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असाध्य व्याधियों/रोग के निराकरण का मार्ग! (Treat Incurable Diseases!)

असाध्य व्याधियों/रोग के निराकरण का मार्ग!
॥ अच्युताय नम:, अनन्ताय नम:, गोविन्दाय नम: ॥
इस वीडियो को सुनने के बाद आपको इस प्रश्न का उत्तर मिलेगा कि कैसे असाध्य रोगों का इलाज आधुनिक विज्ञान नहीं कर सकता है?

Treat Incurable Diseases! in English

You will find the answer of this quiestion How To Treat Incurable Diseases Which Modern Science Cannot?
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संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।

मंदिर के शिखर दर्शन का महत्व

मंदिर में दर्शन के कई नियम हैं और उनका पालन करना जरूरी है। साथ ही यह भी माना जाता है कि यदि आप किसी कारण से मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकते हैं, तो आपको बाहर से इसके शिखर के दर्शन अवश्य करने चाहिए।

अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता का क्या अर्थ है?

भगवान श्री राम के प्रिय भक्त प्रभु हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। हनुमान चालीसा की एक चौपाई भी है “अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता अस बर दीन जानकी माता”। अर्थात हनुमान जी की भक्ति से व्यक्ति के जीवन में आठ प्रकार की सिद्धियाँ और नौ प्रकार की निधियाँ प्राप्त होती हैं।

सावन शिवरात्रि 2026

आइए जानें! सावन शिवरात्रि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ एवं सम्वन्धित कुछ प्रेरक तथ्य.. | बृहस्पतिवार, 30 जुलाई 2026 से शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 तक

पूजा और व्रत में क्यों नहीं किया जाता प्याज और लहसुन का इस्तेमाल?

हमारे हिंदू धर्म में कई मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका हम पालन भी करते हैं। शास्त्रों के अनुसार खासतौर पर प्याज और लहसुन भगवान को चढ़ाने की मनाही है। यह जानते हुए भी कि प्याज-लहसुन गुणों की खान है, लेकिन इसके बाद भी व्रत में बनने वाले किसी भी तरह के खाने में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

सप्त पुरी: हिंदुओं की सात पवित्र शहर

हिंदुओं के पवित्र ग्रंथों के अनुसार भारत बर्ष मैं सप्त पुरी नामक सात पवित्र शहर हैं, प्रत्येक शहर का हिंदू देवताओं के साथ एक मजबूत संबंध है। इन सात पवित्र शहर में आपको मोक्ष प्राप्त करने के लिए जाना चाहिए।

ब्रम्हा मुहूर्त क्या होता है?

वेदों में ब्रह्म मुहूर्त को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में निद्रा त्यागने से विद्या, बुद्दि, स्वास्थ्य और बल प्राप्त होते हैं। किसी भी काम ब्रह्म मुहूर्त में शुरू करना बहुत उत्तम माना गया है।

Sawan 2026 - Sawan 2026
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