईश्वर से बंधी रहती हैं और दूसरी जो सदैव स्वतंत्र रहती हैं। माधवाचार्य की शिक्षाओं का हिंदू विचार और व्यवहार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। उनके अनुयायी, जिन्हें माधवा के नाम से जाना जाता है, पूरे भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में पाए जाते हैं।

वह एक विपुल लेखक थे और उन्होंने दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र और तर्कशास्त्र सहित विभिन्न विषयों पर 300 से अधिक रचनाएँ लिखीं। उन्हें पूरे भारत में कई मंदिरों और मठों की स्थापना का श्रेय भी दिया जाता है।

माधवाचार्य की शिक्षाओं का आज भी अध्ययन और बहस जारी है उनकी शिक्षाओं का हिंदू विचार और व्यवहार पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

Madhvacharya in English

Madhvacharya was an Indian philosopher, theologian, and reformer who founded the Dvaita Vedanta school of Hindu philosophy.
यह भी जानें

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